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कोटे की पांच दुकानें निलम्बित, केस दर्ज

Tue, 25 Apr 2017 10:59 PM IST
Amarujala
Amarujala Updated Tue, 25 Apr 2017 10:59 PM IST
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 सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने और लाभार्थियों को समुचित मात्रा में निर्धारित मूल्य पर राशन की उपलब्धता के लिए डीएम आशुतोष निरंजन के आदेश पर उचित दर विक्रेताओं की दुकानों का सघन निरीक्षण एवं सत्यापन कराया जा रहा है।
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प्राप्त शिकायत के आधार पर जिले की कुछ उचित दर विक्रेताओं द्वारा वितरण में की जा रही अनियमितता का संज्ञान लेते हुए गम्भीरता पूर्वक जांच की गयी, जिसमें वितरण में गम्भीर अनियमितताएं प्राप्त हुईं। जिसके आधार पर पांच दुकानों का अनुबन्ध पत्र निलम्बित करते हुए उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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जिलाधिकारी निरंजन ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर कोटेदार हनुमान प्रसाद भटवलिया, मो नियाज फिरोजपुर, उषा देवी बमडेरा, जैनब भैरमपुर, धनलाल बटौरा लोहांगी का कोटा निलम्बित किया गया है।
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इसके अतिरिक्त तहसील करनैलगंज में चालीस हजार रूपए,  तहसील सदर में दस हजार रूपए, तहसील तरबगंज में दस हजार रूपए का अर्थदण्ड भी आरोपित किया गया है। जनपद में कुल आठ उचित दर दुकानों का अनुबन्ध पत्र चालू माह की 25 तारीख तक निलंबित किया गया है तथा 02 दुकानों का अनुबन्ध पत्र निरस्त कर दिया गया है।

जिले के समस्त पूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि प्रवर्तन कार्य में तेजी लायें। यदि कोई विक्रेता मानक मात्रा से कम व अधिक मूल्य पर आवश्यक वस्तुओं का वितरण करता है, तो उसके खिलाफ मात्र निलम्बन की कार्यवाही न की जाय, बल्कि सब्सिडी दुर्विनियोग को नियंत्रित करने के लिए वसूली की भी कार्यवाही की जाय। साथ ही विके्रता के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया जाय।


जिन अपात्र व्यक्तियों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत प्रदत्त सब्सिडी का अनुचित लाभ प्राप्त कर रहें हैं उन्हें भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लागू होने की तिथि से वसूली के लिए नोटिस भेजा जाय तथा उनसे भी रिकवरी की कार्यवाही की जाय। यदि पूर्ति निरीक्षकों द्वारा उपर्युक्त कार्यों को नहीं किया जाता है तो राशन वितरण में की गयी अनियमितता के आधार पर उनके वेतन से रिकवरी की कार्यवाही की जायेगी।
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