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बिजली बिल घोटाले में एक लिपिक बर्खास्त, एक निलंबित
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2015 11:53 PM IST
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बिजली के बिलों में पांच महीने में हुए छह लाख रुपये के गबन मामले में जहां पावर कॉर्पोरेशन ने आरोपी बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया को मुकदमा दर्ज होने के बाद शनिवार को निलंबित कर दिया, वहीं ऑनलाइन बिलिंग के तहत लोगों को पेमेंट की रसीद मुहैया कराने वाली अर्ध शासकीय कंपनी ई-सुविधा के एक बाबू को बर्खास्त कर दिया।
जबकि गबन के आरोपी बाबू व व्यापारी, जिसके खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है, उसका कहीं अता-पता नहीं है। मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बताया कि विजिलेंस की रफ से रिपोर्ट दर्ज कराने के दो दिन पहले से आरोपी बाबू बगैर छुट्टी सेंक्शन कराए ही गायब है।
रविवार को गबन के इसी मामले की जांच के लिए पावर कॉर्पोरेशन से आई लखनऊ जोन में तैनात अभियंताओं की एक टीम ने पूरी रात बिलिंग के अभिलेखों का मिलान व जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट कॉर्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र व डायरेक्टर फाइनेंस एसके अग्रवाल को सौंप दी है।
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इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि बीते दिन अभियंताओं की टीम ने जो जांच यहां की, उसमें भी कई तरह की खामियां प्रकाश में आई हैं। इसके आधार पर अब केवल स्पेशल ऑडिट ही एक मात्र रास्ता बचा है, जिससे यहां बिलिंग के नाम पर हुए घोटालों की पूरी परत खुल सकती है।
वहीं, शुक्रवार देर रात पावर कॉर्पोरेशन से की गई संस्तुति के आधार पर लोगों को बिजली के बिलों की ऑनलाइन रसीद मुहैया कराने वाली कंपनी ई-सुविधा के एक बाबू प्रदीप श्रीवास्तव को भी कंपनी के डायरेक्टर मोहन ठाकुर ने निलंबित कर दिया है।
प्रदीप पर एक उपभोक्ता को वर्ष 2016 के भुगतान की रसीद मुहैया कराने का आरोप है। जबकि शनिवार को इस मामले में गबन के आरोपी पावर कॉर्पोरेशन में तैनात कामर्शियल विभाग के बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया को मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बर्खास्त कर दिया।
मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी का कहना है कि आरोपी बाबू चार दिनों से गायब है। जबकि नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शिवपती सिंह का कहना है कि गबन के आरोपी बाबू की तलाश की जा रही है।
निलंबन के बाद दूसरों को दी पटल की जिम्मेदारी
बिजली बिल घोटाले के आरोपी बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया पर दर्ज हुए मुकदमे और उनके निलंबन के बाद अब उनके कामकाज की पूरी जिम्मेदारी विभाग में ही तैनात एक अन्य बाबू दुर्गेश श्रीवास्तव को दी गई है।
दुर्गेश मौजूदा वक्त घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के बिलों की बिलिंग का काम कर रहे हैं। इस काम के साथ ही उन्हें एक अन्य दायित्व कामर्शियल बिलिंग का भी सौंपा गया है।
अब तक कब्जे में नहीं लिए गए रिकॉर्ड
कामर्शियल बिलिंग के बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया के किसी रिकॉर्ड को अभी तक पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने कब्जे में नहीं लिया है। न ही विभाग में रखी उनकी अलमारियों के ताले को खुलवाकर उसकी जांच की गई है।
हालांकि विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया के सारे अभिलेख टीम के पास हैं। जरूरत पड़ी तो उनकी अलमारी भी खुलवाकर उससे मिलने वाले अभिलेखों को कब्जे में ले लिया जाएगा।
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जबकि गबन के आरोपी बाबू व व्यापारी, जिसके खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है, उसका कहीं अता-पता नहीं है। मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बताया कि विजिलेंस की रफ से रिपोर्ट दर्ज कराने के दो दिन पहले से आरोपी बाबू बगैर छुट्टी सेंक्शन कराए ही गायब है।
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रविवार को गबन के इसी मामले की जांच के लिए पावर कॉर्पोरेशन से आई लखनऊ जोन में तैनात अभियंताओं की एक टीम ने पूरी रात बिलिंग के अभिलेखों का मिलान व जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट कॉर्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र व डायरेक्टर फाइनेंस एसके अग्रवाल को सौंप दी है।
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इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि बीते दिन अभियंताओं की टीम ने जो जांच यहां की, उसमें भी कई तरह की खामियां प्रकाश में आई हैं। इसके आधार पर अब केवल स्पेशल ऑडिट ही एक मात्र रास्ता बचा है, जिससे यहां बिलिंग के नाम पर हुए घोटालों की पूरी परत खुल सकती है।
वहीं, शुक्रवार देर रात पावर कॉर्पोरेशन से की गई संस्तुति के आधार पर लोगों को बिजली के बिलों की ऑनलाइन रसीद मुहैया कराने वाली कंपनी ई-सुविधा के एक बाबू प्रदीप श्रीवास्तव को भी कंपनी के डायरेक्टर मोहन ठाकुर ने निलंबित कर दिया है।
प्रदीप पर एक उपभोक्ता को वर्ष 2016 के भुगतान की रसीद मुहैया कराने का आरोप है। जबकि शनिवार को इस मामले में गबन के आरोपी पावर कॉर्पोरेशन में तैनात कामर्शियल विभाग के बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया को मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने बर्खास्त कर दिया।
मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी का कहना है कि आरोपी बाबू चार दिनों से गायब है। जबकि नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शिवपती सिंह का कहना है कि गबन के आरोपी बाबू की तलाश की जा रही है।
निलंबन के बाद दूसरों को दी पटल की जिम्मेदारी
बिजली बिल घोटाले के आरोपी बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया पर दर्ज हुए मुकदमे और उनके निलंबन के बाद अब उनके कामकाज की पूरी जिम्मेदारी विभाग में ही तैनात एक अन्य बाबू दुर्गेश श्रीवास्तव को दी गई है।
दुर्गेश मौजूदा वक्त घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के बिलों की बिलिंग का काम कर रहे हैं। इस काम के साथ ही उन्हें एक अन्य दायित्व कामर्शियल बिलिंग का भी सौंपा गया है।
अब तक कब्जे में नहीं लिए गए रिकॉर्ड
कामर्शियल बिलिंग के बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया के किसी रिकॉर्ड को अभी तक पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने कब्जे में नहीं लिया है। न ही विभाग में रखी उनकी अलमारियों के ताले को खुलवाकर उसकी जांच की गई है।
हालांकि विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि बाबू ज्ञानप्रकाश तातिया के सारे अभिलेख टीम के पास हैं। जरूरत पड़ी तो उनकी अलमारी भी खुलवाकर उससे मिलने वाले अभिलेखों को कब्जे में ले लिया जाएगा।