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नशे में धुत्त होकर दफ्तर पहुंचने वाला लिपिक सस्पेंड
amar ujala
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:12 PM IST
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नशे में धुत्त होकर बीएसए दफ्तर पहुंचने वाले लिपिक को सस्पेंड कर दिया गया है। दफ्तर के कंप्यूटर उपकरण को क्षतिग्रस्त करने का भी लिपिक पर आरोप लगाया गया है। सस्पेंडेंड लिपिक को नगर क्षेत्र के बीईओ दफ्तर से संबद्ध कर दिया गया है। संबद्धता अवधि में कार्य का प्रमाण पत्र देने के बाद जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने की चेतावनी दी गई है।
बीएसए रमेश यादव ने बताया कि नगर शिक्षा क्षेत्र के दफ्तर से संबद्ध कनिष्ठ सहायक भोलानाथ को नशा व अभद्रता करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। कनिष्ठ सहायक पर बिना किसी सूचना के दफ्तर से अनुपस्थित रहने, लोवर व टीशर्ट में दफ्तर आने, दफ्तर में नशा करके बैठने तथा कंप्यूटर आदि खराब करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है।
कनिष्ठ सहायक पर अनुशासनहीनता करने, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने, बिना सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने तथा सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत कार्य करने के आरोप में कार्रवाई गई है। निलंबित कर्मचारी को नगर क्षेत्र के बीईओ दफ्तर से संबद्ध कर दिया गया है।
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निलंबित लिपिक को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। बीईओ गैसड़ी हृदयशंकर लाल श्रीवास्तव को जांच अधिकारी बनाया गया है। बीईओ को 15 दिन के अंदर लिपिक को आरोप पत्र निर्गत करने तथा जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बीएसए ने उच्चाधिकारियों को भी कार्रवाई से अवगत करा दिया है।
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बीएसए रमेश यादव ने बताया कि नगर शिक्षा क्षेत्र के दफ्तर से संबद्ध कनिष्ठ सहायक भोलानाथ को नशा व अभद्रता करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। कनिष्ठ सहायक पर बिना किसी सूचना के दफ्तर से अनुपस्थित रहने, लोवर व टीशर्ट में दफ्तर आने, दफ्तर में नशा करके बैठने तथा कंप्यूटर आदि खराब करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है।
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कनिष्ठ सहायक पर अनुशासनहीनता करने, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने, बिना सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने तथा सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत कार्य करने के आरोप में कार्रवाई गई है। निलंबित कर्मचारी को नगर क्षेत्र के बीईओ दफ्तर से संबद्ध कर दिया गया है।
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निलंबित लिपिक को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। बीईओ गैसड़ी हृदयशंकर लाल श्रीवास्तव को जांच अधिकारी बनाया गया है। बीईओ को 15 दिन के अंदर लिपिक को आरोप पत्र निर्गत करने तथा जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बीएसए ने उच्चाधिकारियों को भी कार्रवाई से अवगत करा दिया है।