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विद्यालय निर्माण को भेजे 5.40 लाख रुपये हड़पे

Fri, 02 Sep 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला/ गोंडा
अमर उजाला/ गोंडा Updated Fri, 02 Sep 2016 11:44 PM IST
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cheated  5.40 lacs rupees to the school building
रुपये - फोटो : DEMO Pics
परिषदीय विद्यालयों के निर्माण के लिए धनराशि भेजे जाने को लेकर लापरवाही सामने आई है। यहां एक ही विद्यालय के निर्माण के लिए एक ही राशि का दो बार आवंटन कर दिया गया। स्कूल निर्माण के लिए दो किस्तों में भेजे गए 10.80 लाख रुपये में से आधी राशि तो विद्यालय निर्माण में खर्च हो गई, जबकि दूसरी बार भेजी गई 5.40 लाख की राशि का गबन कर लिया गया। शिकायत मिलने के बाद जिला समन्वयक निर्माण ने जब इसकी जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। बीएसए ने इस गबन के मामले को लेकर बीईओ व निर्माण प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। 
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वित्तीय वर्ष 2007-08 में विकास खंड रुपईडीह में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरहरिया के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। इस विद्यालय के निर्माण के लिए 5.40 लाख रुपये की राशि का आवंटन किया गया था। राशि ग्राम प्रधान व शिक्षक के संयुक्त खाते में भेजी गई थी।
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विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक प्रताप नरायन मिश्रा को इस विद्यालय का निर्माण प्रभारी बनाया गया था। लेकिन विद्यालय के निर्माणाधीन रहने के दौरान ही इस विद्यालय के निर्माण प्रभारी को बदलकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय खरगूपुर में तैनात शिक्षक सूर्य नरायन मिश्र को निर्माण प्रभारी बना दिया गया।
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इसके बाद बिना जांच पड़ताल कराए ही सर्व शिक्षा अभियान से विद्यालय के ग्राम शिक्षा निधि के खाते में दूसरी बार 5.40 रुपये की राशि भेज दी गई। दूसरी बार भेजी गई इस धनराशि को निर्माण प्रभारी ने निकालकर गबन कर लिया।

खरगूपुर बाजार के रहने वाले प्रदीप चंद्रा ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की। इस शिकायत पर इस प्रकरण की जांच जिला समन्वयक निर्माण विद्याभूषण मिश्रा को सौंपी गई थी। निर्माण समन्वयक की जांच में शिकायत सही मिलने पर बेसिक शिक्षा महकमे में खलबली मच गई है।


इस गबन का खुलासा होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी अपना दामन बचाने में जुट गए है। इस संबंध में बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। चूक कहां से हुई, इसकी जांच को लेकर रुपईडीह के खंड शिक्षा अधिकारी व वहां के शिक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। फिलहाल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विद्यालय का निर्माण कराने वाले शिक्षक की पेंशन को रोक दी गई है।
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