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माइक्रोप्लान न तैयार करने पर कमेश्निर ने लगाई फटकार
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:47 PM IST
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माइक्रोप्लान न तैयार करने पर भड़के कमिश्नर, बैठक निरस्त
मंडल के सभी सीएमओ को जमकर फटकारा
26 अगस्त को पूरी तैयारी के साथ आने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। मण्डलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिना माइक्रोप्लान बनाए समीक्षा बैठक में आने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए बैठक स्थगित कर दी और 26 अगस्त को पूरे माइक्रोप्लान के साथ आने की चेतावनी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी है।
मंगलवार को मण्डलायुक्त ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए मण्डल के जनपदों के सीएमओ व आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग शुरू होते ही कमिश्नर ने पूर्व निर्देशों के अनुपालन की पड़ताल की तो पता चला कि किसी भी जिले के सीएमओ द्वारा पूर्ण माइक्रोप्लान नहीं तैयार किया गया है। इससे नाराज मण्डलायुक्त ने चारों जिलों के सीएमओ को जमकर फटकार लगाते हुए बैठक निरस्त कर दी और 26 अगस्त को पूर्ण माइक्रोप्लान के साथ बैठक में आने की नसीहत दी है। बैठक के दौरान मण्डलायुक्त ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अन्तिम चेतावनी देते हुए निर्देश कि चार दिनों के भीतर सभी जिलों के अपडेटेड माइक्रोप्लान उन्हें मिल जाएं अन्यथा अब सीधे सीएमओ के खिलाफ कार्यवाही होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग न करने वाले जिला स्तरीय अधिकारी की शिकायत सीधे उनसे की जाए तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों में ठीक से काम न करने वाली आशाओं का चिन्हीकरण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी में जरूर भेजा जाए। समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि एएनएम सेन्टरों पर संस्थागत प्रसव पूरे मंडल में अपेक्षाकृत कम हो रहे हैं। अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से सटे एवं पिछड़े जनपद श्रावस्ती एवं बलरामपुर में परिवार नियोजन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत जनपद गोंडा व श्रावस्ती में शत-प्रतिशत भुगतान न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ गोंडा व श्रावस्ती को फटकार लगाई है। इसके अलावा मण्डल के जनपदों में प्राइवेट हॉस्पिटलों द्वारा कराए गए रिन्यूवल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में मण्डलायुक्त ने नियमित टीकाकरण, वीएचएनडी, संस्थगत प्रसव, नसबन्दी, स्वास्थ्य उप केन्द्रों की स्थिति, एमसीटीएस रिपोर्टिंग, मिशन इन्द्रधनुष सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिन्दुवार गहन समीक्षा की।
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मंडल के सभी सीएमओ को जमकर फटकारा
26 अगस्त को पूरी तैयारी के साथ आने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। मण्डलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिना माइक्रोप्लान बनाए समीक्षा बैठक में आने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए बैठक स्थगित कर दी और 26 अगस्त को पूरे माइक्रोप्लान के साथ आने की चेतावनी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी है।
मंगलवार को मण्डलायुक्त ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए मण्डल के जनपदों के सीएमओ व आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग शुरू होते ही कमिश्नर ने पूर्व निर्देशों के अनुपालन की पड़ताल की तो पता चला कि किसी भी जिले के सीएमओ द्वारा पूर्ण माइक्रोप्लान नहीं तैयार किया गया है। इससे नाराज मण्डलायुक्त ने चारों जिलों के सीएमओ को जमकर फटकार लगाते हुए बैठक निरस्त कर दी और 26 अगस्त को पूर्ण माइक्रोप्लान के साथ बैठक में आने की नसीहत दी है। बैठक के दौरान मण्डलायुक्त ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अन्तिम चेतावनी देते हुए निर्देश कि चार दिनों के भीतर सभी जिलों के अपडेटेड माइक्रोप्लान उन्हें मिल जाएं अन्यथा अब सीधे सीएमओ के खिलाफ कार्यवाही होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग न करने वाले जिला स्तरीय अधिकारी की शिकायत सीधे उनसे की जाए तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों में ठीक से काम न करने वाली आशाओं का चिन्हीकरण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी में जरूर भेजा जाए। समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि एएनएम सेन्टरों पर संस्थागत प्रसव पूरे मंडल में अपेक्षाकृत कम हो रहे हैं। अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से सटे एवं पिछड़े जनपद श्रावस्ती एवं बलरामपुर में परिवार नियोजन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत जनपद गोंडा व श्रावस्ती में शत-प्रतिशत भुगतान न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ गोंडा व श्रावस्ती को फटकार लगाई है। इसके अलावा मण्डल के जनपदों में प्राइवेट हॉस्पिटलों द्वारा कराए गए रिन्यूवल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में मण्डलायुक्त ने नियमित टीकाकरण, वीएचएनडी, संस्थगत प्रसव, नसबन्दी, स्वास्थ्य उप केन्द्रों की स्थिति, एमसीटीएस रिपोर्टिंग, मिशन इन्द्रधनुष सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिन्दुवार गहन समीक्षा की।
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