{"_id":"591dd5e64f1c1bf25df227c3","slug":"56-lakhs-frauds-by-slaughter","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालबत्ती व नौकरी का झांसा देकर 56 लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लालबत्ती व नौकरी का झांसा देकर 56 लाख की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा सरकार में लालबत्ती व कई अन्य को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित सपा नेता ने अपनी ही पार्टी की महिला पदाधिकारी से 56 लाख रुपये हड़प लिए। काम न होने पर पीड़िता ने जब पैसे वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपी मकान बेचकर फरार हो गया।
पीड़िता ने एसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। समाजवादी पार्टी महिला सभा की प्रदेश सचिव रीता आर्य निवासी मोहल्ला टीचर कॉलोनी स्याना बुलंदशहर ने गुरुवार को एसपी अभिषेक सिंह को शिकायती पत्र दिया।
इसमें कहा कि 2013 में बलरामपुर नगर के मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी एक कथित सपा नेता से लखनऊ में मुलाकात हुई थी। उसने खुद को सपा के दो कद्दावर नेता व एक बड़ी महिला नेता का करीबी बताया।
विज्ञापन
झांसे में लेकर सपा सरकार में लालबत्ती व करीब 30 लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने 56 लाख रुपये ले लिए। कुछ समय बाद जब रीता को न लालबत्ती मिली और न ही उनके परिचितों को नौकरी तो वह आरोपी पर पैसे वापस दिलाने का दबाव बनाने लगी।
काफी दबाव के बाद आरोपी ने करीब 15 लाख रुपये लौटा दिए और बाकी पैसा ब्याज सहित वापस करने का झांसा देता रहा। बीते 15 मई को आरोपी ने पैसों के लिए रीता को बलरामपुर बुलाया।
रीता बलरामपुर पहुंची तो आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया। उसके घर पहुंचने पर रीता को पता चला कि आरोपी मकान बेचकर फरार हो गया। रीता आरोपी के पैतृक गांव मुड़िला नौबस्ता पहुंची तो वहां लोगों ने बताया कि वह जालसाज व्यक्ति है और अब गांव में नहीं रहता।
इसके बाद रीता ने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। आरोप के संबंध में जब आरोपी का पक्ष लेने की कोशिश की गई तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला।
करीब दो वर्ष पूर्व कथित सपा नेता ने बलरामपुर देहात थाने में खुद के साथ हुई लूट व अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मामला फर्जी है। पुलिस ने उसके द्वारा दर्ज कराया मुकदमा ही स्पंज कर दिया था।
विज्ञापन
पीड़िता ने एसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। समाजवादी पार्टी महिला सभा की प्रदेश सचिव रीता आर्य निवासी मोहल्ला टीचर कॉलोनी स्याना बुलंदशहर ने गुरुवार को एसपी अभिषेक सिंह को शिकायती पत्र दिया।
विज्ञापन
इसमें कहा कि 2013 में बलरामपुर नगर के मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी एक कथित सपा नेता से लखनऊ में मुलाकात हुई थी। उसने खुद को सपा के दो कद्दावर नेता व एक बड़ी महिला नेता का करीबी बताया।
विज्ञापन
झांसे में लेकर सपा सरकार में लालबत्ती व करीब 30 लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने 56 लाख रुपये ले लिए। कुछ समय बाद जब रीता को न लालबत्ती मिली और न ही उनके परिचितों को नौकरी तो वह आरोपी पर पैसे वापस दिलाने का दबाव बनाने लगी।
काफी दबाव के बाद आरोपी ने करीब 15 लाख रुपये लौटा दिए और बाकी पैसा ब्याज सहित वापस करने का झांसा देता रहा। बीते 15 मई को आरोपी ने पैसों के लिए रीता को बलरामपुर बुलाया।
रीता बलरामपुर पहुंची तो आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया। उसके घर पहुंचने पर रीता को पता चला कि आरोपी मकान बेचकर फरार हो गया। रीता आरोपी के पैतृक गांव मुड़िला नौबस्ता पहुंची तो वहां लोगों ने बताया कि वह जालसाज व्यक्ति है और अब गांव में नहीं रहता।
इसके बाद रीता ने एसपी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। आरोप के संबंध में जब आरोपी का पक्ष लेने की कोशिश की गई तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला।
करीब दो वर्ष पूर्व कथित सपा नेता ने बलरामपुर देहात थाने में खुद के साथ हुई लूट व अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मामला फर्जी है। पुलिस ने उसके द्वारा दर्ज कराया मुकदमा ही स्पंज कर दिया था।