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31 मार्च को खत्म हो गया कार्यकाल फिर भी पुराने ठेकेदार करते रहे ढुलाई
Updated Sun, 10 Jun 2018 11:04 PM IST
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समय खत्म होने के बाद भी पुराने ठेकेदार करते रहे ढुलाई
गोंडा। अनाज घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी है। इसमें कई स्तर पर मिलीभगत निकलकर सामने आ रही है। जिसमें लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका भी है। इसकी मियाद 31 मार्च 2018 को खत्म हो गई लेकिन उसे हर माह एक-एक माह के लिए बढ़ाया जाता रहा है।
लोडिंग-अनलोडिंग का नया ठेका न होने के कारण ढुलाई का जिम्मा उठाने वाले ठेकेदार व लगे वाहन तथा चालक भी इस घोटाले के सूत्रधार हैं।
वर्ष 2016 में नई पालिसी आई कि ढुलाई का ठेका दो साल का होगा। इसमें अधिकारियों ने लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका कई फर्मों को दे दिया लेकिन सभी का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया।
दो साल पूरा होने के बाद एक अप्रैल से नया टेंडर होना था लेकिन ठेकेदारों की मिलीभगत से ढुुलाई का नया ठेेका नहीं । लिहाजा पुराने ठेकेदारों से ही काम लिया जा रहा था और पुराने ठेकेेदारों के वाहन ट्रकों से ही माल की ढुलाई होती रही।
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जिससे ट्रक चालकों व पुराने ठेकेदारों के ट्रक सरकारी गोदाम में न जाकर निजी गोदाम में माल उतारते रहे। प्रशासन व शासन ने ऐसे ठेकेदारों की फर्मों पर अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है।
पहले एसएफसी एक साल का करती थी टेंडर
वर्ष 2016 के पहले स्टेट फूड कॉर्पोरेशन की ओर से एक साल का ठेका दिया जाता रहा जिससे लोडिंग व अनलोडिंग का कार्य होता रहा लेकिन इसका नियंत्रण जिला पूर्ति कार्यालय के हाथ में होता था।
अब यह खाद्य एवं विपणन विभाग टेंडर निकालता है। 2016 में स्टेट पूल को खत्म कर सेंटर पूल में आपूर्ति का नियम होने के बाद संभागीय खाद्य एवं विपणन विभाग द्वारा कई फर्मों को ठेका दिया गया था। इनमें कई ऐसी फर्में हैं जो पहले भी ठेका हथिया चुकी हैं।
18 जून को आमंत्रित होगा टेंडर
अनाज की ढुलाई के लिए शासन ने पहले 12 जून को ढुलाई का टेंडर आमंत्रित करने का निर्णय किया था, लेकिन उसकी डेट बढ़ाकर 18 जून कर दी गई है। ढुलाई में लगी फर्मों का कार्यकाल एक-एक माह बढ़ाकर अंतिम तिथि 20 जून तक कर दी गई है।
ऐसे में 21 जून को नई फर्मों को ठेका मिलने के आसार है। यदि पुराने खिलाड़ी ठेकेदारों का दांव चला तो उन्हें यह ठेका हथियाने में देर नहीं लगेगी और पहले की तरह यह घोटाले कराने से बाज नहीं आएंगे।
ऑनलाइन होगा टेंडर
जिले भर में अनाज ढुलाई के लिए 18 जून को आन लाइन टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इसमें इ-टेंडरिंग के माध्यम से किसका चयन होगा यह शासन स्तर से तय होगा। पहले से जो फर्में काम कर रही हैं यदि वे दोषी मिलेंगी तो उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा।
-केके सिंह, संभागीय खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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गोंडा। अनाज घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी है। इसमें कई स्तर पर मिलीभगत निकलकर सामने आ रही है। जिसमें लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका भी है। इसकी मियाद 31 मार्च 2018 को खत्म हो गई लेकिन उसे हर माह एक-एक माह के लिए बढ़ाया जाता रहा है।
लोडिंग-अनलोडिंग का नया ठेका न होने के कारण ढुलाई का जिम्मा उठाने वाले ठेकेदार व लगे वाहन तथा चालक भी इस घोटाले के सूत्रधार हैं।
वर्ष 2016 में नई पालिसी आई कि ढुलाई का ठेका दो साल का होगा। इसमें अधिकारियों ने लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका कई फर्मों को दे दिया लेकिन सभी का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया।
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दो साल पूरा होने के बाद एक अप्रैल से नया टेंडर होना था लेकिन ठेकेदारों की मिलीभगत से ढुुलाई का नया ठेेका नहीं । लिहाजा पुराने ठेकेदारों से ही काम लिया जा रहा था और पुराने ठेकेेदारों के वाहन ट्रकों से ही माल की ढुलाई होती रही।
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जिससे ट्रक चालकों व पुराने ठेकेदारों के ट्रक सरकारी गोदाम में न जाकर निजी गोदाम में माल उतारते रहे। प्रशासन व शासन ने ऐसे ठेकेदारों की फर्मों पर अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है।
पहले एसएफसी एक साल का करती थी टेंडर
वर्ष 2016 के पहले स्टेट फूड कॉर्पोरेशन की ओर से एक साल का ठेका दिया जाता रहा जिससे लोडिंग व अनलोडिंग का कार्य होता रहा लेकिन इसका नियंत्रण जिला पूर्ति कार्यालय के हाथ में होता था।
अब यह खाद्य एवं विपणन विभाग टेंडर निकालता है। 2016 में स्टेट पूल को खत्म कर सेंटर पूल में आपूर्ति का नियम होने के बाद संभागीय खाद्य एवं विपणन विभाग द्वारा कई फर्मों को ठेका दिया गया था। इनमें कई ऐसी फर्में हैं जो पहले भी ठेका हथिया चुकी हैं।
18 जून को आमंत्रित होगा टेंडर
अनाज की ढुलाई के लिए शासन ने पहले 12 जून को ढुलाई का टेंडर आमंत्रित करने का निर्णय किया था, लेकिन उसकी डेट बढ़ाकर 18 जून कर दी गई है। ढुलाई में लगी फर्मों का कार्यकाल एक-एक माह बढ़ाकर अंतिम तिथि 20 जून तक कर दी गई है।
ऐसे में 21 जून को नई फर्मों को ठेका मिलने के आसार है। यदि पुराने खिलाड़ी ठेकेदारों का दांव चला तो उन्हें यह ठेका हथियाने में देर नहीं लगेगी और पहले की तरह यह घोटाले कराने से बाज नहीं आएंगे।
ऑनलाइन होगा टेंडर
जिले भर में अनाज ढुलाई के लिए 18 जून को आन लाइन टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इसमें इ-टेंडरिंग के माध्यम से किसका चयन होगा यह शासन स्तर से तय होगा। पहले से जो फर्में काम कर रही हैं यदि वे दोषी मिलेंगी तो उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा।
-केके सिंह, संभागीय खाद्य एवं विपणन अधिकारी