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किशोरी को नशीला पदार्थ खिलाकर किया दुराचार
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:01 PM IST
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इधर उधर दौड़ाते रहे डॉक्टर, रेप पीड़िता किशोरी की मौत
बालपुर। नये साल के पहले दिन ही डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने एक रेप पीड़िता किशोरी की जान ले ली। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव का है। यहां के निवासी युवक ने गांव की रहने वाली एक किशोरी को रविवार रात नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। हालत बिगड़ने पर युवक उसे छोड़कर भाग निकला।
युवक का चाचा सोमवार सुबह खून से लथपथ किशोरी को उसके घर छोड़ कर चला गया। जिसके बाद बेटी को लेकर उसका पिता इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटता रहा मगर धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टर इलाज करने के बजाय उसे जिला अस्पताल से जिला महिला अस्पताल के बीच में दौड़ाते रहे। इलाज के अभाव में किशोरी ने दोपहर में दम तोड़ दिया। इस मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी युवक के खिलाफ कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी चरमरा गई है। इसका नमूना सोमवार को मिला। एक रेप पीड़िता किशोरी का बाप उसके इलाज गिड़गिड़ाता रहा लेकिन संवेदनहीन डॉक्टर उसे जिला अस्पताल से महिला अस्पताल टरकाते रहे।
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नतीजा अधिक ब्लीडिंग के कारण किशोरी ने दम तोड़ दिया। दरअसल कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीया किशोरी को उसके गांव का रहने वाला एक युवक रविवार शाम को बहला फुसलाकर अपने साथ लेकर गया था। वहां उसने किशोरी को नशीली दवाई खिला दी।
दवा खिलाने के बाद युवक किशोरी के साथ पूरी रात दुष्कर्म करता रहा। हालत बिगड़ने पर वह किशोरी को छोड़कर भाग निकला। सोमवार सुबह आरोपी युवक का चाचा किशोरी को खून से लथपथ हालत में उसके घर छोड़कर चलता बना। बेटी की दशा देख बदहवाश पिता उसे इलाज के लिए लेकर अस्पताल की तरफ भागा।
किशोरी के पिता का कहना है कि वह अपनी बेटी को लेकर महिला अस्पताल पहुंचा तो वहां तैनात डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा। जब वह अपनी बेटी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो वहां के डॉक्टरों ने भी उसे महिला अस्पताल ले जाने की नसीहत देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों के इस व्यवहार से लाचार पिता जिंदगी और मौत के बीच झूल रही अपनी बेटी को लेकर अस्पतालों के चक्कर काटता रहा लेकिन उसे इलाज नही मिल सका। इलाज के अभाव में दोपहर बाद किशोरी ने दम तोड दिया।
इस मामले में किशोरी के पिता ने कोतवाली देहात में रामकृपाल सिंह के खिलाफ धमकी, अपहरण, नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने व पाक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात सुनील कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
आरोपी की तलाश की जा रही है। वहंी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने गांव में पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। एसपी ने अरोपी की गिरफ्तारी के कोतवाल देहात को निर्देश दिए हैं।
अस्पताल लाए जाने के बाद किशोरी का समय पर इलाज शुरु कर दिया गया था। गंभीर हालत होने की वजह से उसे बचाया नही जा सका। इलाज में लापरवाही का आरोप निराधार है।
डॉ अरुण लाल, सीएमएस, महिला अस्पताल
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बालपुर। नये साल के पहले दिन ही डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने एक रेप पीड़िता किशोरी की जान ले ली। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव का है। यहां के निवासी युवक ने गांव की रहने वाली एक किशोरी को रविवार रात नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। हालत बिगड़ने पर युवक उसे छोड़कर भाग निकला।
युवक का चाचा सोमवार सुबह खून से लथपथ किशोरी को उसके घर छोड़ कर चला गया। जिसके बाद बेटी को लेकर उसका पिता इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटता रहा मगर धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टर इलाज करने के बजाय उसे जिला अस्पताल से जिला महिला अस्पताल के बीच में दौड़ाते रहे। इलाज के अभाव में किशोरी ने दोपहर में दम तोड़ दिया। इस मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी युवक के खिलाफ कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी चरमरा गई है। इसका नमूना सोमवार को मिला। एक रेप पीड़िता किशोरी का बाप उसके इलाज गिड़गिड़ाता रहा लेकिन संवेदनहीन डॉक्टर उसे जिला अस्पताल से महिला अस्पताल टरकाते रहे।
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नतीजा अधिक ब्लीडिंग के कारण किशोरी ने दम तोड़ दिया। दरअसल कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीया किशोरी को उसके गांव का रहने वाला एक युवक रविवार शाम को बहला फुसलाकर अपने साथ लेकर गया था। वहां उसने किशोरी को नशीली दवाई खिला दी।
दवा खिलाने के बाद युवक किशोरी के साथ पूरी रात दुष्कर्म करता रहा। हालत बिगड़ने पर वह किशोरी को छोड़कर भाग निकला। सोमवार सुबह आरोपी युवक का चाचा किशोरी को खून से लथपथ हालत में उसके घर छोड़कर चलता बना। बेटी की दशा देख बदहवाश पिता उसे इलाज के लिए लेकर अस्पताल की तरफ भागा।
किशोरी के पिता का कहना है कि वह अपनी बेटी को लेकर महिला अस्पताल पहुंचा तो वहां तैनात डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा। जब वह अपनी बेटी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो वहां के डॉक्टरों ने भी उसे महिला अस्पताल ले जाने की नसीहत देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों के इस व्यवहार से लाचार पिता जिंदगी और मौत के बीच झूल रही अपनी बेटी को लेकर अस्पतालों के चक्कर काटता रहा लेकिन उसे इलाज नही मिल सका। इलाज के अभाव में दोपहर बाद किशोरी ने दम तोड दिया।
इस मामले में किशोरी के पिता ने कोतवाली देहात में रामकृपाल सिंह के खिलाफ धमकी, अपहरण, नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने व पाक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात सुनील कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
आरोपी की तलाश की जा रही है। वहंी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने गांव में पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। एसपी ने अरोपी की गिरफ्तारी के कोतवाल देहात को निर्देश दिए हैं।
अस्पताल लाए जाने के बाद किशोरी का समय पर इलाज शुरु कर दिया गया था। गंभीर हालत होने की वजह से उसे बचाया नही जा सका। इलाज में लापरवाही का आरोप निराधार है।
डॉ अरुण लाल, सीएमएस, महिला अस्पताल