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एलटी लाइन में उतरा 11 हजार वोल्ट का करंट, एक की मौत
amar ujala
Updated Sat, 01 Jul 2017 09:36 PM IST
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आजाद नगर बाजार में जैसे ही फुंके हुए ट्रांसफार्मर को बदलकर दूसरे ट्रांसफार्मर से बिजली चालू की गई। वैसे ही ट्रांसफार्मर से होकर लोगों के घरों में जाने वाली सप्लाई एलटी से एचटी में बदल गई और लोगों के घरों में लगे बिजली उपकरण धू-धू कर जल उठे।
इसी बीच चिरेबसना गांव के नजदीक बकरी चरा रहे एक ग्रामीण पर एलटी लाइन का तार गिर पड़ा। जिससे झुलस कर ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। मौत से गुस्साए लोगों ने शव को लाकर गोंडा-बेलसर रोड पर रख दिया और पूरी सड़क जाम कर दी। जिससे डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जिसे बाद में मौके पर पहुंचे तरबगंज के एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर बहाल करवाया।
गोंडा से बेलसर जाने वाली रोड पर एक बाजार पड़ता है आजाद नगर। इस बाजार में पावर कारपोरेशन के 60 से ऊपर बिजली उपभोक्ता हैं। पिछले तीन दिनों से यहां का ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा था। जिसे शनिवार को ही बदला गया। लेकिन फुंके ट्रांसफार्मर की जगह दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर जैसे ही यहां की बिजली चालू की गई। वैसे ही लोगों के घरों में ट्रांसफार्मर से होकर जाने वाली एलटी (लो टेंशन 440 वोल्ट) की सप्लाई ट्रांसफार्मर में आई किसी तकनीकी खराबी से बजाए एलटी (लो टेंशन 440 वोल्ट) के एचटी (11 हजार वोल्ट) हो गई।
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जिससे एक-एक कर आजादनगर बाजार में रहने वाले सत्यपाल, धर्मपाल, सरजू प्रसाद पाण्डेय, परसुराम तिवारी, सहदेव गुप्ता, गोविंद मिस्त्री के घरों में लगे बिजली उपकरण व बिजली के तार धू-धू कर जल उठे और गल-गल कर गिरने लगे। उधर इसी आजाद नगर बाजार में लगे ट्रांसफार्मर से बिजली की सप्लाई चिरेबसना गांव को भी जाती है।
जहां बिजली पहुंचती, इससे पहले ही बीच रास्ते बिजली के तार जर्जर होने के कारण तार टूटकर वहीं पर बकरी चरा रहे चिरेबसना गांव के रहने वाले दूधनाथ पर गिर पड़ा। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आनन-फानन में उसके साथ बकरी चरा रहे लोगों ने लाठी से उसे तारों से निकालने की भी कोशिश की। लेकिन उसकी जान नहीं बची।
दूधनाथ की मौत से गुस्साए लोगों ने उसका शव लाकर गोंडा-बेलसर बीच पर रख दिया और सड़क जाम कर दी। लोगों का कहना था कि पूरी घटना पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों की लापरवाही से हुई है। आजाद नगर बाजार से चिरेबसना गांव को जाने वाली लाइन अगर जर्जर न होती तो शायद दूधनाथ की जान बच सकती थी।
वहीं ट्रांसफार्मर से एलटी के बजाए एचटी लाइन का करंट लोगों के घरों में कैसे पहुंचा। इसकी भी जांच होनी चाहिए। डेढ़ घंटे तक लोग बीच सड़क पर शव रखकर नारेबाजी करते रहे। पता चलने पर एसडीएम उमेश के साथ इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची और उसने नाराज लोगों को समझाबुझाकर जैसे-तैसे कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और रोड जाम खुलावाया। तब जाकर कहीं यातायात बहाल हुआ।
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इसी बीच चिरेबसना गांव के नजदीक बकरी चरा रहे एक ग्रामीण पर एलटी लाइन का तार गिर पड़ा। जिससे झुलस कर ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। मौत से गुस्साए लोगों ने शव को लाकर गोंडा-बेलसर रोड पर रख दिया और पूरी सड़क जाम कर दी। जिससे डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जिसे बाद में मौके पर पहुंचे तरबगंज के एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर बहाल करवाया।
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गोंडा से बेलसर जाने वाली रोड पर एक बाजार पड़ता है आजाद नगर। इस बाजार में पावर कारपोरेशन के 60 से ऊपर बिजली उपभोक्ता हैं। पिछले तीन दिनों से यहां का ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा था। जिसे शनिवार को ही बदला गया। लेकिन फुंके ट्रांसफार्मर की जगह दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर जैसे ही यहां की बिजली चालू की गई। वैसे ही लोगों के घरों में ट्रांसफार्मर से होकर जाने वाली एलटी (लो टेंशन 440 वोल्ट) की सप्लाई ट्रांसफार्मर में आई किसी तकनीकी खराबी से बजाए एलटी (लो टेंशन 440 वोल्ट) के एचटी (11 हजार वोल्ट) हो गई।
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जिससे एक-एक कर आजादनगर बाजार में रहने वाले सत्यपाल, धर्मपाल, सरजू प्रसाद पाण्डेय, परसुराम तिवारी, सहदेव गुप्ता, गोविंद मिस्त्री के घरों में लगे बिजली उपकरण व बिजली के तार धू-धू कर जल उठे और गल-गल कर गिरने लगे। उधर इसी आजाद नगर बाजार में लगे ट्रांसफार्मर से बिजली की सप्लाई चिरेबसना गांव को भी जाती है।
जहां बिजली पहुंचती, इससे पहले ही बीच रास्ते बिजली के तार जर्जर होने के कारण तार टूटकर वहीं पर बकरी चरा रहे चिरेबसना गांव के रहने वाले दूधनाथ पर गिर पड़ा। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आनन-फानन में उसके साथ बकरी चरा रहे लोगों ने लाठी से उसे तारों से निकालने की भी कोशिश की। लेकिन उसकी जान नहीं बची।
दूधनाथ की मौत से गुस्साए लोगों ने उसका शव लाकर गोंडा-बेलसर बीच पर रख दिया और सड़क जाम कर दी। लोगों का कहना था कि पूरी घटना पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों की लापरवाही से हुई है। आजाद नगर बाजार से चिरेबसना गांव को जाने वाली लाइन अगर जर्जर न होती तो शायद दूधनाथ की जान बच सकती थी।
वहीं ट्रांसफार्मर से एलटी के बजाए एचटी लाइन का करंट लोगों के घरों में कैसे पहुंचा। इसकी भी जांच होनी चाहिए। डेढ़ घंटे तक लोग बीच सड़क पर शव रखकर नारेबाजी करते रहे। पता चलने पर एसडीएम उमेश के साथ इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची और उसने नाराज लोगों को समझाबुझाकर जैसे-तैसे कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और रोड जाम खुलावाया। तब जाकर कहीं यातायात बहाल हुआ।