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रेलवे ट्रैक पर मिले मां और दो मासूम बच्चों के शव
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फोटो-19-गोंडा के मोतीगंज रेलवे स्टेशन के समीप हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद जांच करती पुलिस।-सं?
- फोटो : GONDA
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मोतीगंज (गोंडा)। मोतीगंज रेलवे स्टेशन के पास रविवार भोर एक महिला व दो मासूम बच्चों के शव रेल ट्रैक पर पड़े मिले हैं। जीआरपी व मोतीगंज पुलिस की छानबीन में प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि पारिवारिक कलह के चलते महिला ने दोनों बच्चों संग ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की है। जीआरपी ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन शुरू कर दी है।
गोंडा-गोरखपुर रेल प्रखंड के मोतीगंज स्टेशन के समपार के पास रविवार सुबह रेलवे के की-मैन यूनुस ने रेल ट्रैक पर महिला व दो मासूमों के क्षत-विक्षत शव पड़े देख कंट्रोल रूम में सूचना दी। इस पर जीआरपी व मोतीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के गांव के लोगों से शवों की शिनाख्त कराने की कोशिश की गई। तकरीबन दो घंटे बाद मोतीगंज क्षेत्र के सोठिया गांव निवासी रामनाथ यादव ने शवों की पहचान अपने छोटे भाई अमरनाथ यादव की पत्नी सुनीता (30), उसके बेटे आलोक (5) व अनिका (3) के रूप में की। ग्रामीणों का मानना है कि पारिवारिक कलह के चलते महिला ने दोनों बच्चों संग ट्रेन से कटकर जान दी है। हालांकि रामनाथ का कहना है कि परिवार में कोई विवाद नहीं है।
मोतीगंज के स्टेशन मास्टर नितिन मद्घेशिया ने बताया कि किस ट्रेन से हादसा हुआ, ये पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद की-मैन ने जब तीनों शव रेलवे ट्रैक पर पड़े देखे तो सूचना दी। जीआरपी इंस्पेक्टर एमपी चतुर्वेदी का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
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छह माह से गुजरात से नहीं आया पति
मोतीगंज थाना क्षेत्र के सोठिया गांव निवासी अमरनाथ परिवार की जीविका चलाने के लिए गुजरात के सूरत जिले में रहकर मजदूरी करता है। वह करीब छह माह से घर नहीं आया था। सुनीता की खुदकुशी के पीछे ये भी कारण माना जा रहा है। हालांकि अन्य बिंदुओं पर भी जीआरपी छानबीन कर रही है।
कॉल डिटेल से खुलेगा राज
सुनीता व दोनों बच्चों की ट्रेन से कटकर मौत की छानबीन कर रही जीआरपी को रेलवे ट्रैक के पास में ही उसका मोबाइल फोन पड़ा मिला है। जीआरपी अब सुनीता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकालेगी, ताकि शायद पता चल सके कि आखिरी बार उसने किससे बातचीत की या शायद मोबाइल से कोई अहम जानकारी हाथ लग सके।
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गोंडा-गोरखपुर रेल प्रखंड के मोतीगंज स्टेशन के समपार के पास रविवार सुबह रेलवे के की-मैन यूनुस ने रेल ट्रैक पर महिला व दो मासूमों के क्षत-विक्षत शव पड़े देख कंट्रोल रूम में सूचना दी। इस पर जीआरपी व मोतीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के गांव के लोगों से शवों की शिनाख्त कराने की कोशिश की गई। तकरीबन दो घंटे बाद मोतीगंज क्षेत्र के सोठिया गांव निवासी रामनाथ यादव ने शवों की पहचान अपने छोटे भाई अमरनाथ यादव की पत्नी सुनीता (30), उसके बेटे आलोक (5) व अनिका (3) के रूप में की। ग्रामीणों का मानना है कि पारिवारिक कलह के चलते महिला ने दोनों बच्चों संग ट्रेन से कटकर जान दी है। हालांकि रामनाथ का कहना है कि परिवार में कोई विवाद नहीं है।
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मोतीगंज के स्टेशन मास्टर नितिन मद्घेशिया ने बताया कि किस ट्रेन से हादसा हुआ, ये पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद की-मैन ने जब तीनों शव रेलवे ट्रैक पर पड़े देखे तो सूचना दी। जीआरपी इंस्पेक्टर एमपी चतुर्वेदी का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
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छह माह से गुजरात से नहीं आया पति
मोतीगंज थाना क्षेत्र के सोठिया गांव निवासी अमरनाथ परिवार की जीविका चलाने के लिए गुजरात के सूरत जिले में रहकर मजदूरी करता है। वह करीब छह माह से घर नहीं आया था। सुनीता की खुदकुशी के पीछे ये भी कारण माना जा रहा है। हालांकि अन्य बिंदुओं पर भी जीआरपी छानबीन कर रही है।
कॉल डिटेल से खुलेगा राज
सुनीता व दोनों बच्चों की ट्रेन से कटकर मौत की छानबीन कर रही जीआरपी को रेलवे ट्रैक के पास में ही उसका मोबाइल फोन पड़ा मिला है। जीआरपी अब सुनीता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकालेगी, ताकि शायद पता चल सके कि आखिरी बार उसने किससे बातचीत की या शायद मोबाइल से कोई अहम जानकारी हाथ लग सके।