{"_id":"62321a6d943fda2aff067f6f","slug":"crime-insurance-gonda-news-lko621957835","type":"story","status":"publish","title_hn":"इश्योरेंस कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर करते थे ऑनलाइन ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इश्योरेंस कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर करते थे ऑनलाइन ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। पुलिस ने इंश्योरेंस कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों व जनपदों में तीन करोड़ समेत गोंडा जनपद के 28 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के 06 बैंकों के खातों में मिले पांच लाख रुपये को फ्रीज करा दिया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बडगांव के प्रबंधक जसप्रीत सिंह ने कोतवाली नगर 11 मार्च को सूचना दी थी कि खाताधारक मोनू पुत्र सज्जन निवासी आवास विकास जानकी नगर कॉलोनी ने उनकी शाखा समेत जनपद के कई बैंकों में एक ही आधार नंबर पर खाता खोला गया है। एसपी के मुताबिक, बैंक प्रबंधक जसप्रीत को साइबर पुलिस स्टेशन सेक्टर 4, डीएलएफ पीएच-5 आफिस गुड़गांव, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पश्चिम बंगाल व थाना प्रभारी चाणक्यपुरी नई दिल्ली से सूचना मिली कि मोनू के खाते में ऑनलाइन धोखाधड़ी करके लेन-देन हुआ है।
एसपी ने बताया कि प्रबंधक जसप्रीत की तहरीर पर कोतवाली नगर में मोनू के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई। एसओजी व कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों मोनू, सुमित अवस्थी निवासी ग्राम भीख थाना जगतपुर जनपद रायबरेली, शिवम सिंह, दिनेश सिंह निवासी पवारन पुरवा थाना डलमऊ जनपद रायबरेली को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों ने बताया कि वह लोगों को 20 से 25 हजार रूपये का लालच देकर फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर अपने आधार कार्डों में पता परिवर्तित करा लेते हैं।
आधार कार्ड की मदद से भिन्न-भिन्न बैंकों में खाता खोलते हैं। इंश्योरेंस कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर पॉलिसी प्रीमियम में छूट का लालच देकर अपने फर्जी एकाउंट को कंपनी का बताकर कस्टमर से आनॅलाइन पैसा जमा करा लेते हैं। गिरोह के सदस्य ने दिल्ली, पश्विम बंगाल व यूपी के कई जनपदों से अबतक तीन करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी कर चुके हैं। बताया कि गोंडा में अब तक 28 लाख रुपये की ठगी की है। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के छह बैंक खातों में मिले पांच लाख रुपये का फ्रीज करा दिया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
फ्राड की रकम से पूरा करते थे शौक
- ऑनलाइन फ्राड करने के आरोप में पकड़े गए गिरोह के सदस्य कई राज्यों व जनपदों में इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ठगी करके मिलने वाले पैसों को आपस में बांटने के बाद उससे शौक पूरा करते थे। यानि दूसरों की गाढ़ी कमाई के पैसों ने होटलों में पार्टी समेत अन्य शौक पूरा करते थे।
इन खातों से मिली फ्राड की धनराशि
केनरा बैंक खाता संख्या-110032400092 से प्राप्त धनराशि-1609295.7502
इंडियन ओवरसीज बैंक खाता संख्या-267601000003782 से प्राप्त धनराशि-90000603
पीएनबी बैंक खाता संख्या-1864000109654387 से प्राप्त धनराशि-22045904
आंध्रबैंक खाता संख्या-202712010000278 से प्राप्त धनराशि-9281605
बैंक ऑफ महाराष्ट्र खाता संख्या-25052667740 से प्राप्त धनराशि-2320306
सेंट्रल बैंक खाता संख्या-5189664142 से प्राप्त धनराशि-2000
कुल धनरॉशि- लगभग 28 लाख रुपये
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि प्रबंधक जसप्रीत की तहरीर पर कोतवाली नगर में मोनू के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई। एसओजी व कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों मोनू, सुमित अवस्थी निवासी ग्राम भीख थाना जगतपुर जनपद रायबरेली, शिवम सिंह, दिनेश सिंह निवासी पवारन पुरवा थाना डलमऊ जनपद रायबरेली को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों ने बताया कि वह लोगों को 20 से 25 हजार रूपये का लालच देकर फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर अपने आधार कार्डों में पता परिवर्तित करा लेते हैं।
विज्ञापन
आधार कार्ड की मदद से भिन्न-भिन्न बैंकों में खाता खोलते हैं। इंश्योरेंस कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर पॉलिसी प्रीमियम में छूट का लालच देकर अपने फर्जी एकाउंट को कंपनी का बताकर कस्टमर से आनॅलाइन पैसा जमा करा लेते हैं। गिरोह के सदस्य ने दिल्ली, पश्विम बंगाल व यूपी के कई जनपदों से अबतक तीन करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी कर चुके हैं। बताया कि गोंडा में अब तक 28 लाख रुपये की ठगी की है। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के छह बैंक खातों में मिले पांच लाख रुपये का फ्रीज करा दिया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
फ्राड की रकम से पूरा करते थे शौक
- ऑनलाइन फ्राड करने के आरोप में पकड़े गए गिरोह के सदस्य कई राज्यों व जनपदों में इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ठगी करके मिलने वाले पैसों को आपस में बांटने के बाद उससे शौक पूरा करते थे। यानि दूसरों की गाढ़ी कमाई के पैसों ने होटलों में पार्टी समेत अन्य शौक पूरा करते थे।
इन खातों से मिली फ्राड की धनराशि
केनरा बैंक खाता संख्या-110032400092 से प्राप्त धनराशि-1609295.7502
इंडियन ओवरसीज बैंक खाता संख्या-267601000003782 से प्राप्त धनराशि-90000603
पीएनबी बैंक खाता संख्या-1864000109654387 से प्राप्त धनराशि-22045904
आंध्रबैंक खाता संख्या-202712010000278 से प्राप्त धनराशि-9281605
बैंक ऑफ महाराष्ट्र खाता संख्या-25052667740 से प्राप्त धनराशि-2320306
सेंट्रल बैंक खाता संख्या-5189664142 से प्राप्त धनराशि-2000
कुल धनरॉशि- लगभग 28 लाख रुपये