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नगर विकास मंत्री के दरबार पहुंचा भूमि घोटाले का मामला
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गोंडा। जिले में नजूल के भूमि घोटाले का शिकायत नगर विकास मंत्री से की गई है। पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव की शिकायत पर कृषि मंत्री व सांसद हेमा मालिनी ने नगर विकास मंत्री को जांच के पत्र लिखा है।
पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव का आरोप है कि शहर के पंत नगर में लखनऊ मार्ग से ही जुड़ा एक भूमि को पट्टा 2005 में ही समाप्त हो गया था। 2 मई 2018 को ईओ ने भूमि पहले राज्य सरकार के पक्ष में करने की रिपोर्ट भेज दी। फिर 4 सितंबर 2020 को भूमि पर कब्जे की आशंका जताई और 12 अक्तूूबर 2020 को सरकारी कार्य में आवंटित करने की संस्तुति की। इसके बाद 22 मार्च 2021 को नगर पालिका की ओर से मिलीभगत करके उप निबंधक को भ्रमित करने वाली सूचना दे दी।
जिसमें पूर्व में हुई कार्रवाईयों का जिक्र नहीं किया। इसके बाद सरकारी भूमि का बैनामा उन पट्टेदारों से जुड़े लोगों ने 30 मार्च 2021 को कर दिया जिनका पट्टा 2005 में ही समाप्त हो चुका था। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने इसे गंभीर माना और नगर विकास मंत्री को जांच कर कार्रवाई कराने के लिए पत्र लिखा। इतना ही नहीं प्रदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी नजूल की भूमि को सुरक्षित कराने के लिए नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है। इस तरह अब यह भूमि घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव कहते हैं कि भूमि की यदि नगर पालिका या जिला प्रशासन नीलामी करता तो 100 करोड़ से अधिक का राजस्व सरकार को प्राप्त होता।
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पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव का आरोप है कि शहर के पंत नगर में लखनऊ मार्ग से ही जुड़ा एक भूमि को पट्टा 2005 में ही समाप्त हो गया था। 2 मई 2018 को ईओ ने भूमि पहले राज्य सरकार के पक्ष में करने की रिपोर्ट भेज दी। फिर 4 सितंबर 2020 को भूमि पर कब्जे की आशंका जताई और 12 अक्तूूबर 2020 को सरकारी कार्य में आवंटित करने की संस्तुति की। इसके बाद 22 मार्च 2021 को नगर पालिका की ओर से मिलीभगत करके उप निबंधक को भ्रमित करने वाली सूचना दे दी।
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जिसमें पूर्व में हुई कार्रवाईयों का जिक्र नहीं किया। इसके बाद सरकारी भूमि का बैनामा उन पट्टेदारों से जुड़े लोगों ने 30 मार्च 2021 को कर दिया जिनका पट्टा 2005 में ही समाप्त हो चुका था। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने इसे गंभीर माना और नगर विकास मंत्री को जांच कर कार्रवाई कराने के लिए पत्र लिखा। इतना ही नहीं प्रदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी नजूल की भूमि को सुरक्षित कराने के लिए नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है। इस तरह अब यह भूमि घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव कहते हैं कि भूमि की यदि नगर पालिका या जिला प्रशासन नीलामी करता तो 100 करोड़ से अधिक का राजस्व सरकार को प्राप्त होता।
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