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एक माह से सत्यापन के फेर में 32 जोगों की अटकी रिहाई

Wed, 25 May 2022 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2022 11:54 PM IST
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गोंडा। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद भी महीनों रिहाई न होना अपने आप में चौंकाने वाला है, लेकिन ऐसा हो रहा है। तहसीलों में कई माह तक जमानतदारों के सत्यापन का मामला राजस्व निरीक्षक और लेखपालों के पास लंबित है। जमानत के बाद भी रिहाई के लिए भटक रहे हैं। सदर तहसील में करीब 32 मामले लंबित हैं, जिससे विभिन्न मामलों में जिला कारागार में बंद लोग बाहर आने के लिए छटपटा रहे हैं। अधिकारियों ने दावा किया है कि हर जमानतदार के सत्यापन के लिए एक सप्ताह तक का समय दिया जाता है, इसके बाद भी यदि किसी ने सत्यापन रोक रखा है तो कार्रवाई की जाएगी। इधर, तहसीलदार सदर ने करीब दस राजस्व निरीक्षकों को नोटिस भी जारी की है।
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जिले में एक नया मामला सामने आया है, सुनकर ही आश्चर्य होता है। हाईटेक युग में सिर्फ तहसील सदर के चंद राजस्व निरीक्षकों की ढिलाई से 32 जमानत के मामलों का सत्यापन अटका हुआ है। लोग जेल में सजा काट रहे हैं। जमानत का सत्यापन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी तहसील में फंसी हुई है। जमानत पाने वाले कई दिनों से जेल में ही बंद हैं। कई मामले इसी माह के हैं।
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जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत शुक्ल की माने तो न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आरोपित को छूटने का अधिकार है। बेवजह की देरी नियमों की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर बात है कि कई माह से किसी के जमानतदार का सत्यापन नहीं हो रहा है। इस पर कार्रवाई तत्काल करनी चाहिए। तहसीलदार सदर राजीव सक्सेना कहते हैं कि जमानतदार के सत्यापन मामले में समय सीमा का ध्यान रखने की हिदायत दी जा चुकी है, जो भी मामले होंगे, उनका निस्तारण जल्द कराया जाएगा। लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
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जमानत पर भी रिहाई न होने से बढ़ता मानसिक कष्ट
भले ही कोई किसी भी अपराध में जेल गया हो, लेकिन न्यायालय से जमानत मिल जाए तो उसे बाहर आने की उम्मीद बढ़ जाती है। अब सिर्फ सत्यापन के कारण उसे जेल में रहना पड़े तो वह खुद और परिवार के लोगों को मानसिक कष्ट के दौर से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति सदर क्षेत्र में कईयों की है। वर्तमान में सभी खतौनियां ऑनलाइन हैं और सत्यापन में इतनी देरी से व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है।

इस तरह लटका है सत्यापन का मामला
क्षेत्र - सत्यापन की संख्या - लंबित समय
सालपुर - दो - पांच माह
धानेपुर - एक - एक माह
जानकीनगर - एक - छह माह
पचरन - छह - सबसे पुराना पांच माह
मेहनौन - एक - 13 मई से
इंटियाथोक - दो - 10 मई से
तिर्रेमनोरमा - तीन - 17 मई से
मलारी - दो - सात मई से
गोंडा - दस - छह माह
भदुुआ तरहर - तीन - चार माह
खरगुपुर - एक - एक माह
वर्जन
जमानत प्रपत्रों के सत्यापन में लापरवाही पर चेतावनी दी गई है। जल्द ही प्रकरणों का निस्तारण कराने का प्रयास किया जा रहा है। राजीव मोहन सक्सेना, तहसीलदार सदर
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