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Gonda News: आरपीएफ की हिरासत में एससी युवक की मौत मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू

Sun, 09 Nov 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 09 Nov 2025 11:54 PM IST
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Court of Inquiry begins into death of SC youth in RPF custody
गोंडा। आरपीएफ की हिरासत में किनकी के रहने वाले एएसी बिरादरी के संजय कुमार सोनकर की मौत के मामले की शनिवार को कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू हो गई है। तीन सदस्यीय कमेटी ने आरोपी दोनों दरोगा व सिपाही को तलब किया है। तीनों आरोपियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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बरुआचक रेलवे स्टेशन के पास 28 सितंबर को मालगाड़ी के वैगन का लॉक तोड़कर सरसों के तेल चोरी की वारदात के बाद आरपीएफ की टीम ने किनकी गांव निवासी पवन आदि के खिलाफ केस दर्ज कर किया था। आरपीएफ की टीम चार नवंबर की सुबह 11 बजे संजय को उसके घर से उठा ले गई थी। देर रात 11.10 बजे आरपीएफ के दरोगा सुरेंद्र कुमार, करण सिंह यादव व आरक्षी अमित कुमार यादव उसे मृत हालत में मेडिकल कॉलेज में छोड़कर भाग निकले थे। परिजन पता लगाने आरपीएफ पोस्ट पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि संजय मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। परिजनों ने आरपीएफ कर्मियों को संजय की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए नगर कोतवाली में तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर दोनों दरोगा व आरक्षी को निलंबित कर आरपीएफ लाइन लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया।
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आरपीएफ के डीआईजी चंद्रमोहन मिश्र ने बताया कि हिरासत में संजय की मौत के मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू हो गई है, तीन सदस्यीय टीम ने आरोपी दोनों दरोगा व आरक्षी को तलब किया है। कमेटी के सदस्य तीनों आरोपियों के बयान दर्ज करेंगे।
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बयान दर्ज कराने पहुंचे तो मांगा एससी प्रमाणपत्र

हिरासत में मौत के मामले की जांच के दौरान रविवार को मृतक संजय के बड़े भाई राजू सोनकर बयान देने नगर कोतवाली पहुंचे, लेकिन उनके पास एससी प्रमाणपत्र नहीं था। इसलिए उनका बयान नहीं दर्ज हो सका। मुकदमे के विवेचक एवं नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि संजय के परिजन राजू आए थे, लेकिन उनके पास एससी प्रमाणपत्र नहीं था, इसलिए दो दिन में प्रमाणपत्र लाने को कहा गया है। इसके बाद बयान दर्ज किए जाएंगे।




इन सवालों के जवाब तलाशेगी कमेटी
--संजय सोनकर की गिरफ्तारी के बाद भी उसे आरपीएफ पोस्ट तक क्यों नहीं लाया गया।
--आरपीएफ टीम ने 12 घंटे तक उसे कहां रखा और उसके साथ क्या किया।
--संजय की तबीयत रात 08.30 बजे बिगड़ी तो देर रात 11.10 बजे क्यों मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
--चोरी का मुकदमा पवन के खिलाफ दर्ज था तो संजय कैसे बना आरोपी।
--गिरफ्तारी के बाद संजय के परिजनों को कितने बजे सूचना दी।
ये है गिरफ्तारी की गाइड लाइन

--आरोपी की गिरफ्तारी पर उसे बताया जाए कि किस जुर्म में कार्रवाई की जा रही है।
--किस अपराध के आरोप में गिरफ्तारी हुई, इसकी सूचना परिजनों को दी जाए।
--आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसका मेडिकल कराया जाए।
--पूछताछ के बाद गिरफ्तार आरोपी को 24 घंटे के अंदर संबंधित कोर्ट में पेश किया जाए।
बलरामपुर के सदर विधायक ने परिजनों से मिलकर जताई संवेदना
मोतीगंज/गोंडा। आरपीएफ की हिरासत में संजय की मौत की जानकारी के बाद बलरामपुर सदर के विधायक पल्टूराम रविवार को किनकी गांव पहुंचे। विधायक ने संजय के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग करेंगे। इस दौरान श्याम सुंदर मौर्य, राजू सोनकर, शिवश्याम पांडेय, अजय वर्मा, विनोद सूर्या, रामसनेही सोनकर, विनोद यादव, दिनेश सोनकर, नरेंद्र व छेदीलाल मौजूद रहे।
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