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जेल में निरुद्घ बंदियों को उपलब्ध कराएं सरकारी वकील
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गोंडा। जेल में निरुद्ध बंदियों को नियमानुसार सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। वकील न होने के कारण जेल में बंद बंदियों की सूची बनाकर उन्हें सरकारी वकील उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही कैदियों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। यह निर्देश डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने जिला कारागार का निरीक्षण करने के दौरान जेल के अधिकारियों को दिए हैं।
बुधवार को डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार व एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सुनवाई कक्ष, बैरक, जेल अस्पताल, रसोईघर व पुस्तकालय आदि का निरीक्षण किया। बैरकों की तलाशी भी ली गई। इसमें कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। डीएम व एसपी ने निरुद्ध बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनकी समस्याओं का संज्ञान लिया जाए तथा नियमानुसार उन्हें सुविधाएं मुहैया जाएं।
निरीक्षण के दौरान 20 बेड के अस्पताल में 14 मरीज बंदी भर्ती थे। जिला जज व डीएम ने एक-एक मरीज से उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने ड्रग स्टोर एवं रसोईघर का निरीक्षण किया। भोजनालय में बन रही दाल, रोटी व सब्जी की गुणवत्ता देखी। इस बीच जेलर दीपांकर भारती व ओएसडी शिवराज शुक्ला उपस्थित रहे।
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बुधवार को डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार व एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सुनवाई कक्ष, बैरक, जेल अस्पताल, रसोईघर व पुस्तकालय आदि का निरीक्षण किया। बैरकों की तलाशी भी ली गई। इसमें कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। डीएम व एसपी ने निरुद्ध बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनकी समस्याओं का संज्ञान लिया जाए तथा नियमानुसार उन्हें सुविधाएं मुहैया जाएं।
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निरीक्षण के दौरान 20 बेड के अस्पताल में 14 मरीज बंदी भर्ती थे। जिला जज व डीएम ने एक-एक मरीज से उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने ड्रग स्टोर एवं रसोईघर का निरीक्षण किया। भोजनालय में बन रही दाल, रोटी व सब्जी की गुणवत्ता देखी। इस बीच जेलर दीपांकर भारती व ओएसडी शिवराज शुक्ला उपस्थित रहे।
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