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Gonda News: दहेज हत्या में सास, देवर और देवरानी को सात साल की सजा
Thu, 16 Mar 2023 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:37 PM IST
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गोंडा। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी सास, देवर और देवरानी को सात साल कारावास और 14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि आरोपी पति को 13 साल पूर्व एफटीसी कोर ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित कुमार पाठक ने बताया कि वादी प्रमोद कुमार निवासी ग्राम महास थाना रामनगर जनपद बाराबंकी ने आठ अगस्त 2009 को करनैलगंज कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि उसकी बहन रेखा की शादी कन्हैयालाल उर्फ नंगू निवासी ग्राम कुम्हरौरा करनैलगंज कोतवाली से हुई थी। शादी के समय से ही उसके पति कन्हैयालाल उर्फ नंगू, ससुर जगदीश प्रसाद, सास तालुका देवी, देवर ओम प्रकाश व देवरानी रेशमा दहेज कम लाने का ताना देते थे और मोटर साइकिल, रंगीन टीवी, अगूंठी आदि मांगते हुए बहन को परेशान करते थे।
ससुराल के किसी व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि उसकी बहन को मार कर तालाब में फेंक दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और पत्नी के साथ क्रूरता और दहेज हत्या का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर कन्हैयालाल उर्फ नंगू व जगदीश प्रसाद के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
22 दिसंबर 2010 को पुख्ता साक्ष्य के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी तृतीय ने आरोपी पति कन्हैयालाल उर्फ नंगू को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में ससुर जगदीश प्रसाद को दोषमुक्त कर दिया। वहीं 17 नवंबर 2015 को अभियुक्त कन्हैयालाल उर्फ नंगू की अपील खारिज कर उच्च न्यायालय ने अवर न्यायालय के निर्णय की पुष्टि की।
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इसी मामले में शेष आरोपी असास तालुका देवी, देवर ओम प्रकाश व देवरानी रेशमा को फरार घोषित करते हुए पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया तो न्यायालय ने केस का ट्रायल शुरु किया। सुनवाई के दौरान साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त तालुका देवी, ओम प्रकाश व रेशमा को दोषसिद्ध किया।
गुरुवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार तृतीय ने आरोपी अभियुक्त तालुका देवी, ओम प्रकाश व रेशमा को क्रूरता और दहेज हत्या के अपराध में सात-सात साल कारावास और 14-14 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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ससुराल के किसी व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि उसकी बहन को मार कर तालाब में फेंक दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और पत्नी के साथ क्रूरता और दहेज हत्या का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर कन्हैयालाल उर्फ नंगू व जगदीश प्रसाद के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
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22 दिसंबर 2010 को पुख्ता साक्ष्य के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी तृतीय ने आरोपी पति कन्हैयालाल उर्फ नंगू को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया। संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में ससुर जगदीश प्रसाद को दोषमुक्त कर दिया। वहीं 17 नवंबर 2015 को अभियुक्त कन्हैयालाल उर्फ नंगू की अपील खारिज कर उच्च न्यायालय ने अवर न्यायालय के निर्णय की पुष्टि की।
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इसी मामले में शेष आरोपी असास तालुका देवी, देवर ओम प्रकाश व देवरानी रेशमा को फरार घोषित करते हुए पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया तो न्यायालय ने केस का ट्रायल शुरु किया। सुनवाई के दौरान साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त तालुका देवी, ओम प्रकाश व रेशमा को दोषसिद्ध किया।
गुरुवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार तृतीय ने आरोपी अभियुक्त तालुका देवी, ओम प्रकाश व रेशमा को क्रूरता और दहेज हत्या के अपराध में सात-सात साल कारावास और 14-14 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।