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पैरामिलिट्री फोर्स की निगरानी में होगी मतगणना
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गोंडा। नवीन गल्लामंडी में जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना होगी। 10 मार्च को होने वाली मतों की गणना के लिए तैयारी पूरी हो गई है। पैरामिलिट्री फोर्स की निगरानी में मतगणना के लिए 98 काउंटर होंगे। 1036 कर्मचारी मतगणना कराएंगे। इस दौरान सुरक्षा की तैयारी भी हो रही है।
मतगणना की सूचना देने के लिए हाइटेक व्यवस्था होगी। मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के एजेंट मौजूद रहेंगे, मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही बाहर भी पुलिस बल तैनात रहेंगे। करीब 150 जवान सुरक्षा में लगाए जाएंगे।
मतगणना में प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए 14 टेबल होंगी। प्रत्येक पर चार-चार कर्मचारी तैनात होंगे। इसके अलावा दो आरओ टेबल होंगी जहां चार-चार कर्मी होंगे। प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए करीब 74 कर्मचारी तैनात रहेंगे। वहीं, इस बार पांच हजार से अधिक पोस्टल बैलेट हैं। बाहर तैनात कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए अलग कार्मिक होंगे। इस तरह 1036 कर्मचारी मतगणना में तैनात किए जाएंगे।
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अबकी बार मतगणना में कम समय लगेगा। वजह यह है कि नए सॉफ्टवेयर ‘इनकोर’ के जरिए ईवीएम में पड़े मतों की गिनती की जाएगी। पूर्व की व्यवस्था में पहले जिला निर्वाचन अधिकारी के पास प्रत्येक राउंड की शीट जाती थी। इसके बाद चुनाव आयोग तक पहुंचती थी। अब सॉफ्टवेयर में उसी समय नतीजे दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।
सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अफसरों और सहायक रिटर्निंग अफसरों को इसके लिए जनवरी में प्रशिक्षण दिया गया था। चुनाव से जुड़ीं सभी प्रक्रियाएं इसी सॉफ्टवेयर के जरिए आगे बढ़ रही हैं। प्रत्येक टेबल से इसी सॉफ्टवेयर में नतीजे दर्ज होते जाएंगे। मतगणना स्थल की प्रत्येक गतिविधि निर्वाचन आयोग के कम्प्यूटरों पर दर्ज होती रहेगी। जिला निर्वाचन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस बार प्रक्रिया को ऐसा बनाया गया है कि नतीजे मिलने में देरी न होने पाए।
सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने बताया कि मतगणना के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण की तैयारी हो गई है। ड्यूटी तय कर दी गई है, जल्द ही प्रशिक्षण पूरा करा लिया जाएगा।
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मतगणना की सूचना देने के लिए हाइटेक व्यवस्था होगी। मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के एजेंट मौजूद रहेंगे, मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही बाहर भी पुलिस बल तैनात रहेंगे। करीब 150 जवान सुरक्षा में लगाए जाएंगे।
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मतगणना में प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए 14 टेबल होंगी। प्रत्येक पर चार-चार कर्मचारी तैनात होंगे। इसके अलावा दो आरओ टेबल होंगी जहां चार-चार कर्मी होंगे। प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए करीब 74 कर्मचारी तैनात रहेंगे। वहीं, इस बार पांच हजार से अधिक पोस्टल बैलेट हैं। बाहर तैनात कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए अलग कार्मिक होंगे। इस तरह 1036 कर्मचारी मतगणना में तैनात किए जाएंगे।
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अबकी बार मतगणना में कम समय लगेगा। वजह यह है कि नए सॉफ्टवेयर ‘इनकोर’ के जरिए ईवीएम में पड़े मतों की गिनती की जाएगी। पूर्व की व्यवस्था में पहले जिला निर्वाचन अधिकारी के पास प्रत्येक राउंड की शीट जाती थी। इसके बाद चुनाव आयोग तक पहुंचती थी। अब सॉफ्टवेयर में उसी समय नतीजे दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।
सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अफसरों और सहायक रिटर्निंग अफसरों को इसके लिए जनवरी में प्रशिक्षण दिया गया था। चुनाव से जुड़ीं सभी प्रक्रियाएं इसी सॉफ्टवेयर के जरिए आगे बढ़ रही हैं। प्रत्येक टेबल से इसी सॉफ्टवेयर में नतीजे दर्ज होते जाएंगे। मतगणना स्थल की प्रत्येक गतिविधि निर्वाचन आयोग के कम्प्यूटरों पर दर्ज होती रहेगी। जिला निर्वाचन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस बार प्रक्रिया को ऐसा बनाया गया है कि नतीजे मिलने में देरी न होने पाए।
सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने बताया कि मतगणना के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण की तैयारी हो गई है। ड्यूटी तय कर दी गई है, जल्द ही प्रशिक्षण पूरा करा लिया जाएगा।