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परिषदीय स्कूलों का नहीं होगा निजी उपयोग
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करनैलगंज (गोंडा)। परिषदीय विद्यालय के सरकारी भवन को किसी भी दशा में व्यवसायिक, शादी विवाह के दौरान उपयोग में नहीं लाया जाएगा। यदि किसी भी विद्यालय भवन व परिसर में विद्यालय के अतिरिक्त शादी विवाह या अन्य कार्यक्रम के आयोजन की शिकायत होती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
खंड शिक्षा अधिकारी करनैलगंज आरपी सिंह ने मंगलवार को निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों के भवन व परिसर को व्यवसाय या शादी विवाह सहित अन्य किसी कार्यक्रम में उपयोग नहीं किया जा सकता है। विद्यालय भवन या परिसर का उपयोग सिर्फ विद्यालय कार्य के लिए ही किया जा सकता है। यदि किसी भी विद्यालय में वैवाहिक कार्यक्रम या कॉमर्शियल उपयोग पाया जाता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की विद्यालयों के सुंदरीकरण के लिए धन खर्च किया जाता है और विद्यालयों को सुंदर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसी दशा में उनका उपयोग सिर्फ विद्यालय में बच्चों के लिए किया जा सकता है। किसी भी विद्यालय में ऐसे आयोजन होते हैं तो उसका उत्तरदायित्व उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक का होगा।
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खंड शिक्षा अधिकारी करनैलगंज आरपी सिंह ने मंगलवार को निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों के भवन व परिसर को व्यवसाय या शादी विवाह सहित अन्य किसी कार्यक्रम में उपयोग नहीं किया जा सकता है। विद्यालय भवन या परिसर का उपयोग सिर्फ विद्यालय कार्य के लिए ही किया जा सकता है। यदि किसी भी विद्यालय में वैवाहिक कार्यक्रम या कॉमर्शियल उपयोग पाया जाता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार की विद्यालयों के सुंदरीकरण के लिए धन खर्च किया जाता है और विद्यालयों को सुंदर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसी दशा में उनका उपयोग सिर्फ विद्यालय में बच्चों के लिए किया जा सकता है। किसी भी विद्यालय में ऐसे आयोजन होते हैं तो उसका उत्तरदायित्व उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक का होगा।
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