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Gonda News: बीमारी छिपाकर बीमा कराने के मामले में परिवाद खारिज
Wed, 27 Sep 2023 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 27 Sep 2023 11:45 PM IST
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गोंडा। जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने गंभीर बीमारी के तथ्यों को छिपाकर ली गई बीमा पाॅलिसी के दावा भुगतान की मांग को लेकर दाखिल परिवाद निरस्त कर दिया।
नगर के राधाकुंड निवासी गुड़िया ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर कहा कि उसके पति प्रेमनाथ ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मानकनगर, लखनऊ के माध्यम से बजाज एलियांज इंश्याेरेंस कंपनी से 28 अप्रैल 2017 व 28 जनवरी 2020 को एक-एक बीमा पॉलिसी ली थी। सात अप्रैल 2021 को उसके पति प्रेमनाथ की हृदयाघात से मौत हो गई तो बीमा कंपनी ने 28 अप्रैल 2017 की बीमा पॉलिसी का दावा भुगतान कर दिया। मगर 28 जनवरी 2020 की पॉलिसी का दावा भुगतान करने से इंकार कर दिया।
फोरम की नोटिस पर अधिवक्ता दिनेश कुमार पांडेय के माध्यम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया व अजेय विक्रम सिंह एडवोकेट के माध्यम से हाजिर होकर बीमा कंपनी ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा कि बीमा धारक प्रेमनाथ कई वर्षों से हृदय व कई अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। साल 2013 में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में उनके हार्ट का ऑपरेशन भी हुआ था मगर बीमा धारक ने पॉलिसी लेते समय इस तथ्य को छिपाकर बीमा शर्तों का उल्लंघन किया। इसी वजह से परिवादिनी गुड़िया के दावे का भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने मामले के तथ्य व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य देखते हुए परिवादिनी का परिवाद निरस्त कर दिया।
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नगर के राधाकुंड निवासी गुड़िया ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर कहा कि उसके पति प्रेमनाथ ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मानकनगर, लखनऊ के माध्यम से बजाज एलियांज इंश्याेरेंस कंपनी से 28 अप्रैल 2017 व 28 जनवरी 2020 को एक-एक बीमा पॉलिसी ली थी। सात अप्रैल 2021 को उसके पति प्रेमनाथ की हृदयाघात से मौत हो गई तो बीमा कंपनी ने 28 अप्रैल 2017 की बीमा पॉलिसी का दावा भुगतान कर दिया। मगर 28 जनवरी 2020 की पॉलिसी का दावा भुगतान करने से इंकार कर दिया।
फोरम की नोटिस पर अधिवक्ता दिनेश कुमार पांडेय के माध्यम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया व अजेय विक्रम सिंह एडवोकेट के माध्यम से हाजिर होकर बीमा कंपनी ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा कि बीमा धारक प्रेमनाथ कई वर्षों से हृदय व कई अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। साल 2013 में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में उनके हार्ट का ऑपरेशन भी हुआ था मगर बीमा धारक ने पॉलिसी लेते समय इस तथ्य को छिपाकर बीमा शर्तों का उल्लंघन किया। इसी वजह से परिवादिनी गुड़िया के दावे का भुगतान नहीं किया गया।
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सुनवाई के दौरान फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने मामले के तथ्य व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य देखते हुए परिवादिनी का परिवाद निरस्त कर दिया।
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