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Gonda News: ब्लड बैंक में खून की सौदेबाजी की कमिश्नर ने शुरू कराई जांच
Fri, 23 Aug 2024 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 23 Aug 2024 01:34 AM IST
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गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के ब्लड बैंक (रक्त कोष) में खून की सौदेबाजी का गंभीर आरोप लगाते हुए कमिश्नर से शिकायत की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील ने डीएम नेहा शर्मा को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
कमिश्नर ने बताया कि जनता दर्शन में शिकायत मिली है कि ब्लड बैंक में रक्तदाताओं के खून को महंगे दाम पर बेच दिया जाता है। रक्तदाताओं को जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून नहीं देकर फ्रीजर खराब होने का बहाना बताया जाता है। डीएम को निर्देश दिया है कि इस प्रकरण को स्वयं देखें तथा वर्तमान वर्ष में कितने लोगों ने रक्तदान किया और उस खून को कितने मरीजों को मुफ्त में दिया गया। दस दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
ब्लड बैंक की कार्यशैली पहले भी सवालों के घेरे में रही है। विगत वर्ष तत्कालीन सीएमएस ने मात्र 25 दिन में 42 यूनिट खून मुफ्त में देकर दरियादिली दिखाई थी। जिसकी खबर प्रकाशित होने के बाद जांच शुरू हुई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इससे पहले तत्कालीन जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने खून की सौदेबाजी करने वाले ब्लडबैंक के कर्मचारियों सहित 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। कई लोगों को जेल जाना पड़ा था।
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कमिश्नर ने बताया कि जनता दर्शन में शिकायत मिली है कि ब्लड बैंक में रक्तदाताओं के खून को महंगे दाम पर बेच दिया जाता है। रक्तदाताओं को जरूरत पड़ने पर मुफ्त खून नहीं देकर फ्रीजर खराब होने का बहाना बताया जाता है। डीएम को निर्देश दिया है कि इस प्रकरण को स्वयं देखें तथा वर्तमान वर्ष में कितने लोगों ने रक्तदान किया और उस खून को कितने मरीजों को मुफ्त में दिया गया। दस दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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ब्लड बैंक की कार्यशैली पहले भी सवालों के घेरे में रही है। विगत वर्ष तत्कालीन सीएमएस ने मात्र 25 दिन में 42 यूनिट खून मुफ्त में देकर दरियादिली दिखाई थी। जिसकी खबर प्रकाशित होने के बाद जांच शुरू हुई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इससे पहले तत्कालीन जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने खून की सौदेबाजी करने वाले ब्लडबैंक के कर्मचारियों सहित 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। कई लोगों को जेल जाना पड़ा था।
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