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बच्चों की किलकारियों से सूने हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र

Fri, 29 Nov 2019 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 11:27 PM IST
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Children's carvings are not resonating in Anganwadi centers
रगड़गंज (गोंडा)। तीन से छह वर्ष के बच्चों को भूख और कुपोषण से बचाने के लिए बने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे नहीं पहुंच पा रहे हैं। बेलसर के 185 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 14285 बच्चों में सिर्फ 20 फीसदी बच्चे उपस्थित रहते हैं। संतुलित आहार देने के लिए शुरू हाट कुक्ड योजना अंतर्गत कुल 2775 बच्चों को भोजन मिल पाता है। वहीं बच्चों के गरमा-गरम भोजन के लिए पिछले दो माह का अनाज अभी नहीं भेजा गया है।
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समन्वित बाल विकास योजना के अंतर्गत विकासखंड बेलसर के 51 ग्राम पंचायतों में 165 आंगनबाड़ी व 20 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका शिशुओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को कुपोषण से बचाने का काम करती हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सुबह मार्निंग स्नैक्स व पोषाहार दिया जाता है। सरकार ने बच्चों को संतुलित आहार देने के लिए बीते 30 जुलाई को आईसीडीएस योजना के तहत तीन से छह वर्ष के बच्चों को प्राइमरी स्कूल के बच्चों के साथ गरमा-गरम भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया जिसके बाद यह योजना बेलसर में 185 आंगनबाड़ी केंद्रों पर अगस्त माह में शुरू हो गई और प्रति बच्चा 70 ग्राम भोजन दिया जाने लगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी ने प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त खाते में प्रति बच्चा चार रुपये पचास पैसे के हिसाब से राशि भेज दी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित इस योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे नहीं पहुंच पा रहे हैं। सीडीपीओ बेलसर ने खाद्यान्न के लिए मांग पत्र भेजा है जिसका खाद्यान्न नजदीकी प्राइमरी स्कूल में भेजा जाता है। प्राइमरी स्कूल अमदही में आंगनबाड़ी के पंजीकृत 88 बच्चे में 12 बच्चे औसत में उपस्थित होते हैं।
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पकवान गांव प्राइमरी में चार केंद्रों का मिलाकर 243 बच्चों में 46, गोंदौरा में दो केंद्र के 163 बच्चों में 30, सेमरी कला में चार केंद्र के 303 बच्चों में 63, माधवपुर में चार केंद्र के 324 बच्चों में 56, उमरी कोडरी में तीन केंद्र के 226 बच्चों में 44, बरौली में दो केंद के 147 बच्चों में 27, मुकुंदपुर दरियाव में दो केंद्र के 154 बच्चों में 30, पूरे विराजी में 70 बच्चों में 15, जफरापुर में 80 बच्चों में 14, आदमपुर द्वितीय में 85 में 13, आदमपुर प्रथम में 89 में 13, धनई पट्टी पाठक पुरवा में 81 में 15, बादलेपुर में 80 में 16, सौनौली गांधीगंज में 84 में 16, बरौली पूरे विशेन में 82 में 15, बरौली पूरे रामदास में 90 में 14, अमदही पूरे अहलाद में 99 में 16 बच्चे हर माह औसत में उपस्थित रहते हैं। बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ सहायिका की होती है। बच्चों के भोजन के लिए अगस्त व सितंबर माह का राशन दिया गया है, लेकिन अभी अक्तूबर व नवंबर का अनाज नहीं भेजा गया है।
फैक्ट फाइल
विकास खंड बेलसर आंगनबाड़ी केंद्र - 165
मिनी आंगनबाड़ी केंद्र - 20
तीन से छह वर्ष के पंजीकृत बच्चे - 14285
माह में औसत उपस्थिति - 2775
आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों की उपस्थिति नहीं बढ़ी तो कार्यकर्ता व सहायिका जिम्मेदार होंगी। राशन के लिए मांगपत्र दिया जा चुका है, किसी भी केंद्र पर भोजन बनना बंद नहीं है। -कु. वंदना, सीडीपीओ बेलसर

आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के राशन के लिए मांगपत्र मिला है लेकिन अनाज गोदाम पर नहीं था। अब राशन मिल गया है। इसी सप्ताह कोटेदारों के माध्यम से स्कूलों में भेज दिया जाएगा। -संदीप सिंह, गोदाम प्रभारी बेलसर
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