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Gonda News: पढ़ाई से दूर बच्चों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
Mon, 04 Aug 2025 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:22 PM IST
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गोंडा। समय से पढ़ाई नहीं शुरू कर पाने वाले आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले में 539 केंद्र बनाए गए हैं। जहां बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर सामान्य बच्चों के स्तर में लाया जाएगा। आउट ऑफ स्कूल 1,671 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। साथ ही वालंटियर के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि जिले में सात से 14 साल तक के ऐसे बच्चे जो किसी भी कारणवश समय से पढ़ाई नहीं शुरू कर पाए, उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके लिए जिले में प्रशिक्षण केंद्र बनाया जा चुका है। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षक व स्नातक के साथ डीएलएड, बीटीसी व बीएड के अभ्यर्थियों को वरीयता के आधार पर वालंटियर बनाया जाएगा।
प्रशिक्षण केंद्रों पर बच्चों को चिह्नित करने के बाद मुख्यधारा में लाकर 31 मार्च 2026 तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे आउट ऑफ स्कूल ये बच्चे सामान्य बच्चों की तरह पढ़ाई कर पाएंगे। इसके लिए समय-समय पर परीक्षा कराई जाएगी। वहीं, आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के बाद उनकी उम्र के हिसाब से कक्षाओं में प्रवेश दिलाया गया है।
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शिक्षण कार्य पर चार हजार रुपये होगा खर्च
अधिकारियों ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के बाद स्कूल में दाखिला पाने वाले बच्चों के शिक्षण कार्य पर हर महीने चार हजार रुपये खर्च किया जाएगा। साथ ही बच्चों को विषय आसानी समझ आए, इसके लिए उन्हें विशेष शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, प्रशिक्षण समाप्ति के बाद बच्चों का विद्यालय में उपयुक्त कक्षा में दाखिला कराकर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
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जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र ने बताया कि जिले में सात से 14 साल तक के ऐसे बच्चे जो किसी भी कारणवश समय से पढ़ाई नहीं शुरू कर पाए, उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके लिए जिले में प्रशिक्षण केंद्र बनाया जा चुका है। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षक व स्नातक के साथ डीएलएड, बीटीसी व बीएड के अभ्यर्थियों को वरीयता के आधार पर वालंटियर बनाया जाएगा।
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प्रशिक्षण केंद्रों पर बच्चों को चिह्नित करने के बाद मुख्यधारा में लाकर 31 मार्च 2026 तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे आउट ऑफ स्कूल ये बच्चे सामान्य बच्चों की तरह पढ़ाई कर पाएंगे। इसके लिए समय-समय पर परीक्षा कराई जाएगी। वहीं, आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के बाद उनकी उम्र के हिसाब से कक्षाओं में प्रवेश दिलाया गया है।
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शिक्षण कार्य पर चार हजार रुपये होगा खर्च
अधिकारियों ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के बाद स्कूल में दाखिला पाने वाले बच्चों के शिक्षण कार्य पर हर महीने चार हजार रुपये खर्च किया जाएगा। साथ ही बच्चों को विषय आसानी समझ आए, इसके लिए उन्हें विशेष शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, प्रशिक्षण समाप्ति के बाद बच्चों का विद्यालय में उपयुक्त कक्षा में दाखिला कराकर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।