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धौंरहरा गांव में चिकनपॉक्स का प्रकोप, 40 बीमार
Amarujala
Updated Sun, 07 May 2017 11:47 PM IST
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थाना क्षेत्र का धौरहरा गांव संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गया है। इस गांव में चिकनपॉक्स ने पिछले दो माह से कहर बरपा रखा है। अब तक करीब 40 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं लेकिन स्वास्थ्य महकमा इस बीमारी को नियंत्रित करने में विफल साबित हो रहा है।
गांव के लोगों की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के स्वास्थ्य कर्मी एक दिन गांव जाकर कुछ लोगों को गोलियां बांट चुके हैं लेकिन प्रभावी ढंग से इलाज न होने के कारण इस बीमारी के प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने अपना पांव पसारना शुरू कर दिया है मगर स्वास्थ्य विभाग के पास इन बीमारियों से निपटने के लिए कोई कारगर रणनीति नही तैयार कर सका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना से महज दो किमी की दूरी पर स्थित धौरहरा गांव की आबादी तीन सौ के करीब है।
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इस गांव में पिछले चार माह से खसरा फैला हुआ है लेकिन माह पहले इस गांव में चिकनपॉक्स की बीमारी ने पांव पसारना शुरू किया तो गांव के जागरूक लोगों ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के चिकित्साधीक्षक को दी और गांव में स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की लेकिन केंद्र के चिकित्साधीक्षक ने इस पर कोई ध्यान नही दिया। जिपर कुछ ही दिन बाद यह बीमारी पूरे गांव में फैल गई और करीब 40 लोग इसकी चपेट में आकर बीमार हो गए।
इसकी सूचना जब स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को हुई तो उन्होने गांव में स्वास्थ्य टीम को कैंप करने का निर्देश दिया। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य टीम के कर्मचारी गांव गए और कुछ लाल पीली गोलियां बांटकर वापस लौट गए। गांव के जनार्दन प्रसाद शर्मा समेत कई लोगों का कहना है कि इन गोलियों से किसी प्रकार का फायदा पीड़ितों को नही हुआ उल्टे यह बीमारी और जोर पकड़ गई। वर्तमान समय में इस गंाव के हर्षित, अकुल, सुनील, सोनम, पेशकार, जनार्दन, पिंटू समेत करीब 20 लोग इस संक्रामक बीमारी की चपेट में हैं। पीड़ितों के शरीर पर छोटे बड़े दाने निकले हुए है। जनार्दन शर्मा ने बताया कि इस बीमारी की सूचना कई बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दी गई लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी गांव नही पहुंचा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गांव में स्वास्थ्य टीम भेजे जाने की मांग की है।
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गांव के लोगों की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के स्वास्थ्य कर्मी एक दिन गांव जाकर कुछ लोगों को गोलियां बांट चुके हैं लेकिन प्रभावी ढंग से इलाज न होने के कारण इस बीमारी के प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने अपना पांव पसारना शुरू कर दिया है मगर स्वास्थ्य विभाग के पास इन बीमारियों से निपटने के लिए कोई कारगर रणनीति नही तैयार कर सका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना से महज दो किमी की दूरी पर स्थित धौरहरा गांव की आबादी तीन सौ के करीब है।
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इस गांव में पिछले चार माह से खसरा फैला हुआ है लेकिन माह पहले इस गांव में चिकनपॉक्स की बीमारी ने पांव पसारना शुरू किया तो गांव के जागरूक लोगों ने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के चिकित्साधीक्षक को दी और गांव में स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की लेकिन केंद्र के चिकित्साधीक्षक ने इस पर कोई ध्यान नही दिया। जिपर कुछ ही दिन बाद यह बीमारी पूरे गांव में फैल गई और करीब 40 लोग इसकी चपेट में आकर बीमार हो गए।
इसकी सूचना जब स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को हुई तो उन्होने गांव में स्वास्थ्य टीम को कैंप करने का निर्देश दिया। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य टीम के कर्मचारी गांव गए और कुछ लाल पीली गोलियां बांटकर वापस लौट गए। गांव के जनार्दन प्रसाद शर्मा समेत कई लोगों का कहना है कि इन गोलियों से किसी प्रकार का फायदा पीड़ितों को नही हुआ उल्टे यह बीमारी और जोर पकड़ गई। वर्तमान समय में इस गंाव के हर्षित, अकुल, सुनील, सोनम, पेशकार, जनार्दन, पिंटू समेत करीब 20 लोग इस संक्रामक बीमारी की चपेट में हैं। पीड़ितों के शरीर पर छोटे बड़े दाने निकले हुए है। जनार्दन शर्मा ने बताया कि इस बीमारी की सूचना कई बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दी गई लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी गांव नही पहुंचा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गांव में स्वास्थ्य टीम भेजे जाने की मांग की है।