{"_id":"666c9e3c2dea032c000ddf09","slug":"cheated-of-rs-10-lakh-by-pretending-to-be-an-employee-of-cm-office-gonda-news-c-100-1-slko1026-118612-2024-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: सीएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर 10 लाख रुपये ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: सीएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर 10 लाख रुपये ठगे
Sat, 15 Jun 2024 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 15 Jun 2024 01:17 AM IST
विज्ञापन
नवाबगंज (गोंडा)। खुद को सीएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर एक जालसाज ने खदान का पट्टा दिलाने का झांसा देकर पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक के रिश्तेदार से 10 लाख रुपये ठग लिए। ठेका न मिलने पर रकम का तगादा करने पर आरोपी ने धमकी भी दी। मामले में दो लोगों के खिलाफ थाना नवाबगंज में धोखाधड़ी, गबन समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव निवासी अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि वह वर्ष 2017 से 2020 तक आगरा में संयुक्त शिक्षा निदेशक के पद पर नियुक्त थे। उसी समय आगरा डिग्री काॅलेज में तैनात यादवेंद्र शर्मा से उनकी मुलाकात हुई और बातचीत के दौरान दोस्ती हो गई। अरविंद के मुताबिक बस्ती जिले के विक्रमजोत निवासी उनके रिश्तेदार देवधर दूबे गिट्टी मौरंग की दुकान करते हैं। देवधर ने उनके माध्यम से यादवेंद्र शर्मा से मौरंग की खदान दिलाने की बात की। इस पर यादवेंद्र ने आश्वासन देते हुए चंदौली निवासी शैलेश कुमार सिंह से मोबाइल पर बात कराई। आरोप है कि शैलेश सिंह ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का कर्मचारी बताया। इसके बाद शैलेश सिंह ने देवधर दूबे को बुलाकर खदान दिलाने के नाम पर दस लाख रुपये की मांग की। अरविंद के मुताबिक देवधर दूबे ने उनकी जिम्मेदारी पर 13 मई 2023 को पांच लाख रुपये शैलेश को दे दिए। इसके बाद 28 मई 2023 को पांच लाख रुपये और दे दिए। दस लाख रुपये लेने के 10 दिन में खदान दिलाने का शैलेश ने आश्वासन भी दिया। कई महीने बीतने के बाद जब खदान का पट्टा नहीं मिला तो शैलेश सिंह से दस लाख रुपये का तगादा किया गया। मगर वह टालमटोल करने लगा। दबाव बनाने पर मुख्यमंत्री कार्यालय का हवाला देते हुए धमकी भी दी। बाद में दस लाख रुपये का चेक दिया। मगर खाते में रकम न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। जानकारी करने पर पता चला कि शैलेश सिंह किसी भी सरकारी कार्यालय में कर्मचारी नहीं है। वह इसी तरह लोगों को झांसा देकर ठगी करता है।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर शैलेश सिंह तथा यादवेंद्र शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव निवासी अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि वह वर्ष 2017 से 2020 तक आगरा में संयुक्त शिक्षा निदेशक के पद पर नियुक्त थे। उसी समय आगरा डिग्री काॅलेज में तैनात यादवेंद्र शर्मा से उनकी मुलाकात हुई और बातचीत के दौरान दोस्ती हो गई। अरविंद के मुताबिक बस्ती जिले के विक्रमजोत निवासी उनके रिश्तेदार देवधर दूबे गिट्टी मौरंग की दुकान करते हैं। देवधर ने उनके माध्यम से यादवेंद्र शर्मा से मौरंग की खदान दिलाने की बात की। इस पर यादवेंद्र ने आश्वासन देते हुए चंदौली निवासी शैलेश कुमार सिंह से मोबाइल पर बात कराई। आरोप है कि शैलेश सिंह ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का कर्मचारी बताया। इसके बाद शैलेश सिंह ने देवधर दूबे को बुलाकर खदान दिलाने के नाम पर दस लाख रुपये की मांग की। अरविंद के मुताबिक देवधर दूबे ने उनकी जिम्मेदारी पर 13 मई 2023 को पांच लाख रुपये शैलेश को दे दिए। इसके बाद 28 मई 2023 को पांच लाख रुपये और दे दिए। दस लाख रुपये लेने के 10 दिन में खदान दिलाने का शैलेश ने आश्वासन भी दिया। कई महीने बीतने के बाद जब खदान का पट्टा नहीं मिला तो शैलेश सिंह से दस लाख रुपये का तगादा किया गया। मगर वह टालमटोल करने लगा। दबाव बनाने पर मुख्यमंत्री कार्यालय का हवाला देते हुए धमकी भी दी। बाद में दस लाख रुपये का चेक दिया। मगर खाते में रकम न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। जानकारी करने पर पता चला कि शैलेश सिंह किसी भी सरकारी कार्यालय में कर्मचारी नहीं है। वह इसी तरह लोगों को झांसा देकर ठगी करता है।
विज्ञापन
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर शैलेश सिंह तथा यादवेंद्र शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन