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अदम गोंडवी की जयंती मनाई
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गोंडा। वफा का नाम लेते हैं वफा का जाम लेते हैं, जिन्हें प्यारी है हकगोई वो हक से काम लेते हैं। गरीबों, वंचितों, मजलूमों की जब बात चलती है, तो होकर यक जबां सब लोग ‘अदम’ का नाम लेते हैं। रामनाथ सिंह अदम गोंडवी की 73वीं जयंती पर उनके समाधि स्थल पर ये रचना कवि याकूब अज्म गोंडवी ने पढ़कर उनकी यादें फिर जिंदा कर दीं।
अदम गोंडवी के पैतृक गांव आंटा गजराजपुरवा में उनके नाम से बने प्राथमिक विद्यालय में उनके समाधि स्थल पर गुरुवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें चेयरमैन प्रतिनिधि परसपुर वासुदेव सिंह, अदम गोंडवी की पत्नी कमला देवी, अवधेश सिंह, अदम गोंडवी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के वीडी सिंह, परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, रामसुंदर पांडेय, प्रेमनायन सिंह, अदम गोंडवी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य रामरती पांडेय, हंसराज सिंह, प्रमोद सिंह आदि ने जनवादी कवि अदम गोंडवी के समाधि स्थल पर उन्हें याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
अवधेश सिंह ने कहा कि अदम की एक-एक पंक्ति व शब्दों पर तमाम विश्वविद्यालयों में शोध हो रहा है। कम शिक्षित होने के बावजूद उन्होंने एक-एक पंक्ति में पूरे इतिहास को ही समेट दिया है। उन्होंने समाज की पीड़ा व दर्द को अपनी रचनाओं में उतार दिया था। परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शासन-प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि अदम जी को पद्मश्री दी जाए। रामसुंदर पांडेय ने कहा कि अदम आज हमारे बीच नहीं हैं। मगर उनकी रचनाएं हमेशा लोगों को प्रेरणा देती रहेंगी।
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अदम गोंडवी के पैतृक गांव आंटा गजराजपुरवा में उनके नाम से बने प्राथमिक विद्यालय में उनके समाधि स्थल पर गुरुवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें चेयरमैन प्रतिनिधि परसपुर वासुदेव सिंह, अदम गोंडवी की पत्नी कमला देवी, अवधेश सिंह, अदम गोंडवी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के वीडी सिंह, परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, रामसुंदर पांडेय, प्रेमनायन सिंह, अदम गोंडवी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य रामरती पांडेय, हंसराज सिंह, प्रमोद सिंह आदि ने जनवादी कवि अदम गोंडवी के समाधि स्थल पर उन्हें याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
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अवधेश सिंह ने कहा कि अदम की एक-एक पंक्ति व शब्दों पर तमाम विश्वविद्यालयों में शोध हो रहा है। कम शिक्षित होने के बावजूद उन्होंने एक-एक पंक्ति में पूरे इतिहास को ही समेट दिया है। उन्होंने समाज की पीड़ा व दर्द को अपनी रचनाओं में उतार दिया था। परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शासन-प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि अदम जी को पद्मश्री दी जाए। रामसुंदर पांडेय ने कहा कि अदम आज हमारे बीच नहीं हैं। मगर उनकी रचनाएं हमेशा लोगों को प्रेरणा देती रहेंगी।
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