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जिला अस्पताल के ईएमओ समेत छह लोगों पर डकैती का केस
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गोंडा। अदालत के आदेश पर जिला अस्पताल के ईएमओ समेत छह लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में डकैती समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
थाना क्षेत्र मोतीगंज के रामनगर बनकट गांव निवासी आलोक शुक्ल ने अदालत के आदेश पर कोतवाली नगर में दर्ज कराई रिपोर्ट के जरिये कहा है कि उनके बड़े भाई बृजेंद्र कुमार शुक्ल डायट दर्जीकुआं में लिपिक के पद पर तैनात थे।
आलोक के मुुताबिक उनके बड़े भाई की लोकसभा चुनाव में मतदान अधिकारी के पद पर ड्यूटी लगाई गई थी। इसलिए भाई बृजेंद्र 5 मई को शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में ड्यूटी के लिए सुबह नौ बजे पहुंचे थे।
दोपहर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह नीचे गिर गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। आरोप है कि वहां मौजूद ईएमओ डॉ. टीपी जायसवाल ने सही तरह से इलाज नहीं किया।
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आलोक ने बताया कि उनके रिश्तेदार आरपी तिवारी व अशोक मिश्र चिकित्सक से ऑक्सीजन लगाने के लिए कहते रहे। आरोप है कि डॉ. ने ऑक्सीजन लगाने के लिए एक हजार रुपए मांगते हुए कहा कि जब तक रुपए नहीं मिलेंगे तब तक ऑक्सीजन नहीं लगाएंगे।
इसी बीच बृजेंद्र शुक्ल की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। आरोप है कि चिकित्सक और उनके सहयोगियों ने आलोक को मारापीटा और 4400 रुपए छीन लिए। उनके भाई बृजेंद्र के गले की चेन, अंगूठी व 1800 रुपए भी निकाल लिए।
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थाना क्षेत्र मोतीगंज के रामनगर बनकट गांव निवासी आलोक शुक्ल ने अदालत के आदेश पर कोतवाली नगर में दर्ज कराई रिपोर्ट के जरिये कहा है कि उनके बड़े भाई बृजेंद्र कुमार शुक्ल डायट दर्जीकुआं में लिपिक के पद पर तैनात थे।
आलोक के मुुताबिक उनके बड़े भाई की लोकसभा चुनाव में मतदान अधिकारी के पद पर ड्यूटी लगाई गई थी। इसलिए भाई बृजेंद्र 5 मई को शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में ड्यूटी के लिए सुबह नौ बजे पहुंचे थे।
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दोपहर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह नीचे गिर गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। आरोप है कि वहां मौजूद ईएमओ डॉ. टीपी जायसवाल ने सही तरह से इलाज नहीं किया।
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आलोक ने बताया कि उनके रिश्तेदार आरपी तिवारी व अशोक मिश्र चिकित्सक से ऑक्सीजन लगाने के लिए कहते रहे। आरोप है कि डॉ. ने ऑक्सीजन लगाने के लिए एक हजार रुपए मांगते हुए कहा कि जब तक रुपए नहीं मिलेंगे तब तक ऑक्सीजन नहीं लगाएंगे।
इसी बीच बृजेंद्र शुक्ल की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। आरोप है कि चिकित्सक और उनके सहयोगियों ने आलोक को मारापीटा और 4400 रुपए छीन लिए। उनके भाई बृजेंद्र के गले की चेन, अंगूठी व 1800 रुपए भी निकाल लिए।