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Gonda News: गणित के सवालों से जूझे अभ्यर्थी, हिंदी व साइकोलॉजी ने दी राहत
Sat, 07 Feb 2026 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:43 PM IST
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गोंडा। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र संतुलित था, लेकिन गणित के कुछ सवालों ने उन्हें काफी देर तक उलझाए रखा। हालांकि हिंदी व साइकोलॉजी के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल बताए गए, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिली।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी विवेक पाठक ने बताया कि पेपर अच्छा था, लेकिन गणित के सवाल कठिन थे। विशेष रूप से प्रश्न संख्या-39 को लेकर असमंजस बना रहा, क्योंकि किसी भी विकल्प को पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता था। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रश्न को निरस्त भी किया जा सकता है।
मुजेहना निवासी कुलदीप शुक्ल ने कहा कि कुल मिलाकर पेपर अच्छा और संतुलित था। जीके व जीएस के प्रश्न थोड़ा समय लेने वाले थे, लेकिन हिंदी और साइकोलॉजी के प्रश्न आसान होने से पेपर हल करने में मदद मिली।
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संदीप मिश्र ने बताया कि पेपर का स्तर सीटीईटी के मानकों के अनुरूप था, लेकिन प्रश्नपत्र लंबा होने के कारण समय प्रबंधन चुनौती रहा। कई सवालों में गहन विश्लेषण की जरूरत थी, जिससे समय अधिक लगा। वहीं, सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि पेपर अच्छा था, लेकिन विश्लेषणात्मक प्रश्नों की अधिक संख्या के कारण काफी समय लगा।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी विवेक पाठक ने बताया कि पेपर अच्छा था, लेकिन गणित के सवाल कठिन थे। विशेष रूप से प्रश्न संख्या-39 को लेकर असमंजस बना रहा, क्योंकि किसी भी विकल्प को पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता था। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रश्न को निरस्त भी किया जा सकता है।
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मुजेहना निवासी कुलदीप शुक्ल ने कहा कि कुल मिलाकर पेपर अच्छा और संतुलित था। जीके व जीएस के प्रश्न थोड़ा समय लेने वाले थे, लेकिन हिंदी और साइकोलॉजी के प्रश्न आसान होने से पेपर हल करने में मदद मिली।
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संदीप मिश्र ने बताया कि पेपर का स्तर सीटीईटी के मानकों के अनुरूप था, लेकिन प्रश्नपत्र लंबा होने के कारण समय प्रबंधन चुनौती रहा। कई सवालों में गहन विश्लेषण की जरूरत थी, जिससे समय अधिक लगा। वहीं, सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि पेपर अच्छा था, लेकिन विश्लेषणात्मक प्रश्नों की अधिक संख्या के कारण काफी समय लगा।