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चीनी बेचने को तलाशे जा रहे खरीदार
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Wed, 18 May 2016 11:33 PM IST
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बजाज शुगर मिल
- फोटो : अमर उजाला
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बजाज चीनी मिल को गन्ना बेचने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिला प्रशासन ने मिल के जब्त की गई 87.5 करोड़ की चीनी, शीरा, बगास की बिक्री के लिए खरीदारों से बात शुरू कर दी है और सब कुछ ठीक चला तो किसानों को जल्द ही गन्ना मूल्य का भुगतान मिल जाएगा। उधर, चीनी मिल प्रबंधन का कोई भी अफसर इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
बजाज हिंदुस्तान समूह की चीनी मिल इकाई इटईमैदा, उतरौला ने क्षेत्र के करीब 30 हजार गन्ना किसानों का 63 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य दबा रखा है। गन्ना मूल्य भुगतान के लिए डीएम के निर्देश पर करीब तीन सप्ताह पूर्व मिल के अध्याशी के खिलाफ उतरौला कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था।
केस दर्ज कराने के बाद भी भुगतान के संबंध में कोई कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बीते दिन चीनी मिल के गोदाम में रखी चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड जब्त कर लिया है।
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डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर यह सारा सामान उतरौला एसडीएम आरके यादव व विशेष सचिव गन्ना सहकारी समिति उतरौला दिनेश चंद्रलाल की निगरानी में दिया गया है।
चीनी मिल इटईमैदा, उतरौला में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए प्रशासन द्वारा जब्त की गई चीनी, शीरा, बगास तथा प्रेसमड की बिक्री में प्रशासन के हाथ नियम-कानून के तहत बंधे हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि जब्त किए गए सामान के बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल की कंपनियों से बात हो रही है।
बिक्री केे बाद जो पैसा मिलेगा, वह एसडीएम उतरौला, जिला गन्ना अधिकारी व चीनी मिल अध्यासी के संयुक्त खाते में जमा होगा। उसके बाद जिला गन्ना अधिकारी द्वारा किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
चीनी मिल में जब्त किए गए सामान की निगरानी के लिए गन्ना सहकारी समिति उतरौला के कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बगैर प्रशासनिक निर्देश के कोई भी सामान गोदाम से बाहर नहीं भेजा जा सकता है।
जिला गन्ना अधिकारी बलरामपुर यशपाल सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिल इटई मैदा में जब्त चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड की बिक्री के लिए खरीदारों से बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही सामान की बिक्री कर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से भी मार्गदर्शन मांगा गया है।
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बजाज हिंदुस्तान समूह की चीनी मिल इकाई इटईमैदा, उतरौला ने क्षेत्र के करीब 30 हजार गन्ना किसानों का 63 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य दबा रखा है। गन्ना मूल्य भुगतान के लिए डीएम के निर्देश पर करीब तीन सप्ताह पूर्व मिल के अध्याशी के खिलाफ उतरौला कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था।
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केस दर्ज कराने के बाद भी भुगतान के संबंध में कोई कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बीते दिन चीनी मिल के गोदाम में रखी चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड जब्त कर लिया है।
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डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर यह सारा सामान उतरौला एसडीएम आरके यादव व विशेष सचिव गन्ना सहकारी समिति उतरौला दिनेश चंद्रलाल की निगरानी में दिया गया है।
चीनी मिल इटईमैदा, उतरौला में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए प्रशासन द्वारा जब्त की गई चीनी, शीरा, बगास तथा प्रेसमड की बिक्री में प्रशासन के हाथ नियम-कानून के तहत बंधे हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि जब्त किए गए सामान के बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल की कंपनियों से बात हो रही है।
बिक्री केे बाद जो पैसा मिलेगा, वह एसडीएम उतरौला, जिला गन्ना अधिकारी व चीनी मिल अध्यासी के संयुक्त खाते में जमा होगा। उसके बाद जिला गन्ना अधिकारी द्वारा किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
चीनी मिल में जब्त किए गए सामान की निगरानी के लिए गन्ना सहकारी समिति उतरौला के कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बगैर प्रशासनिक निर्देश के कोई भी सामान गोदाम से बाहर नहीं भेजा जा सकता है।
जिला गन्ना अधिकारी बलरामपुर यशपाल सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिल इटई मैदा में जब्त चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड की बिक्री के लिए खरीदारों से बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही सामान की बिक्री कर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से भी मार्गदर्शन मांगा गया है।