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गरजा बुलडोजर: 34 पक्के मकान, 24 अस्थाई दुकानें धराशायी
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फोटो-23-गोंडा में करनैलगंज के पाल्हापुर में मकान ढहाती जेसीबी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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करनैलगंज (गोंडा)। चरागाह एवं बाढ़ शरणार्थी स्थल की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए 34 पक्के मकानों व 24 अस्थाई दुकानों पर गुरुवार को बुलडोजर चलाया गया। सभी मकानों को गिराकर जमीन की सतह के बराबर कर दिया गया। गुरुवार को करनैलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम चचरी पाल्हापुर में स्थित एक बड़े मैदान जिस पर राजनेताओं का हेलीकॉप्टर उतरने के साथ-साथ मंच भी बनाया जाता है। बाढ़ आने पर इस मैदान को शरणार्थी स्थल के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह भूमि चरागाह में दर्ज है।
भूमि पर किनारे-किनारे लोगों ने काफी समय से कब्जा कर अवैध तरीके से मकान बना लिया था। जिसे चिह्नित करने का काम पूरा होने के बाद प्रशासन ने विधानसभा चुनाव के पूर्व सभी मकान मालिकों व अवैध कब्जेदारों को मकान खाली करने एवं अवैध अतिक्रमण को हटा लेने की नोटिस दी थी। लेकिन अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन ने गुरुवार को पुलिस बल के साथ एसडीएम की अगुवाई में 34 पक्के मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। कई दो मंजिला मकान व दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन से अधिक अस्थाई दुकानें रखी हुई थी। उसे भी प्रशासन ने हटवाया। दिन में 11 बजे से बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा। अभियान में एसडीएम हीरालाल, तहसीलदार पुष्कर मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी मुन्ना उपाध्याय, कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक अवधेश कुमार दूबे व लेखपालों सहित पुलिस बल शामिल रहा।
बेघर हो गया भूमिहीन परिवार
अतिक्रमण हटाओ अभियान में एक ऐसा परिवार बेघर हो गया। इसके पास एक इंच भी जमीन नहीं है। मुन्नालाल गोस्वामी चाट का ठेला लगाकर अपने परिवार व माता-पिता की जीविका चलाते हैं। उसे 15 वर्ष पहले इंदिरा आवास मिला था। वह भूमिहीन था, इसलिए उस समय उसको आवास बनाने के लिए कहा गया था। सात लोगों का परिवार है। उसका भी मकान अतिक्रमण की जद में आने से गिरा दिया गया। वहीं रमेश कुमार, श्रीपाल, अयोध्या, मंजू, ओम सिंह, शिव प्रसाद, राजू, सूर्यभान, निराई, ननके, रोहिणी, दद्दन सिंह, राकेश कुमार सिंह, बड़कऊ, रघुनाथ, गंगाराम, रामा, गुल्ले, रामू, विनोद, प्रतिपाल, विनय राय, संतोष कुमार, गुड्डू सिंह, सर्वेश सिंह, राघवेंद्र, जगदंबा, भगवती, स्वयंबर, बुद्धू, सर्वेश सिंह, विश्राम, हरिपाल, पुजारी, अवधेश के मकान व दुकान ढहा दिए गए।
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तीन परिवारों को मिलेेगा भूमि का पट्टा
एसडीएम हीरालाल ने बताया कि इस सरकारी भूमि को खाली कराने का निर्देश हाईकोर्ट ने 2019 में ही दिया था। तभी से प्रक्रिया चल रही है। नियमानुसार सभी को नोटिस जारी किया गया। दो माह की मोहलत भी दी गई थी। मगर स्वत: अतिक्रमण न हटाने पर बुलडोजर चलाया गया है। उन्होंने बताया कि तीन भूमिहीन परिवारों को एक सप्ताह में भूमि का पट्टा देने का निर्देश प्रधान व राजस्व कर्मचारियों को दिया गया है।
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भूमि पर किनारे-किनारे लोगों ने काफी समय से कब्जा कर अवैध तरीके से मकान बना लिया था। जिसे चिह्नित करने का काम पूरा होने के बाद प्रशासन ने विधानसभा चुनाव के पूर्व सभी मकान मालिकों व अवैध कब्जेदारों को मकान खाली करने एवं अवैध अतिक्रमण को हटा लेने की नोटिस दी थी। लेकिन अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन ने गुरुवार को पुलिस बल के साथ एसडीएम की अगुवाई में 34 पक्के मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। कई दो मंजिला मकान व दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन से अधिक अस्थाई दुकानें रखी हुई थी। उसे भी प्रशासन ने हटवाया। दिन में 11 बजे से बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा। अभियान में एसडीएम हीरालाल, तहसीलदार पुष्कर मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी मुन्ना उपाध्याय, कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक अवधेश कुमार दूबे व लेखपालों सहित पुलिस बल शामिल रहा।
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बेघर हो गया भूमिहीन परिवार
अतिक्रमण हटाओ अभियान में एक ऐसा परिवार बेघर हो गया। इसके पास एक इंच भी जमीन नहीं है। मुन्नालाल गोस्वामी चाट का ठेला लगाकर अपने परिवार व माता-पिता की जीविका चलाते हैं। उसे 15 वर्ष पहले इंदिरा आवास मिला था। वह भूमिहीन था, इसलिए उस समय उसको आवास बनाने के लिए कहा गया था। सात लोगों का परिवार है। उसका भी मकान अतिक्रमण की जद में आने से गिरा दिया गया। वहीं रमेश कुमार, श्रीपाल, अयोध्या, मंजू, ओम सिंह, शिव प्रसाद, राजू, सूर्यभान, निराई, ननके, रोहिणी, दद्दन सिंह, राकेश कुमार सिंह, बड़कऊ, रघुनाथ, गंगाराम, रामा, गुल्ले, रामू, विनोद, प्रतिपाल, विनय राय, संतोष कुमार, गुड्डू सिंह, सर्वेश सिंह, राघवेंद्र, जगदंबा, भगवती, स्वयंबर, बुद्धू, सर्वेश सिंह, विश्राम, हरिपाल, पुजारी, अवधेश के मकान व दुकान ढहा दिए गए।
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तीन परिवारों को मिलेेगा भूमि का पट्टा
एसडीएम हीरालाल ने बताया कि इस सरकारी भूमि को खाली कराने का निर्देश हाईकोर्ट ने 2019 में ही दिया था। तभी से प्रक्रिया चल रही है। नियमानुसार सभी को नोटिस जारी किया गया। दो माह की मोहलत भी दी गई थी। मगर स्वत: अतिक्रमण न हटाने पर बुलडोजर चलाया गया है। उन्होंने बताया कि तीन भूमिहीन परिवारों को एक सप्ताह में भूमि का पट्टा देने का निर्देश प्रधान व राजस्व कर्मचारियों को दिया गया है।