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किसानों की तरक्की और पर्यावरण संरक्षण पर हुआ मंथन
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गोंडा। कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की दूसरी बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की अध्यक्षता में हुई। जिलाधिकारी ने किसानों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई पहल करने के सुझाव दिए।
उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन से चारा ब्लॉक बनाने, जैव ऊर्जा बोर्ड के साथ समन्वय कर हरी खाद बनाने, अमरूद में कनोपी प्रबंधन, कृषि मशीनीकरण के अंतर्गत हैरो पावर, टिलर, गन्ने के साथ सह फसली खेती, सहजन के मूल्य वर्धित उत्पाद बनाने, आलू में कुफरी चिप्सोना की खेती को बढ़ावा देने के साथ ही मधुमक्खी पालन व मशरूम उत्पादन के प्रशिक्षण आदि की पहल करने पर जोर दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ने कृषि विज्ञान केंद्र के उद्देश्यों की जानकारी दी। केंद्र के अध्यक्ष ने प्रगति प्रतिवेदन वर्ष 2020 एवं कार्य योजना वर्ष 2021 को सारांश में प्रस्तुत किया।
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डॉ. मिथिलेश कुमार पांडेय वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने कृषि वानिकी, डॉ. केके मौर्य ने कृषि अभियंत्रण, डॉ. रामलखन सिंह सस्य वैज्ञानिक ने सस्य अनुभाग, डॉ. मनोज कुमार सिंह ने उद्यान विज्ञान विषय के बारे में जानकारी दी। डॉ. अर्चना सिंह ने गृह विज्ञान अनुभाग की प्रगति प्रतिवेदन वर्ष 2020 एवं वार्षिक कार्य योजना वर्ष 2021 प्रस्तुत की।
डॉ. मुकुल तिवारी उप कृषि निदेशक ने फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर कृषकों को जागरूक करने व धान प्रजाति सीओ 51 के प्रदर्शन करवाने का सुझाव दिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र दीनदयाल शोध संस्थान गोपाल ग्राम उपेन्द्र नाथ सिंह ने गन्ना के साथ सह फसली खेती को बढ़ावा देने, किसान अतुल कुमार सिंह ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी।
उप जिलाधिकारी मनकापुर हीरालाल ने कृषकों की आय दुगनी करने के बारे में जानकारी दी। बायो एनर्जी कृषक उत्पादक संगठन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने संगठन की गतिविधियां बढ़ाने के लिए सहयोग की अपील की।
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उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन से चारा ब्लॉक बनाने, जैव ऊर्जा बोर्ड के साथ समन्वय कर हरी खाद बनाने, अमरूद में कनोपी प्रबंधन, कृषि मशीनीकरण के अंतर्गत हैरो पावर, टिलर, गन्ने के साथ सह फसली खेती, सहजन के मूल्य वर्धित उत्पाद बनाने, आलू में कुफरी चिप्सोना की खेती को बढ़ावा देने के साथ ही मधुमक्खी पालन व मशरूम उत्पादन के प्रशिक्षण आदि की पहल करने पर जोर दिया।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ने कृषि विज्ञान केंद्र के उद्देश्यों की जानकारी दी। केंद्र के अध्यक्ष ने प्रगति प्रतिवेदन वर्ष 2020 एवं कार्य योजना वर्ष 2021 को सारांश में प्रस्तुत किया।
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डॉ. मिथिलेश कुमार पांडेय वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने कृषि वानिकी, डॉ. केके मौर्य ने कृषि अभियंत्रण, डॉ. रामलखन सिंह सस्य वैज्ञानिक ने सस्य अनुभाग, डॉ. मनोज कुमार सिंह ने उद्यान विज्ञान विषय के बारे में जानकारी दी। डॉ. अर्चना सिंह ने गृह विज्ञान अनुभाग की प्रगति प्रतिवेदन वर्ष 2020 एवं वार्षिक कार्य योजना वर्ष 2021 प्रस्तुत की।
डॉ. मुकुल तिवारी उप कृषि निदेशक ने फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर कृषकों को जागरूक करने व धान प्रजाति सीओ 51 के प्रदर्शन करवाने का सुझाव दिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र दीनदयाल शोध संस्थान गोपाल ग्राम उपेन्द्र नाथ सिंह ने गन्ना के साथ सह फसली खेती को बढ़ावा देने, किसान अतुल कुमार सिंह ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी।
उप जिलाधिकारी मनकापुर हीरालाल ने कृषकों की आय दुगनी करने के बारे में जानकारी दी। बायो एनर्जी कृषक उत्पादक संगठन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने संगठन की गतिविधियां बढ़ाने के लिए सहयोग की अपील की।