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परिणाम के बाद अब प्रमाण पत्र का इंतजार
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गोंडा। बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद अब परीक्षार्थी अंक पत्र व प्रमाण पत्र का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा देरी से होने और परिणाम में देरी से प्रमाण पत्रों के लिए बेचैनी है। आगे की कक्षाओं में वह प्रवेश के लिए पंजीकरण करा सकें। यूपी बोर्ड ने अंकपत्र में बदलाव किया है। अंकपत्र में छात्र-छात्रा के नाम के साथ माता-पिता का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखा होगा। अंकपत्र और प्रमाणपत्र में लगातार दूसरे वर्ष माता का नाम शामिल किया गया है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी अंकपत्र और प्रमाणपत्र एक ही होगा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों को इस वर्ष डिजिटल सिग्नेचर वाला अंकपत्र और प्रमाणपत्र मिलेगा।
बोर्ड के परीक्षार्थियों को मिलने वाले अंकपत्र और प्रमाणपत्र में पहली बार ऐसा होगा, जिसमें पिता के साथ माता का नाम भी शामिल होगा। यूपी बोर्ड ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह पहल करते हुए पिता के साथ ही मां का नाम भी शामिल किया है। दूसरा मौका है जब अंकपत्र और प्रमाणपत्र में पिता के साथ मां का नाम जोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह में अंकपत्र कॉलेजों में क्षेत्रीय कार्यालय के जरिए पहुंच जाएंगे।
विद्यार्थी कॉलेज से अपने अंक पत्र ले सकेंगे। बोर्ड परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल में पंजीकृत 46253 में 41330 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 35966 परीक्षार्थी सफल रहे। हाईस्कूल का परिणाम 87. 02 फीसदी रहा। इसी तरह इंटरमीडियट में पंजीकृत 34666 में 32157 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 28704 परीक्षार्थी सफल रहे। अब परिणाम जारी करने के बाद बोर्ड अंकपत्र को कॉलेजों को भेजने की तैयारी में जुटा है। ताकि उत्तीर्ण विद्यार्थी आगे कक्षाओं में अपना पंजीकरण करवा सकें।
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परिक्षार्थी कर सकते हैं शिकायत
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं की परिणाम संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर या बोर्ड मुख्यालय पर कर सकेंगे। छात्र-छात्राओं के अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या किसी अन्य विवरण में त्रुटि हो तो सेल में प्रत्यावेदन देकर संशोधन करा सकते हैं। प्रकोष्ठ बुधवार से काम कर रहा है। यहां परीक्षार्थी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वर्ष 2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा जिस तरह जल्दबाजी में कराई गई, उससे त्रुटि होने की संभावना है। जिले के परीक्षार्थी गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में ऑइन लाइन या कार्यालय में कार्यदिवस में उपस्थित होकर अथवा रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेज सकते हैं। इसके अलावा यूपी बोर्ड मुख्यालय में बनाए गए शिकायत प्रकोष्ठ में जाकर या रजिस्टर्ड से शिकायत भेजी जा सकती है।
स्क्रूटनी के लिए 12 तक करें आवेदन
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के अपने परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राएं स्क्रूटनी (सन्निरीक्षा) के लिए 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने लिखित एवं प्रयोगात्मक खंड के लिए 500 रुपये प्रति प्रश्नपत्र की दर से शुल्क तय किया है। स्क्रूटनी से संबंधित आवश्यक निर्देश बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदित विषयों के लिए निर्धारित शुल्क चालान के माध्यम से राजकीय कोषागार में जमा करेंगे। स्क्रूटनी के ऑनलाइन फॉर्म के प्रिंटआउट के साथ चालान पत्र संलग्न कर रजिस्टर्ड डाक से बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को 12 जुलाई तक भेजेंगे। बिना ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाए सीधे कोरियर या डाक से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
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बोर्ड के परीक्षार्थियों को मिलने वाले अंकपत्र और प्रमाणपत्र में पहली बार ऐसा होगा, जिसमें पिता के साथ माता का नाम भी शामिल होगा। यूपी बोर्ड ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह पहल करते हुए पिता के साथ ही मां का नाम भी शामिल किया है। दूसरा मौका है जब अंकपत्र और प्रमाणपत्र में पिता के साथ मां का नाम जोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह में अंकपत्र कॉलेजों में क्षेत्रीय कार्यालय के जरिए पहुंच जाएंगे।
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विद्यार्थी कॉलेज से अपने अंक पत्र ले सकेंगे। बोर्ड परीक्षा परिणाम में हाईस्कूल में पंजीकृत 46253 में 41330 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 35966 परीक्षार्थी सफल रहे। हाईस्कूल का परिणाम 87. 02 फीसदी रहा। इसी तरह इंटरमीडियट में पंजीकृत 34666 में 32157 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 28704 परीक्षार्थी सफल रहे। अब परिणाम जारी करने के बाद बोर्ड अंकपत्र को कॉलेजों को भेजने की तैयारी में जुटा है। ताकि उत्तीर्ण विद्यार्थी आगे कक्षाओं में अपना पंजीकरण करवा सकें।
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परिक्षार्थी कर सकते हैं शिकायत
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं की परिणाम संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर या बोर्ड मुख्यालय पर कर सकेंगे। छात्र-छात्राओं के अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या किसी अन्य विवरण में त्रुटि हो तो सेल में प्रत्यावेदन देकर संशोधन करा सकते हैं। प्रकोष्ठ बुधवार से काम कर रहा है। यहां परीक्षार्थी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वर्ष 2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा जिस तरह जल्दबाजी में कराई गई, उससे त्रुटि होने की संभावना है। जिले के परीक्षार्थी गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में ऑइन लाइन या कार्यालय में कार्यदिवस में उपस्थित होकर अथवा रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेज सकते हैं। इसके अलावा यूपी बोर्ड मुख्यालय में बनाए गए शिकायत प्रकोष्ठ में जाकर या रजिस्टर्ड से शिकायत भेजी जा सकती है।
स्क्रूटनी के लिए 12 तक करें आवेदन
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के अपने परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राएं स्क्रूटनी (सन्निरीक्षा) के लिए 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने लिखित एवं प्रयोगात्मक खंड के लिए 500 रुपये प्रति प्रश्नपत्र की दर से शुल्क तय किया है। स्क्रूटनी से संबंधित आवश्यक निर्देश बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदित विषयों के लिए निर्धारित शुल्क चालान के माध्यम से राजकीय कोषागार में जमा करेंगे। स्क्रूटनी के ऑनलाइन फॉर्म के प्रिंटआउट के साथ चालान पत्र संलग्न कर रजिस्टर्ड डाक से बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को 12 जुलाई तक भेजेंगे। बिना ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाए सीधे कोरियर या डाक से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।