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सियासी बवाल के बाद सपा-भाजपा प्रत्याशियों पर पहरा
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फोटो-24 गोंडा में करनैलगंज कोतवाली। (संवाद)
- फोटो : GONDA
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गोंडा। करनैलगंज विधानसभा में भाजपा और सपा समर्थकों के बीच हुए बवाल के बाद पुलिस महकमा अब अलर्ट हो गया है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रत्याशियों की गतिविधियों पर पहरा बैठा दिया है। इसके लिए यहां से भाजपा उम्मीदवार अजय कुमार सिंह और सपा के योगेश प्रताप सिंह के साथ अलग-अलग पुलिस टीम लगाई गई है। पुलिस टीम उनके साथ-साथ चलेगी और सुरक्षा के साथ उनकी प्रत्येक गतिविधियों की वीडियो रिकार्डिंग भी करेगी। इतना ही नहीं, गोंडा सदर विधानसभा क्षेत्र में भी टकराव की ऐसी संभावना को देखते हुए यहां से सपा प्रत्याशी सूरज सिंह और विधायक भाजपा प्रत्याशी प्रतीक भूषण सिंह के साथ भी ऐसी व्यवस्था की गई है।
बता दें कि पिछले चुनावों में भी सकरौरा सियासत का अखाड़ा रह चुका है। लिहाजा करनैलगंज में सतर्कता के लिए पहले ही हिदायत गई थी। इसकेे बाद भी करनैलगंज पुलिस ने सतर्कता नहीं बरती। नतीजा रहा कि मतदान के दस दिन पहले ही मारपीट के साथ हुई फायरिंग भी हुई। भाजपा प्रत्याशी को समर्थकों संग थाने पर धरना देकर पुलिस को चुनौती तक देनी पड़ी।
करनैलगंज के सकरौरा में सपा और भाजपा समर्थकों के बीच हुए बवाल में दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा, विधानसभा या पंचायत चुनाव के दौरान बवाल होना कोई नई बात नहीं है। सकरौरा 2019 के लोकसभा चुनाव में सियासत का अखाड़ा बन चुका है। यहां चुनाव के दौरान होने वाले बवाल ने परंपरा का रूप ले लिया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से लोकसभा प्रत्याशी चंद्रदेव राम यादव उर्फ करैली व भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह चुनाव मैदान में थे। दोनों के समर्थकों के बीच 27 अप्रैल 2019 को बवाल हुआ। करैली यादव के कार्यालय पर तोड़फोड़ हुई थी।
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पिछले चुनाव के बवाल के बाद भी पुलिस ने सतर्कता नहीं दिखाई। सोमवार की रात गोंडा-लखनऊ मार्ग पर हुजूरपुर मोड़ के समीप स्थित भाजपा प्रत्याशी के कार्यालय के सामने सपा व भाजपा समर्थकों के बीच हुई मारपीट व फायरिंग के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से मुकदमा दर्ज करते हुए 13 लोगों को नामजद किया और 12 अन्य अज्ञात को भी मुकदमे में अभियुक्त बनाया। जिसमें पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया। मगर पुलिस ने आरोपियों को दर्ज मुकदमे में चालान न करके शांतिभंग में गिरफ्तारी दिखाई। जिन्हे जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब अन्य आरोपियों की न तो पुलिस तलाश कर रही है और न ही मामले की तह तक जाने की जरूरत समझ रही है।
तहरीर के आधार पर दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना कराई जा रही है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। करनैलगंज के साथ गोंडा सदर के भाजपा व सपा प्रत्याशियों के साथ एक-एक पुलिस टीम लगाई गई है जो उनकी सुरक्षा के साथ गतिविधियों की भी वीडियो रिकार्डिंग कराएगी। संतोष कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक
शांतिभंग में पांच गिरफ्तार, जमानत पर रिहा
पुलिस ने हिरासत में लिए गए शंकर प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू सिंह निवासी ग्राम खजुहा, विवेक सिंह निवासी ग्राम बरवलिया, पंकज मिश्रा निवासी ग्राम लालेमऊ, सुभाष सिंह व मुनक्का सिंह निवासी ग्राम खजुहा को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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बता दें कि पिछले चुनावों में भी सकरौरा सियासत का अखाड़ा रह चुका है। लिहाजा करनैलगंज में सतर्कता के लिए पहले ही हिदायत गई थी। इसकेे बाद भी करनैलगंज पुलिस ने सतर्कता नहीं बरती। नतीजा रहा कि मतदान के दस दिन पहले ही मारपीट के साथ हुई फायरिंग भी हुई। भाजपा प्रत्याशी को समर्थकों संग थाने पर धरना देकर पुलिस को चुनौती तक देनी पड़ी।
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करनैलगंज के सकरौरा में सपा और भाजपा समर्थकों के बीच हुए बवाल में दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा, विधानसभा या पंचायत चुनाव के दौरान बवाल होना कोई नई बात नहीं है। सकरौरा 2019 के लोकसभा चुनाव में सियासत का अखाड़ा बन चुका है। यहां चुनाव के दौरान होने वाले बवाल ने परंपरा का रूप ले लिया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से लोकसभा प्रत्याशी चंद्रदेव राम यादव उर्फ करैली व भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह चुनाव मैदान में थे। दोनों के समर्थकों के बीच 27 अप्रैल 2019 को बवाल हुआ। करैली यादव के कार्यालय पर तोड़फोड़ हुई थी।
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पिछले चुनाव के बवाल के बाद भी पुलिस ने सतर्कता नहीं दिखाई। सोमवार की रात गोंडा-लखनऊ मार्ग पर हुजूरपुर मोड़ के समीप स्थित भाजपा प्रत्याशी के कार्यालय के सामने सपा व भाजपा समर्थकों के बीच हुई मारपीट व फायरिंग के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से मुकदमा दर्ज करते हुए 13 लोगों को नामजद किया और 12 अन्य अज्ञात को भी मुकदमे में अभियुक्त बनाया। जिसमें पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया। मगर पुलिस ने आरोपियों को दर्ज मुकदमे में चालान न करके शांतिभंग में गिरफ्तारी दिखाई। जिन्हे जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब अन्य आरोपियों की न तो पुलिस तलाश कर रही है और न ही मामले की तह तक जाने की जरूरत समझ रही है।
तहरीर के आधार पर दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना कराई जा रही है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। करनैलगंज के साथ गोंडा सदर के भाजपा व सपा प्रत्याशियों के साथ एक-एक पुलिस टीम लगाई गई है जो उनकी सुरक्षा के साथ गतिविधियों की भी वीडियो रिकार्डिंग कराएगी। संतोष कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक
शांतिभंग में पांच गिरफ्तार, जमानत पर रिहा
पुलिस ने हिरासत में लिए गए शंकर प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू सिंह निवासी ग्राम खजुहा, विवेक सिंह निवासी ग्राम बरवलिया, पंकज मिश्रा निवासी ग्राम लालेमऊ, सुभाष सिंह व मुनक्का सिंह निवासी ग्राम खजुहा को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।