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दो साल बाद बेसिक स्कूलों के चार लाख छात्र देंगे परीक्षा
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गोंडा। दो सालों से बेसिक स्कूलों के विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं हो रही थी। अब 22 मार्च से परीक्षा शुरू होगी। 27 मार्च को परीक्षा पूरी होगी। इसके बाद 31 मार्च को परिणाम घोषित हो जाएगा। पहली अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा।
कोरोना संक्रमण के कारण 2020 से निरस्त चल रही बेसिक शिक्षा परिषद की परीक्षा दो साल बाद शुरू होगी। शासन स्तर से परीक्षा कार्यक्रम जारी होते बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 2020 और 2021 में पहली से आठवीं तक की परीक्षा नहीं हो सकी थी। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रमोट कर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। कोरोना की तीन लहर खत्म होने के बाद परिषद ने आठवीं तक की परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार की रात में परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया गया। 22 से 27 मार्च तक होने वाली परीक्षा के लिए पहली से आठवीं तक के प्रश्नपत्र तैयार करने, एक-एक स्कूल तक वितरण कराने संग विभाग अन्य तैयारी में जुट गया है।
इधर कोर्स अधूरे, उधर विभाग परीक्षा कराने में जुटा
- बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों का कोर्स भले ही पूरा नहीं हुआ है, मगर उनकी परीक्षा मार्च माह में कराकर 31 मार्च को अंक पत्र वितरित कर दिए जाएंगे। विभाग ने 22 से 27 मार्च के बीच परीक्षा कराने की तैयारी हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते कक्षा-एक से आठ तक में पढ़ने वाले बच्चों की परीक्षाएं दो साल से नहीं हो रही थीं। चालू शिक्षा सत्र में अधिकांश समय स्कूलों के बंद रहने से पठन-पाठन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। दिसंबर में कोरोना संक्रमण बढ़ने से एक बार फिर स्कूलों को बंद कर दिया गया। पूरे जनवरी माह तक स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
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कोरोना संकट कम हुआ तो विस चुनाव से प्रभावित रही पढ़ाई
विधानसभा चुनाव कार्यक्रम जारी होने से शिक्षकों की व्यस्तता के कारण पढ़ाई बाधित रही। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं 22 से 27 मार्च के बीच कराने के लिए कहा है। 28 से 30 मार्च तक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा और 31 मार्च को बच्चों के हाथ में अंकपत्र आ जाएंगे। शिक्षकों का प्रशिक्षण और ड्यूटी से पढाई प्रभावित रहा। परीक्षा में बच्चों को पास करना विभाग की मजबूरी है। यह परीक्षा सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रहने की उम्मीद है।
बेसिक स्कूलों में परीक्षा का कार्यक्रम तय हो गया है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। तय समय पर परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
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कोरोना संक्रमण के कारण 2020 से निरस्त चल रही बेसिक शिक्षा परिषद की परीक्षा दो साल बाद शुरू होगी। शासन स्तर से परीक्षा कार्यक्रम जारी होते बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 2020 और 2021 में पहली से आठवीं तक की परीक्षा नहीं हो सकी थी। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रमोट कर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। कोरोना की तीन लहर खत्म होने के बाद परिषद ने आठवीं तक की परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार की रात में परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया गया। 22 से 27 मार्च तक होने वाली परीक्षा के लिए पहली से आठवीं तक के प्रश्नपत्र तैयार करने, एक-एक स्कूल तक वितरण कराने संग विभाग अन्य तैयारी में जुट गया है।
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इधर कोर्स अधूरे, उधर विभाग परीक्षा कराने में जुटा
- बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों का कोर्स भले ही पूरा नहीं हुआ है, मगर उनकी परीक्षा मार्च माह में कराकर 31 मार्च को अंक पत्र वितरित कर दिए जाएंगे। विभाग ने 22 से 27 मार्च के बीच परीक्षा कराने की तैयारी हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते कक्षा-एक से आठ तक में पढ़ने वाले बच्चों की परीक्षाएं दो साल से नहीं हो रही थीं। चालू शिक्षा सत्र में अधिकांश समय स्कूलों के बंद रहने से पठन-पाठन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। दिसंबर में कोरोना संक्रमण बढ़ने से एक बार फिर स्कूलों को बंद कर दिया गया। पूरे जनवरी माह तक स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
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विधानसभा चुनाव कार्यक्रम जारी होने से शिक्षकों की व्यस्तता के कारण पढ़ाई बाधित रही। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं 22 से 27 मार्च के बीच कराने के लिए कहा है। 28 से 30 मार्च तक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा और 31 मार्च को बच्चों के हाथ में अंकपत्र आ जाएंगे। शिक्षकों का प्रशिक्षण और ड्यूटी से पढाई प्रभावित रहा। परीक्षा में बच्चों को पास करना विभाग की मजबूरी है। यह परीक्षा सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रहने की उम्मीद है।
बेसिक स्कूलों में परीक्षा का कार्यक्रम तय हो गया है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। तय समय पर परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए