बैंक हड़ताल से 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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सर्व यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सर्वेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिले के सभी बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने ताला बन्दी रख कर शहर के रीजनल कार्यालय पर मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
आज के इस बैंक तालाबन्दी से जिले के सभी ग्रामीण बैंकों को मिला कर करीब 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों में तालाबंदी से न धन की जमा निकासी हुई न ही चेकों की क्लीयरिंग हो सकी। बैंक में कोई काम नही हुआ। लेनदेन बंद होने से खाताधारकों को काफी परेशानी हुई। वहीं रीजनल कार्यालय पर अधिकारियों व कर्मचारियों का धरना दिन भर चलता रहा। इस दौरान सभा में एसोसिएशन महा मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद शेयर धारकों से वार्ता कर सहमति नहीं बन सकी है।
वहीं जो अब बैंक से कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उन्हें पेंशन से वंचित किया जा रहा है। मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि बैंकिंग उद्योग से जून माह से लागू 10वें वेतन समझौते को पूर्ण समानता के तय सिद्धांत के तहत ग्रामीण बैंको में लागू करने का आदेश किया जाना चाहिए।
ओपी तिवारी नेे मित्रा कमेटी की रिपोर्ट पर सवाल उठाए। रीजनल कार्यालय के महामंत्री जय राम सुमन ने कहा कि पिछले तीन दशक से न्यूनतम मजदूरी कर रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी व पार्ट टाइम स्वीपर की सेवा शर्तों का भी स्थायी रूप प्रदान किया जाए। रीजनल कार्यालय के अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि बैंकिंग उद्योग में अगस्त 2014 से नौकरी देने की नीति का निर्धारित हो चुका है।
इसे ग्रामीण बैंकों पर लागू किया जाए। इसके अलावा एके सिंह, सुधीर कुमार चौरसिया, अनिल कुमार आदि ने भी अपनी बात रखी। इसके बाद सभी पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश सिंह को अपनी 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि बैकं के चेकों समेत किसी तरह का भुगतान व जमा लेने का कार्य नही हुआ। जिले भर में ग्रामीण बैंक का करीब 200 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है।