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नदारद बैंक प्रबंधकों से स्पष्टीकरण तलब
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2015 11:36 PM IST
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साथ ही खादी ग्रामोद्योग के मण्डलीय अधिकारी जो कि गोरखपुर में बैठते हैं, के बार-बार मीटिंग में अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त दूबे ने यह कार्यवाही जिला पंचायत सभागार में बुधवार को आयोजित मण्डल स्तरीय उद्योगबंधु की बैठक के दौरान की है।
आयुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उद्यमियों की समस्याओं को जानबूझकर नजरअंदाज करने वाले अधिकारी अब बख्शे नही जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यम के लिए आवेदन करने वाले आवेदकोें को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जाएं।
बैठक में कई विभागों के अधिकारियों ने आयुक्त को अवगत कराया कि बैंकों से उद्यमियों को ऋण स्वीकृति मिल जाने के बाद शासनादेश के अनुसार कम से कम 20 ऐसे लाभार्थी होने चाहिए जो कि अपने-अपने उद्यमों से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हों, परंतु प्रशिक्षण की जिम्मेदार संस्थाएं अथवा विभागों द्वारा प्रशिक्षण में रुचि न लेने के कारण बैंकों से स्वीकृति के बावजूद लोगों को रोजगार के लिए ऋण नहीं मिल पा रहा है। इस प्रकरण पर आयुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा संस्थाओं को रुचि लेकर कार्य करने की नसीहत दी है।
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बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि उद्यमियों को विद्यतु कनेक्शन के लिए न दौड़ाया जाय तथा उन्हें आसानी से लाइसेंस आदि भी दिए जाएं जिससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी साथ ही उद्यमियों को लाभ भी मिलेगा।
इसके अलावा आयुक्त ने रोगजार हेतु इच्छुक उद्यमियों के आवेदनों को अनावश्यक लटकाने वाले बैंकों प्रबंधकों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश उपायुक्त जिला उद्योग केन्द्र को दिए हैं।
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आयुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उद्यमियों की समस्याओं को जानबूझकर नजरअंदाज करने वाले अधिकारी अब बख्शे नही जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यम के लिए आवेदन करने वाले आवेदकोें को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जाएं।
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बैठक में कई विभागों के अधिकारियों ने आयुक्त को अवगत कराया कि बैंकों से उद्यमियों को ऋण स्वीकृति मिल जाने के बाद शासनादेश के अनुसार कम से कम 20 ऐसे लाभार्थी होने चाहिए जो कि अपने-अपने उद्यमों से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हों, परंतु प्रशिक्षण की जिम्मेदार संस्थाएं अथवा विभागों द्वारा प्रशिक्षण में रुचि न लेने के कारण बैंकों से स्वीकृति के बावजूद लोगों को रोजगार के लिए ऋण नहीं मिल पा रहा है। इस प्रकरण पर आयुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा संस्थाओं को रुचि लेकर कार्य करने की नसीहत दी है।
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बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि उद्यमियों को विद्यतु कनेक्शन के लिए न दौड़ाया जाय तथा उन्हें आसानी से लाइसेंस आदि भी दिए जाएं जिससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी साथ ही उद्यमियों को लाभ भी मिलेगा।
इसके अलावा आयुक्त ने रोगजार हेतु इच्छुक उद्यमियों के आवेदनों को अनावश्यक लटकाने वाले बैंकों प्रबंधकों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश उपायुक्त जिला उद्योग केन्द्र को दिए हैं।