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Gonda News: बजरंग पूनिया ने नाबालिग लड़की को बनाया मोहरा
Sun, 30 Apr 2023 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 30 Apr 2023 11:19 PM IST
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नंदिनीनगर में पत्रकारों से बात करते सांसद बृजभूषण शरण सिंह। - संवाद
गोंडा। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को नया खुलासा किया। इस बार निशाने पर पहलवान बजरंग पूनिया रहे। सांसद ने कहा- बजरंग पूनिया ने आरोप लगाने के लिए नाबालिग लड़की की तलाश की। चार महीने बाद वह सामने आई है। इससे जुड़ा एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें साफ तौर पर साजिश की बात सामने आ रही है। बृजभूषण ने कहा- आरोप लगाने के लिए पूनिया ने नाबालिग लड़की को ‘मोटिवेट’ किया है। यह हरकत उचित नहीं है। हमें जांच एजेंसियों, दिल्ली पुलिस और न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है।
नंदिनीनगर महाविद्यालय में रविवार को कैसरगंज सांसद बृजभूषण ने पीएम के मन की बात सुनी। इसके बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ‘हरियाणा लॉबी’ को एक बार फिर निशाने पर रखा। कहा- विशेष ‘लॉबी’ के चुनिंदा पहलवानों को साजिश के तहत शामिल करके ये आरोप लगाए गए हैं। इसके लिए बजरंग पूनिया को लगाया गया कि वह ऐसी लड़की की तलाश करें जो शिकायत कर सके। पूनिया ने चार महीने तक लड़की की तलाश की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कहानी गढ़ी गई।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर पलटवार करते हुए सांसद ने कहा- प्रियंका को हुड्डा एंड कंपनी ने गुमराह किया है। प्रियंका गलतफहमी में हैं। सामने चुनाव लड़कर देख लें सारी गफलत दूर हो जाएगी। बात दोहराते हुए सांसद ने कहा- गांधी परिवार और कांग्रेस की बड़ी नेत्री हैं प्रियंका वाड्रा। मैं उन्हें खुली चुनौती देता हूं कि कैसरगंज, गोंडा, श्रावस्ती या आसपास की किसी भी लोकसभा सीट से मेरे सामने चुनाव मैदान में उतर जाएं। परिणाम से हकीकत खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी।
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सांसद ने अपनी जान काे खतरा बताया। कहा- मेरे साथ साजिश के लिए एक उद्योगपति जिम्मेदार है। उन्होंने किसी का नाम न लेते हुए जान का खतरा बताया। कहा कि वह हजारों करोड़ का आदमी है, मुझे मरवा देगा। बताया कि अभी दिल्ली पुलिस ने मुझसे संपर्क नहीं किया है। पुलिस जहां बुलाएगी वहां जाने के लिए तैयार हूं। पार्टी कहे तो इस्तीफा देने को भी तैयार हूं। सांसद ने कहा- यह मेरा निजी मामला है, इसमें भाजपा को न घसीटा जाए। जो होना होगा मुझे होगा पार्टी से कोई लेना-देना नहीं। यह लड़ाई अब खिलाड़ियों के हाथ से निकल गई है। यह लड़ाई अब राजनीतिक हो गई है। लोग राजनीतिक रोटियां सेंकना चाह रहे हैं मगर जनता का समर्थन ही नहीं मिल रहा है।
सांसद बृजभूषण ने साईं और रेलवे बोर्ड पर भी सवाल उठाया। कहा- किसकी अनुमति से रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी धरने में गए। जहां पीएम मोदी और सरकार विरोधी नारे लग रहे हों, वहां रेलवे के खिलाड़ी क्यों गए? पूछा कि साईं ने अखाड़ों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? रेलवे ने भी अपने कर्मचारियों को कोई नोटिस नहीं दिया है। जनवरी के धरने में भारतीय वायुसेना और हरियाणा पुलिस के पहलवानों को भी इन्हीं लोगों ने उकसाया था मगर उन लोगों ने धरना देने से मना कर दिया था।
यौन शोषण मामले में पहलवानों के दांव से भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लोगों की निगाहें दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में पांच मई को मामले की सुनवाई होनी है, ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस इससे पहले ही जांच आदि की कार्रवाई शुरू करेगी।
पहलवानों के दांव पर बृजभूषण की निगाहें टिकी हैं। दिल्ली में क्या हो रहा है? इस पर उनकी टीम भी बराबर नजर रख रही है। दो एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद भले ही अभी एफआईआर की कॉपी न मिलने की बात कह रहे हैं मगर उनके विधिक सलाहकार सभी विकल्पों पर तैयारी कर रहे हैं।
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर रहे पहलवान भी आरोप लगा चुके हैं कि पूर्व में हुई जांच की पूरी जानकारी सांसद को थी। जबकि सांसद ने पलटवार किया है कि जांच में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी पहलवानों को मिल रही थी। इसी के चलते उन्हें क्लीन चिट मिलने की भनक लगते ही पहलवानों ने दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नंदिनीनगर में रविवार को बृजभूषण ने बजरंग पूनिया पर नाबालिग लड़की खोजने का आरोप लगाकर भी चौंका दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास एक ऑडियो भी है जो वायरल हो रहा है। इससे साफ है कि उनके खिलाफ षड्यंत्र के लिए बजरंग पूनिया चार महीने से नाबालिग लड़की की तलाश कर रहे थे। बृजभूषण के पलटवार से साफ है कि उनकी टीम हर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस के अगले कदम पर जिले के लोगों की निगाहें टिकी हैं। चर्चा है कि पॉक्सो एक्ट की धारा में एफआईआर से बृजभूषण की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उनके लिए बचाव की राह आसान नहीं है। फिलहाल बृजभूषण के समर्थक कशमकश में हैं कि आखिर इस पूरे मामले का पटाक्षेप किस तरह होगा।
नंदिनीनगर महाविद्यालय परिसर में रविवार को एक न्यूज चैनल के विशेष साक्षात्कार में बृजभूषण ने बॉडी शेमिंग के आरोप पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा- झूठ, झूठ, सरासर झूठ। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। क्या मैं शिलाजीत की रोटियां खाता था, जो एक हजार लोगों का यौन शोषण करूंगा। बृजभूषण ने कहा- अखिलेश यादव ने भी माना, मैं चरित्रहीन नहीं। सपा में जाने के सवाल पर बोले- अखिलेश यादव हमें बचपन से जानते हैं। 80 फीसदी पहलवान समाजवादी परिवार से आते हैं। वह परिवारों से रिपोर्ट ले चुके हैं। अखिलेश ने भी यह नहीं माना कि मैं चरित्रहीन हूं। मैं सपा प्रमुख को पुन: धन्यवाद देता हूं। मैं राजपूतों (ठाकुर) का नेता नहीं, गरीबों का नेता हूं। हिंदू और मुसलमान सबका प्रतिनिधित्व करता हूं।
बृजभूषण ने कहा- अरविंद केजरीवाल, सत्यपाल मलिक, प्रियंका गांधी, जयंत चौधरी, दीपेंद्र हुड्डा सब पहले भी विरोध करते रहे हैं। उन्हें भाजपा का विरोध करना है। हमारी पार्टी का विरोध करने का रोज मौका खोजते हैं। उत्तर प्रदेश की किसी पार्टी के नेता ने विरोध नहीं किया और न ही बयान दिया। कांग्रेस के भी यूपी के किसी नेता ने विरोध करने वालों का समर्थन नहीं किया। दीपेंद्र हुड्डा के हाथ की कठपुतली बन गए हैं ये सभी, अब चुनाव लड़ेंगे। विनेेश फोगाट, बजरंग पूनिया सब अपने परिजनों के साथ हमारे पास एक सप्ताह पहले आए थे। तब कोई बात क्यों नहीं उठाई। उद्योगपति और धनपशु हजार-हजार करोड़ रुपये लेकर घूम रहे हैं। इनका लक्ष्य बृजभूषण शरण सिंह नहीं हैं, इस पूरी साजिश के पीछे टारगेट दूसरा है।
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नंदिनीनगर महाविद्यालय में रविवार को कैसरगंज सांसद बृजभूषण ने पीएम के मन की बात सुनी। इसके बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ‘हरियाणा लॉबी’ को एक बार फिर निशाने पर रखा। कहा- विशेष ‘लॉबी’ के चुनिंदा पहलवानों को साजिश के तहत शामिल करके ये आरोप लगाए गए हैं। इसके लिए बजरंग पूनिया को लगाया गया कि वह ऐसी लड़की की तलाश करें जो शिकायत कर सके। पूनिया ने चार महीने तक लड़की की तलाश की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कहानी गढ़ी गई।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर पलटवार करते हुए सांसद ने कहा- प्रियंका को हुड्डा एंड कंपनी ने गुमराह किया है। प्रियंका गलतफहमी में हैं। सामने चुनाव लड़कर देख लें सारी गफलत दूर हो जाएगी। बात दोहराते हुए सांसद ने कहा- गांधी परिवार और कांग्रेस की बड़ी नेत्री हैं प्रियंका वाड्रा। मैं उन्हें खुली चुनौती देता हूं कि कैसरगंज, गोंडा, श्रावस्ती या आसपास की किसी भी लोकसभा सीट से मेरे सामने चुनाव मैदान में उतर जाएं। परिणाम से हकीकत खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी।
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सांसद ने अपनी जान काे खतरा बताया। कहा- मेरे साथ साजिश के लिए एक उद्योगपति जिम्मेदार है। उन्होंने किसी का नाम न लेते हुए जान का खतरा बताया। कहा कि वह हजारों करोड़ का आदमी है, मुझे मरवा देगा। बताया कि अभी दिल्ली पुलिस ने मुझसे संपर्क नहीं किया है। पुलिस जहां बुलाएगी वहां जाने के लिए तैयार हूं। पार्टी कहे तो इस्तीफा देने को भी तैयार हूं। सांसद ने कहा- यह मेरा निजी मामला है, इसमें भाजपा को न घसीटा जाए। जो होना होगा मुझे होगा पार्टी से कोई लेना-देना नहीं। यह लड़ाई अब खिलाड़ियों के हाथ से निकल गई है। यह लड़ाई अब राजनीतिक हो गई है। लोग राजनीतिक रोटियां सेंकना चाह रहे हैं मगर जनता का समर्थन ही नहीं मिल रहा है।
सांसद बृजभूषण ने साईं और रेलवे बोर्ड पर भी सवाल उठाया। कहा- किसकी अनुमति से रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी धरने में गए। जहां पीएम मोदी और सरकार विरोधी नारे लग रहे हों, वहां रेलवे के खिलाड़ी क्यों गए? पूछा कि साईं ने अखाड़ों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? रेलवे ने भी अपने कर्मचारियों को कोई नोटिस नहीं दिया है। जनवरी के धरने में भारतीय वायुसेना और हरियाणा पुलिस के पहलवानों को भी इन्हीं लोगों ने उकसाया था मगर उन लोगों ने धरना देने से मना कर दिया था।
यौन शोषण मामले में पहलवानों के दांव से भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लोगों की निगाहें दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में पांच मई को मामले की सुनवाई होनी है, ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस इससे पहले ही जांच आदि की कार्रवाई शुरू करेगी।
पहलवानों के दांव पर बृजभूषण की निगाहें टिकी हैं। दिल्ली में क्या हो रहा है? इस पर उनकी टीम भी बराबर नजर रख रही है। दो एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद भले ही अभी एफआईआर की कॉपी न मिलने की बात कह रहे हैं मगर उनके विधिक सलाहकार सभी विकल्पों पर तैयारी कर रहे हैं।
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर रहे पहलवान भी आरोप लगा चुके हैं कि पूर्व में हुई जांच की पूरी जानकारी सांसद को थी। जबकि सांसद ने पलटवार किया है कि जांच में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी पहलवानों को मिल रही थी। इसी के चलते उन्हें क्लीन चिट मिलने की भनक लगते ही पहलवानों ने दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नंदिनीनगर में रविवार को बृजभूषण ने बजरंग पूनिया पर नाबालिग लड़की खोजने का आरोप लगाकर भी चौंका दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास एक ऑडियो भी है जो वायरल हो रहा है। इससे साफ है कि उनके खिलाफ षड्यंत्र के लिए बजरंग पूनिया चार महीने से नाबालिग लड़की की तलाश कर रहे थे। बृजभूषण के पलटवार से साफ है कि उनकी टीम हर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस के अगले कदम पर जिले के लोगों की निगाहें टिकी हैं। चर्चा है कि पॉक्सो एक्ट की धारा में एफआईआर से बृजभूषण की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उनके लिए बचाव की राह आसान नहीं है। फिलहाल बृजभूषण के समर्थक कशमकश में हैं कि आखिर इस पूरे मामले का पटाक्षेप किस तरह होगा।
नंदिनीनगर महाविद्यालय परिसर में रविवार को एक न्यूज चैनल के विशेष साक्षात्कार में बृजभूषण ने बॉडी शेमिंग के आरोप पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा- झूठ, झूठ, सरासर झूठ। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। क्या मैं शिलाजीत की रोटियां खाता था, जो एक हजार लोगों का यौन शोषण करूंगा। बृजभूषण ने कहा- अखिलेश यादव ने भी माना, मैं चरित्रहीन नहीं। सपा में जाने के सवाल पर बोले- अखिलेश यादव हमें बचपन से जानते हैं। 80 फीसदी पहलवान समाजवादी परिवार से आते हैं। वह परिवारों से रिपोर्ट ले चुके हैं। अखिलेश ने भी यह नहीं माना कि मैं चरित्रहीन हूं। मैं सपा प्रमुख को पुन: धन्यवाद देता हूं। मैं राजपूतों (ठाकुर) का नेता नहीं, गरीबों का नेता हूं। हिंदू और मुसलमान सबका प्रतिनिधित्व करता हूं।
बृजभूषण ने कहा- अरविंद केजरीवाल, सत्यपाल मलिक, प्रियंका गांधी, जयंत चौधरी, दीपेंद्र हुड्डा सब पहले भी विरोध करते रहे हैं। उन्हें भाजपा का विरोध करना है। हमारी पार्टी का विरोध करने का रोज मौका खोजते हैं। उत्तर प्रदेश की किसी पार्टी के नेता ने विरोध नहीं किया और न ही बयान दिया। कांग्रेस के भी यूपी के किसी नेता ने विरोध करने वालों का समर्थन नहीं किया। दीपेंद्र हुड्डा के हाथ की कठपुतली बन गए हैं ये सभी, अब चुनाव लड़ेंगे। विनेेश फोगाट, बजरंग पूनिया सब अपने परिजनों के साथ हमारे पास एक सप्ताह पहले आए थे। तब कोई बात क्यों नहीं उठाई। उद्योगपति और धनपशु हजार-हजार करोड़ रुपये लेकर घूम रहे हैं। इनका लक्ष्य बृजभूषण शरण सिंह नहीं हैं, इस पूरी साजिश के पीछे टारगेट दूसरा है।