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हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बैसाखी
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Fri, 15 Apr 2016 12:01 AM IST
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लंगर छकते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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स्थानीय गुरुद्वारे में बैसाखी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। बीते दिनों गुरुद्वारे में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर खालसा पंथ की स्थापना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के बाद सिख समुदाय के लोगों ने बैठकर लंगर छका।
गुरु सिंह सभा द्वारा गुरुद्वारे में 11 अप्रैल को गुरु ग्रंथ साहब का अखंड पाठ शुरु किया गया। 13 अप्रैल को पाठ की समाप्ति के बाद सभी लोगों ने अरदास किया। ज्ञानी मनजीत सिंह ने सबद कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया।
उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैसाखी के दिन ही गुरु गोविंद सिंह ने पंज प्यारों को अमृतपान कराकर खालसा पंथ की स्थापना की थी। खालसा पंथ को सच्चा बताते हुए उन्होंने लोगों को पंथ के आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाया।
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सबद कीर्तन व अरदास के बाद गुरुद्वारे में लंगर का आयोजन किया गया। सभी लोगों ने एक साथ बैठकर लंगर छका। इस दौरान गुरु सिंह सभा के प्रधान परमजीत सिंह, सतविंदर सिंह सोनी, सरदार अजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, महेंद्र पाल सिंह, अमरजीत सिंह बिट्टू, मनप्रीत सिंह आदि ने बढ़-चढ़ कर सेवा कार्य किया।
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गुरु सिंह सभा द्वारा गुरुद्वारे में 11 अप्रैल को गुरु ग्रंथ साहब का अखंड पाठ शुरु किया गया। 13 अप्रैल को पाठ की समाप्ति के बाद सभी लोगों ने अरदास किया। ज्ञानी मनजीत सिंह ने सबद कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया।
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उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैसाखी के दिन ही गुरु गोविंद सिंह ने पंज प्यारों को अमृतपान कराकर खालसा पंथ की स्थापना की थी। खालसा पंथ को सच्चा बताते हुए उन्होंने लोगों को पंथ के आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाया।
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सबद कीर्तन व अरदास के बाद गुरुद्वारे में लंगर का आयोजन किया गया। सभी लोगों ने एक साथ बैठकर लंगर छका। इस दौरान गुरु सिंह सभा के प्रधान परमजीत सिंह, सतविंदर सिंह सोनी, सरदार अजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, महेंद्र पाल सिंह, अमरजीत सिंह बिट्टू, मनप्रीत सिंह आदि ने बढ़-चढ़ कर सेवा कार्य किया।