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Gonda News: बच्चों को बांट दिए खराब एंटीबायोटिक सिरप
Fri, 24 Jan 2025 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:20 PM IST
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गोंडा। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अधोमानक दवाएं वितरित करने का मामला सामने आया है। ड्रग वेयर हाउस से जिले के सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2023 में बच्चों के लिए भेजा गया एंटीबायोटिक सिरप जांच में अधोमानक पाया गया है। महिला अस्पताल में भी दर्द निवारक एक इंजेक्शन जांच में फेल हो गया। एफएसडीए ने एंटीबायोटिक सिरप के मामले में दवा कंपनी पर न्यायालय में मुकदमा दायर किया है, जबकि इंजेक्शन का सैंपल फेल होने के मामले में निर्माता कंपनी की जांच शुरू कराई गई है।
ड्रग वेयर हाउस को जिले के सरकारी अस्पतालों के लिए 15 अक्तूबर 2022 को सिफिक्जीन एंटीबायोटिक सिरप की आपूर्ति की गई थी। मध्य प्रदेश के धार जिले की क्यूसेट लेबोरोट्राइज प्राइवेट लिमिटेड के बने इस सिरप का 15 मार्च 2023 को औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने सैंपल लिया था। 16 मई 2023 को आई जांच रिपोर्ट में यह सिरप अधाेमानक पाया गया। मगर लैब से जांच रिपोर्ट आने से पहले ही इस एंटीबायोटिक सिरप की 1250 शीशियां अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे बच्चों को बांट दी गईं।
इसी तरह जिला महिला अस्पताल में उत्तराखंड की एसवीपी लाइफ साइसेंज कंपनी ने 2023 में 1,000 प्रोमेथाजिन इंजेक्शन की आपूर्ति की थी। एफएसडीए की सैंपलिंग में यह इंजेक्शन भी फेल हो गया। यह दर्द निवारक इंजेक्शन महिलाओं को दिया जाता है। जब तक सैंपलिंग की रिपोर्ट आई तब तक 880 इंजेक्शन मरीजों को लगाए जा चुके थे। हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद इन इंजेक्शनों के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी गई है। स्टॉक में बचे 120 इंजेक्शन को अलग रखा गया है। (संवाद)
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औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने बताया कि एंटी बायोटिक सिरप के मामले में मध्य प्रदेश की निर्माता कंपनी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। दूसरे मामले में उत्तराखंड की कंपनी के लिए टीम को भेजा जा रही है। वहां पर जानकारी जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ड्रग वेयर हाउस को जिले के सरकारी अस्पतालों के लिए 15 अक्तूबर 2022 को सिफिक्जीन एंटीबायोटिक सिरप की आपूर्ति की गई थी। मध्य प्रदेश के धार जिले की क्यूसेट लेबोरोट्राइज प्राइवेट लिमिटेड के बने इस सिरप का 15 मार्च 2023 को औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने सैंपल लिया था। 16 मई 2023 को आई जांच रिपोर्ट में यह सिरप अधाेमानक पाया गया। मगर लैब से जांच रिपोर्ट आने से पहले ही इस एंटीबायोटिक सिरप की 1250 शीशियां अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे बच्चों को बांट दी गईं।
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इसी तरह जिला महिला अस्पताल में उत्तराखंड की एसवीपी लाइफ साइसेंज कंपनी ने 2023 में 1,000 प्रोमेथाजिन इंजेक्शन की आपूर्ति की थी। एफएसडीए की सैंपलिंग में यह इंजेक्शन भी फेल हो गया। यह दर्द निवारक इंजेक्शन महिलाओं को दिया जाता है। जब तक सैंपलिंग की रिपोर्ट आई तब तक 880 इंजेक्शन मरीजों को लगाए जा चुके थे। हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद इन इंजेक्शनों के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी गई है। स्टॉक में बचे 120 इंजेक्शन को अलग रखा गया है। (संवाद)
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औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने बताया कि एंटी बायोटिक सिरप के मामले में मध्य प्रदेश की निर्माता कंपनी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। दूसरे मामले में उत्तराखंड की कंपनी के लिए टीम को भेजा जा रही है। वहां पर जानकारी जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।