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Gonda News: गांव में ही बन जाएंगे बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड
Sat, 01 Feb 2025 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 01 Feb 2025 11:16 PM IST
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गोंडा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। जिसके लिए इन बुुजुर्गों को सीएचसी या अस्पतालों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगा। गांवों में ही इनका गोल्डन कार्ड बन जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1214 ग्राम पंचायतों में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें पंचायत सहायक व आशा बहू की मदद से गांव के बुजुर्गों का गोल्डन कार्ड बनेगा।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार जिले में 70 साल से अधिक आयु वर्ग वाले 56 हजार बुजुर्ग हैं। सरकार के नए नियमों के अनुसार अब इन बुजुर्गों को बिना शर्त पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाना है। अभी तक राशन कार्ड के सभी सदस्यों की उम्र 60 साल से अधिक होने पर ही गोल्डन कार्ड बनता था। लेकिन योजना का विस्तार मिलने पर 70 साल से अधिक आयु वाले सभी बुुजुर्गों को योजना से जोड़ा गया है। पंचायतों में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा गया है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक सीएचसी व अस्पतालों में कुल चार हजार बुजुर्गों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। बुजुर्ग घर बैठे खुद भी पंजीकरण कर सकते हैं। 70 साल से अधिक उम्र का कोई भी नागरिक चाहे गरीब हो या अमीर योजना का लाभ ले सकता है। पंजीकरण के लिए आधारकार्ड, राशनकार्ड, मोबाइल नंबर, पता प्रमाणपत्र आदि जरूरी है।
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समाज कल्याण विभाग के अनुसार जिले में 70 साल से अधिक आयु वर्ग वाले 56 हजार बुजुर्ग हैं। सरकार के नए नियमों के अनुसार अब इन बुजुर्गों को बिना शर्त पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाना है। अभी तक राशन कार्ड के सभी सदस्यों की उम्र 60 साल से अधिक होने पर ही गोल्डन कार्ड बनता था। लेकिन योजना का विस्तार मिलने पर 70 साल से अधिक आयु वाले सभी बुुजुर्गों को योजना से जोड़ा गया है। पंचायतों में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा गया है।
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आयुष्मान भारत योजना के जिला प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक सीएचसी व अस्पतालों में कुल चार हजार बुजुर्गों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। बुजुर्ग घर बैठे खुद भी पंजीकरण कर सकते हैं। 70 साल से अधिक उम्र का कोई भी नागरिक चाहे गरीब हो या अमीर योजना का लाभ ले सकता है। पंजीकरण के लिए आधारकार्ड, राशनकार्ड, मोबाइल नंबर, पता प्रमाणपत्र आदि जरूरी है।
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