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अवध हॉस्पिटल पर जांच का शिकंजा
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 07 Apr 2016 11:13 PM IST
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मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इन डॉक्टरों को सम्मानित किया।
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शहर के सरकुलर रोड स्थित एक अस्पताल में छह साल के बच्चे को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को पीड़ित परिवारीजनों की तरफ से मामले में जरूरी दस्तावेजों सहित जिलाधिकारी को दिए गए शिकायतीपत्र को सीएमओ के समक्ष प्रेषित किए जाने के बाद सीएमओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीएमओ डॉॅ. अमर सिंह कुशवाहा ने बताया कि अवध हॉस्पिटल में बच्चे को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने की शिकायत उन्हें मिली है, जिसके लिए डॉक्टरों की टीम गठित कर मामले की सघन जांच कराई जा रही है। अगर जांच में अस्पताल की लापरवाही उजागर होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार को इस मामले में पीड़ित युवक ने डीएम के नाम से शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया था कि उसके छह साल के बेटे को अवध नर्सिंग होम में एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, जिससे वह एचआईवी पाजिटिव हो गया।
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बेटे को बुखार होने पर परिवारीजनों ने उसे अवध नर्सिंग होम में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उससे तेज बुखार के कारण बेटे का पूरा खून जल जाने की बात कहते हुए खून चढ़ाए जाने के लिए कहा और इसके एवज में उससे साढ़े सात हजार रुपये भी ले लिए। लेकिन इसके बाद भी बेटे की तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में जब उसने बच्चे का दूसरी जगह इलाज कराया तो पता चला कि उसका बेटा एचआईवी संक्रमित हो गया है।
डीएम के पूरे मामले की जांच सीएमओ को सौंपे जाने के बाद पीड़ित परिवारीजनों ने अवध हॉस्पिटल में कराए गए बच्चे के इलाज की पूरी पत्रावली सीएमओ को सौंपी, जिसके बाद सीएमओ स्तर से मामले की जांच तेज कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने कहा कि अवध हॉस्पिटल से संबंधित शिकायत उन्हें मिली है, जिसमें छह साल के बच्चे को एचआईवी संक्रमित किए जाने का आरोप है।
मले की जांच के लिए डॉक्टरों का एक पैनल गठित किया गया है। अगर जांच में हॉस्पिटल की लापरवाही उजागर होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवध हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एनएन तिवारी ने कहा कि जरूरी काम से दिल्ली आया हूं। इस संबंध में न तो किसी शिकायत के बारे में कुछ पता है और न ही प्रकरण की कोई जानकारी है। दिल्ली से लौटकर ही इस बारे में कुछ बता पाऊंगा। रही बात मेरे यहां ब्लड लाने की तो यह काम मरीज का होता है। वह ब्लड लेकर आता है, जिसे वह चढ़ा देते हैं।