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पेड़ों में धार्मिक चिह्न उकेर कर संरक्षित करने का प्रयास
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मुजेहना (गोंडा)। पर्यावरण संरक्षण के लिए क्षेत्र की बेटियों ने पेड़ों को बचाने के लिए अनूठी पहल की है। बेटियों ने अपनी एक टोली बनाकर क्षेत्र के कई गांवों में पेड़ों पर धार्मिक चिह्नों के सहारे लोगों में भावना पैदा कर पेड़ संरक्षण का संकल्प लिया है।
रानीलक्ष्मीबाई पुरस्कार व देवी अवार्ड स्वाभिमान अवार्ड से सम्मानित जूली पांडे निवासिनी रूद्रगढ़नौसी के मजरा पंडित पुरवा ने बताया कि पेड़ मनुष्यों के लिए भगवान का दिया हुआ एक अनूठा उपहार है। पेड़ों से ही पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वर्षा होती है और वर्षा से ही जीवन संभव है। इसलिए पेड़ों का संरक्षण ही हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।
इसके लिए हमने लोगों में पेड़ों के प्रति प्रेम भावना जगाने के लिए उस पर भगवान के प्रतीक चिह्न जैसे ऊॅ, सूर्य, डमरू, स्वास्तिक, त्रिशूल शंख आदि धार्मिक चित्रों को अंकित करने का अभियान छेड़ा है। जिससे जो लोग पेड़ काटकर व्यवसाय कर रहे हैं उनमें अच्छी सोच जगे और पेड़ काटने से बचें। अब तक क्षेत्र में रुद्रगढ, नौसी, हरिहरपुर, बछईपुर आदि दर्जनों मजरों के पेड़ों पर आध्यात्मिक प्रतीक चिन्हों को अंकित कर पेड़ न काटने का संदेश देने का प्रयास किया गया है। टीम में रोहिणी, सुधा, पूनम पांडे, मीना, पूजा, तनु , कशिश रोशनी, कीर्ती उपासना आदि शामिल हैं।
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रानीलक्ष्मीबाई पुरस्कार व देवी अवार्ड स्वाभिमान अवार्ड से सम्मानित जूली पांडे निवासिनी रूद्रगढ़नौसी के मजरा पंडित पुरवा ने बताया कि पेड़ मनुष्यों के लिए भगवान का दिया हुआ एक अनूठा उपहार है। पेड़ों से ही पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वर्षा होती है और वर्षा से ही जीवन संभव है। इसलिए पेड़ों का संरक्षण ही हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।
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इसके लिए हमने लोगों में पेड़ों के प्रति प्रेम भावना जगाने के लिए उस पर भगवान के प्रतीक चिह्न जैसे ऊॅ, सूर्य, डमरू, स्वास्तिक, त्रिशूल शंख आदि धार्मिक चित्रों को अंकित करने का अभियान छेड़ा है। जिससे जो लोग पेड़ काटकर व्यवसाय कर रहे हैं उनमें अच्छी सोच जगे और पेड़ काटने से बचें। अब तक क्षेत्र में रुद्रगढ, नौसी, हरिहरपुर, बछईपुर आदि दर्जनों मजरों के पेड़ों पर आध्यात्मिक प्रतीक चिन्हों को अंकित कर पेड़ न काटने का संदेश देने का प्रयास किया गया है। टीम में रोहिणी, सुधा, पूनम पांडे, मीना, पूजा, तनु , कशिश रोशनी, कीर्ती उपासना आदि शामिल हैं।
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