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56 गांवों को कुपोषण मुक्त करने की कवायद

Mon, 31 Jul 2017 09:37 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Mon, 31 Jul 2017 09:37 PM IST
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attamp to save  56 villages from Drunkenness

बलरामपुर में पहले चरण के दौरान सदर ब्लॉक के 56 गांवों में बच्चों में कुपोषण को दूर कराने की कवायद शुरु कर दी गई है। इन गांवों को 28 जिला स्तरीय अफसरों ने गोद लेकर कुपोषणमुक्त का प्रयास शुरू कर दिया है। छह माह के अंदर कुपोषणमुक्त गांवों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। चरणबद्घ तरीके से पूरे जिले में कुपोषणमुक्त अभियान चलाया जाएगा।  

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डीपीओ सत्येन्द्र सिंह ने सोमवार को बताया कि डीएम राकेश कुमार मिश्र ने निर्देश दिया है कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए शासन स्तर से प्रयास शुरू किया गया है। प्रथम चरण के दौरान सदर ब्लॉक के 116 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 56 गांवों को 28 जिला स्तरीय अधिकारी गोद लेंगे।
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गोद लिए गए गांवों में अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों की पहचान की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर अतिकुपोषित बच्चों के मुफ्त इलाज कराए जाएंगे। गोद लिए गए गांवों में सभी गर्भवती महिलाओं व बच्चों का शत-प्रतिशत जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराया जाएगा।
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आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम की संयुक्त गठित टीम पोषण सखी के साथ घर-घर जाकर मां-बाप से पराशर्म करके उनके अतिकुपोषित बच्चों को इलाज के लिए जिला मेेमोरियल अस्पताल के पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराएंगे। पोषण पुर्नवास केंद्र में अतिकुपोषित बच्चों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा।


इलाज के दौरान बच्चे की मां को भोजन के साथ दैनिक भत्ता भी दिया जाएगा। सदर ब्लॉक के सभी 275 केंद्रों पर अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों का ब्यौरा जुटाया जाएगा। प्रथम चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे चरण में अन्य गांवों को गोद लेकर कुपोषणमुक्त बनाए जाएंगे।

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