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हत्यारे पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:27 PM IST
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समारोह में नृत्य को लेकर रामभारत उर्फ जोगी की हत्या करने वाले पिता-पुत्र
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को अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार तृतीय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई
है। इसके साथ 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अविनाश चंद श्रीवास्तव के अनुसार तरबगंज में 24 जून 2012 को ग्राम रामनगर तरहर निवासी फूलचंद ने ओमप्रकाश उर्फ वैधा व उसके पिता श्यामलाल निवासी करनीपुर बरियारपुरवा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि फूलचंद ग्राम धनौली में अपने रिश्तेदार राजेन्द्र के यहां कार्यक्रम में गया था।
रात में नृत्य कराने के विवाद को लेकर ओम प्रकाश व श्यामलाल ने उसके बेटे राम भारत उर्फ जोगी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों के बयान कराए।
अदालत ने दोनों पक्ष की बहस सुनने व पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त ओमप्रकाश व उसके पिता श्यामलाल को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोनों अभियुक्तों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अविनाश चंद श्रीवास्तव के अनुसार तरबगंज में 24 जून 2012 को ग्राम रामनगर तरहर निवासी फूलचंद ने ओमप्रकाश उर्फ वैधा व उसके पिता श्यामलाल निवासी करनीपुर बरियारपुरवा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि फूलचंद ग्राम धनौली में अपने रिश्तेदार राजेन्द्र के यहां कार्यक्रम में गया था।
रात में नृत्य कराने के विवाद को लेकर ओम प्रकाश व श्यामलाल ने उसके बेटे राम भारत उर्फ जोगी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों के बयान कराए।
अदालत ने दोनों पक्ष की बहस सुनने व पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त ओमप्रकाश व उसके पिता श्यामलाल को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोनों अभियुक्तों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।