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Gonda News: चार लाख घरों में जाएंगी आशा, जांचेंगी नमक की गुणवत्ता
Thu, 24 Oct 2024 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 24 Oct 2024 10:57 PM IST
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गोंडा। आयोडीन शरीर के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। शरीर में इसकी कमी से घेंघा, बहरापन, गूंगापन व अपंगता जैसी बीमारियां हो सकती हैं। आयोडीन की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग आशाओं के माध्यम से आयोडीनयुक्त नमक की जांच कराएगा। इसमें आशाओं को टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई गई है। आशा हर माह 50 घरों में दस्तक देकर नमक का नमूने लेकर किट से नमक की जांच करेंगी।
जिले की 3400 आशा कार्यकर्ताओं को अब नमक में आयोडीन के जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। दो महीने तक विशेष अभियान चलाकर 4 लाख घरों के नमक की जांच की जाएगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने बताया कि आयोडीनयुक्त नमक का सेवन न करना मनुष्य की सेहत के लिए हानिकारक है। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं व अन्य व्यक्ति घेंघा, कुपोषण, अपंगता व अन्य बीमारियां हो सकती हैं। आशा कर्मी घर-घर जाकर नमक के नमूने लेकर टेस्टिंग किट से आयोडीन की जांच करेंगी। इसके लिए सभी आशाओं को टेस्टिंग किट देकर प्रशिक्षण दिया गया है।
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भोजन में आयोडीन तत्व का पर्याप्त मात्रा होने से शरीर की बढ़त और बुद्धि में बढ़ोत्तरी होती है। आयोडीन की कमी से बच्चों में मंदबुद्धि, बौनापन, गूंगापन, बहरापन हो सकता है। गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है।
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