{"_id":"59552e214f1c1b2a328b469e","slug":"army-will-call-help-during-floods","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ के समय मदद को बुलाएंगे आर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ के समय मदद को बुलाएंगे आर्मी
amar ujala
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनैलगंज वासियों को बाढ़ की आपदा से बचाने के लिए प्रशासन ने पहले ही तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए कुमांयू रेंजीमेंट की आर्मी के साथ एनडीआरएफ को पत्र लिखा गया है।
एनडीआरएफ की फ्लड पीएसी को भी एक पत्र भेजा गया है। इससे समय पर उनकी मदद ली जा सके। जॉइंट मजिस्ट्रेट अर्चना वर्मा ने बताया कि बाढ़ से निपटने के इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं।
पहाड़ों पर हो रही बरसात से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर जिस तरह बढ़ रहा है, उससे स्थानीय लोगों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। नदी की गहराई बढ़ाने के लिए जिस ड्रोजर मशीन का प्रयोग अभी तक हो रहा था वह नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अब नदी से हटाई जाने लगी है, ताकि बाढ़ के पानी से ड्रोजर मशीन को नुकसान न हो।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि तहसील व जिला मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम, बाढ़ चौकियों की स्थापना के लिए मैप तैयार कर लिया गया है। आर्मी कुमायूं रेजीमेंट, एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी को पत्र लिखा गया है। नाव के ठेकेदारों ने नाव मुहैया कराने के लिए बांड भी भर दिया है।
डीजल-पेट्रोल व अन्य संसाधनों को सुुरक्षित कर लिया गया है। पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। बाढ़ से जानवरों के समक्ष चारे की समस्या न हो, इसकी भी व्यवस्था कर ली गई है। राहत व बचाव कार्य, खाद्य सामग्री के लिए टेंडर पूरा हो गया है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
विज्ञापन
एनडीआरएफ की फ्लड पीएसी को भी एक पत्र भेजा गया है। इससे समय पर उनकी मदद ली जा सके। जॉइंट मजिस्ट्रेट अर्चना वर्मा ने बताया कि बाढ़ से निपटने के इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पहाड़ों पर हो रही बरसात से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर जिस तरह बढ़ रहा है, उससे स्थानीय लोगों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। नदी की गहराई बढ़ाने के लिए जिस ड्रोजर मशीन का प्रयोग अभी तक हो रहा था वह नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अब नदी से हटाई जाने लगी है, ताकि बाढ़ के पानी से ड्रोजर मशीन को नुकसान न हो।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि तहसील व जिला मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम, बाढ़ चौकियों की स्थापना के लिए मैप तैयार कर लिया गया है। आर्मी कुमायूं रेजीमेंट, एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी को पत्र लिखा गया है। नाव के ठेकेदारों ने नाव मुहैया कराने के लिए बांड भी भर दिया है।
डीजल-पेट्रोल व अन्य संसाधनों को सुुरक्षित कर लिया गया है। पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। बाढ़ से जानवरों के समक्ष चारे की समस्या न हो, इसकी भी व्यवस्था कर ली गई है। राहत व बचाव कार्य, खाद्य सामग्री के लिए टेंडर पूरा हो गया है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी हो चुकी है।