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Gonda News: जमीन हड़पने की आरोपी महिला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
Sat, 01 Feb 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:03 AM IST
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गोंडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को कूटरचित वसीयतनामा और बैनामा से जमीन हड़पने के मामले में आरोपी महिला का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली नगर के ग्राम भदुवा तरहर की गुड्डी ने कोतवाली नगर में दर्ज कराए गए केस में कहा कि उसके पिता राम कृपाल की 16 जनवरी 2022 को मृत्यु हो गई थी। उनका मानसिक संतुलन भी खराब था। पिता की मौत के बाद उसके सगे नाबालिग भाई रक्षाराम का नाम जरिए वरासत राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। बालिग होने पर उसने साल 2015 में बहन गुड्डी के नाम वसीयतनामा पंजीकृत करा दिया। लेकिन उसके गांव के बृजेश कुमार अवस्थी ने जमीन हड़पने की नीयत से अपने दर्जनों साथियों व तरबगंज के उपनिबंधक के साथ मिलकर 15 जनवरी 2002 की तिथि में कूटरचित वसीयतनामा तैयार कर पिता की मृत्यु के 14 साल बाद आठ नवंबर 2016 को पंजीकृत करा लिया। इसके बाद बृजेश कुमार अवस्थी ने अपनी पत्नी विमलेश के नाम बैनामा करा लिया। सुनवाई के दौरान मुकदमे के साक्ष्य, तथ्य, परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजबहादुर रामदेव यादव ने आरोपी विमलेश का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली नगर के ग्राम भदुवा तरहर की गुड्डी ने कोतवाली नगर में दर्ज कराए गए केस में कहा कि उसके पिता राम कृपाल की 16 जनवरी 2022 को मृत्यु हो गई थी। उनका मानसिक संतुलन भी खराब था। पिता की मौत के बाद उसके सगे नाबालिग भाई रक्षाराम का नाम जरिए वरासत राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। बालिग होने पर उसने साल 2015 में बहन गुड्डी के नाम वसीयतनामा पंजीकृत करा दिया। लेकिन उसके गांव के बृजेश कुमार अवस्थी ने जमीन हड़पने की नीयत से अपने दर्जनों साथियों व तरबगंज के उपनिबंधक के साथ मिलकर 15 जनवरी 2002 की तिथि में कूटरचित वसीयतनामा तैयार कर पिता की मृत्यु के 14 साल बाद आठ नवंबर 2016 को पंजीकृत करा लिया। इसके बाद बृजेश कुमार अवस्थी ने अपनी पत्नी विमलेश के नाम बैनामा करा लिया। सुनवाई के दौरान मुकदमे के साक्ष्य, तथ्य, परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजबहादुर रामदेव यादव ने आरोपी विमलेश का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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