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Gonda News: बारिश के साथ ही माझा में बाढ़ का खतरा
Wed, 28 Jun 2023 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 28 Jun 2023 11:20 PM IST
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गोंडा। बारिश के साथ ही सरयू नदी में उफान होने के आसार बढ़ गए हैं। इससे करनैलगंज व तरबगंज क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक कर बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं, बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एल्ग्रिन-चरसड़ी तटबंध पर रेग्युलेटर निर्माण के लिए 75 लाख रुपये का बजट मिला है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली ने बाढ़ से पूर्व की तैयारियों की समीक्षा की। बाढ़ से प्रभावित होने वाले सभी बिंदुओं पर गहन चर्चा की। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता बीएन शुक्ल ने बताया कि बांध पर मरम्मत का कार्य पूरा करा लिया गया है। बाढ़ से पूर्व सभी तैयारियां कर ली गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायतीराज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित ग्रामों में नाव खरीदकर उपलब्ध करा दें। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियां चिह्नित कर ली गईं हैं। वहां सभी संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। बैठक में अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्त आदि मौजूद रहे।
बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने नावों और बाढ़ चौकियों को व्यवस्थित करने का काम तेज कर दिया है। वहीं, बारिश के साथ ही पहाड़ी नालों से पानी आने के कारण बाढ़ के खतरे से माझा के लोगों की धड़कन तेज हो गई है। करनैलगंज के नकहरा और गौरा क्षेत्र में बांध में दिक्कत आई तो तुरंत बाढ़ आएगी। वैसे भी इन क्षेत्रों के लोगों को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह तरबगंज में एली से लेकर लोलपुर तक करीब 200 गावों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। यहां तक अभी बांध भी नहीं है। जहां बांध नहीं है, वहां के लोगों को बाढ़ के दौरान राहत और सुविधाओं की जरूरत पड़ेगी। इस पर भी मंथन शुरू हो गया है।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली ने बाढ़ से पूर्व की तैयारियों की समीक्षा की। बाढ़ से प्रभावित होने वाले सभी बिंदुओं पर गहन चर्चा की। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता बीएन शुक्ल ने बताया कि बांध पर मरम्मत का कार्य पूरा करा लिया गया है। बाढ़ से पूर्व सभी तैयारियां कर ली गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायतीराज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित ग्रामों में नाव खरीदकर उपलब्ध करा दें। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियां चिह्नित कर ली गईं हैं। वहां सभी संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। बैठक में अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्त आदि मौजूद रहे।
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बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने नावों और बाढ़ चौकियों को व्यवस्थित करने का काम तेज कर दिया है। वहीं, बारिश के साथ ही पहाड़ी नालों से पानी आने के कारण बाढ़ के खतरे से माझा के लोगों की धड़कन तेज हो गई है। करनैलगंज के नकहरा और गौरा क्षेत्र में बांध में दिक्कत आई तो तुरंत बाढ़ आएगी। वैसे भी इन क्षेत्रों के लोगों को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह तरबगंज में एली से लेकर लोलपुर तक करीब 200 गावों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। यहां तक अभी बांध भी नहीं है। जहां बांध नहीं है, वहां के लोगों को बाढ़ के दौरान राहत और सुविधाओं की जरूरत पड़ेगी। इस पर भी मंथन शुरू हो गया है।
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