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दफ्तरों के साथ अब गांवों में भी पहुंचा कोरोना संक्रमण

Mon, 17 Jan 2022 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:48 PM IST
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Along with the offices, now the corona infection reached the villages as well
गोंडा। कोरोना संक्रमण देखते ही देखते साढ़े चार सौ से अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। इसके बावजूद लोग सतर्क नहीं दिख रहे हैं। इसे हल्के में लेना भारी पड़ रहा है। स्थिति यह है कि डीआईजी, डीएम व सीएमओ समेत एक दर्जन से अधिक जिम्मेदार अधिकारी ही कई दिनों से संक्रमित हैं।
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परिस्थितियां ऐसी हैं कि अब होशियार होने की जरूरत है। कोविड गाइडलाइन का पालन करके ही हम कोरोना पर वार कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से पूरे जिले में अपील कराई जा रही है, कलेक्ट्रेट में तो लगातार माइक से सतर्कता का पाठ पढ़ाया जा रहा है फिर भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं।
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जिले में नौ जनवरी तक कोरोना के सिर्फ 55 केस थे लेकिन सप्ताह भर में ही संक्रमित लोगों की संख्या 479 से अधिक हो गई है। इससे स्पष्ट है कि संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को बिना मास्क के बाहर न घूमने की सलाह लगातार दे रहा है।
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सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजर के प्रयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। अब तो अनावश्यक घर से न निकलने और एक साथ कई लोगों के एकत्र न होने की बात कही जा रही है। धारा 144 भी लागू कर दी गई है, इसके बाद भी बाजारों और दुकानों पर भीड़ जुटना चिंताजनक है।
एसीएमओ डॉ. एपी सिंह कहते हैं कि बहुत जरूरी हो गया है कि अब लोग गंभीर हो जाएं। यह सही है कि टीकाकरण से कोरोना संक्रमण ज्यादा नुकसानदेह नहीं है लेकिन संक्रमण को नियंत्रित करने की पहल जरूरी है। सभी को आगे आना होगा। एकजुट होकर ही कोरोना से जंग लड़ना पड़ेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जय गोविंद कहते हैं कि लोगों को फिर पिछले सालों की तरह संयम का परिचय देना होगा। लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले चिंताजनक हैं।
कोरोना का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को आई जांच रिपोर्ट के मुताबिक जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट राजकुमार चौधारी के साथ ही 92 नये मामले सामने आए हैं। इनमें जिला कारागार के चार कैदी और कोविड अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल हैं। राजकीय पॉलीटेक्निक के कर्मचारी भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जांच के साथ ही कोरोना के नये मामले सामने आ रहे हैं। कोविड जांच टीमों को शहर के साथ ही रेलवे स्टेशन पर भी सक्रिय किया गया है।
कोरोना से बचाव के लिए सरकारी दफ्तर हों या संस्थान, वहां पहले जैसे इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। एटीएम बूथ में सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं है। बैंकों में लगातार भीड़ जुटती है। दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की व्यवस्था लागू नहीं की गई है। जिला अस्पताल से लेकर जिस भी दफ्तर में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है, उसे स्थगित नहीं किया गया है।
ऐसे में कोरोना का संक्रमण बढ़ना तय माना जा रहा है। ऐसी ही अनदेखी से लगातार केस बढ़ते जा रहे हैं और अधिकारी सिर्फ दावे करते दिख रहे हैं। धरातल पर गंभीरता से बचाव के तरीकों को लागू करने की पहल नहीं हो रही है।

सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी लोग सतर्कता बरतें। कोविड गाइडलाइन का पालन करें। बेवजह घरों से न निकलें, भीड़ न जुटाएं। दो गज की दूरी के साथ ही मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग प्रभावी ढंग से करें।
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