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सभी ग्राम पंचायत सचिवों से जवाब तलब
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:41 PM IST
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जिले में प्रसाधन कक्षों के निर्माण में भारी अनियमितता बरतने का खुलासा हुआ है। ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों ने मिलीभगत कर लाभार्थियों के बजाय अपने चहेतों को प्रसाधन कक्ष का बजट बांटने की रिपोर्ट मिली है। बेसलाइन सर्वे से भिन्न लोगों को प्रसाधन कक्ष का बजट देकर भारी अनियमितता की गई है। इस बावत जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों से एक सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया गया है। जवाब संतोषजनक न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर गुरुवार को डीपीआरओ उपेंद्र राज सिंह ने जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को आरोप पत्र जारी करके एक सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया है।
डीपीआरओ ने जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत अभियान के जिला समन्वयक अमित कुमार श्रीवास्तव व योगेश कुमार से जिले के सभी नौ ब्लॉकों में प्रसाधन कक्षों के निर्माण की गहन समीक्षा की।
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समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराए गए प्रसाधन कक्षों के बजट की सूची का बेसलाइन सर्वे से मिलान किया तो तमाम चयनित लाभार्थियों के बजाय अन्य को प्रसाधन कक्ष का बजट बांटने की रिपोर्ट मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम प्रधान व सचिव ने मनमाने ढंग से बेसलाइन सर्वे से भिन्न लाभार्थियों का चयन करके प्रसाधन कक्षों का निर्माण करा रहे हैं जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
डीपीआरओ ने डीएम के निर्देश पर जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों से एक सप्ताह में प्रसाधन कक्षों की रिपोर्ट तलब की है। डीपीआरओ ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध न कराने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही डीपीआरओ ने यह भी चेतावनी दी है कि बेसलाइन सर्वे से भिन्न लाभार्थियों के प्रसाधन कक्ष बनवाने की पुष्टि होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान से प्रसाधन कक्षों की धनराशि वसूली जाएगी।
सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्मित प्रसाधन कक्षों की रिपोर्ट फोटोग्राफ समेत भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कराने का निर्देश दिया जा रहा है।
समीक्षा बैठकों के दौरान बार-बार रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश व कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निर्मित प्रसाधन कक्षों की रिपोर्ट बेसलाइन से चयनित लाभार्थियों की सूची से मिलान करने के बाद वित्तीय अनियमितता का खुलासा होगा। खुलासा होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान से प्रसाधन घरों की धनराशि वसूली जाएगी।
बेसलाइन से चयनित लाभार्थियों के बजाय चहेतों को प्रसाधन कक्ष का बजट बांटने की पुष्टि होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय अनियमितता करने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट पंचायती राज विभाग के निदेशक को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।
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डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर गुरुवार को डीपीआरओ उपेंद्र राज सिंह ने जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को आरोप पत्र जारी करके एक सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया है।
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डीपीआरओ ने जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत अभियान के जिला समन्वयक अमित कुमार श्रीवास्तव व योगेश कुमार से जिले के सभी नौ ब्लॉकों में प्रसाधन कक्षों के निर्माण की गहन समीक्षा की।
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समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराए गए प्रसाधन कक्षों के बजट की सूची का बेसलाइन सर्वे से मिलान किया तो तमाम चयनित लाभार्थियों के बजाय अन्य को प्रसाधन कक्ष का बजट बांटने की रिपोर्ट मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम प्रधान व सचिव ने मनमाने ढंग से बेसलाइन सर्वे से भिन्न लाभार्थियों का चयन करके प्रसाधन कक्षों का निर्माण करा रहे हैं जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
डीपीआरओ ने डीएम के निर्देश पर जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों से एक सप्ताह में प्रसाधन कक्षों की रिपोर्ट तलब की है। डीपीआरओ ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध न कराने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही डीपीआरओ ने यह भी चेतावनी दी है कि बेसलाइन सर्वे से भिन्न लाभार्थियों के प्रसाधन कक्ष बनवाने की पुष्टि होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान से प्रसाधन कक्षों की धनराशि वसूली जाएगी।
सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्मित प्रसाधन कक्षों की रिपोर्ट फोटोग्राफ समेत भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कराने का निर्देश दिया जा रहा है।
समीक्षा बैठकों के दौरान बार-बार रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश व कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निर्मित प्रसाधन कक्षों की रिपोर्ट बेसलाइन से चयनित लाभार्थियों की सूची से मिलान करने के बाद वित्तीय अनियमितता का खुलासा होगा। खुलासा होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान से प्रसाधन घरों की धनराशि वसूली जाएगी।
बेसलाइन से चयनित लाभार्थियों के बजाय चहेतों को प्रसाधन कक्ष का बजट बांटने की पुष्टि होने पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय अनियमितता करने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट पंचायती राज विभाग के निदेशक को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।