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Gonda News: अहिरावण व नारांतक वध का हुआ मंचन
Fri, 11 Oct 2024 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 11 Oct 2024 11:03 PM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। नगर के रामलीला महोत्सव में शुक्रवार को अहिरावण वध व नारांतक वध की लीला का सजीव मंचन हुआ। लीला समापन के बाद फांसी नाटक का जीवंत मंचन हुआ। जिसे देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
लीला मंचन में मेघनाद का वध होने पर रावण व्यथित हो जाता है। वह मंत्र आकर्षण जप से पाताल से आकर्षित करके अहिरावण को बुलाता है। जो बहुत ही बलवान तथा मायावी था। अहिरावण रात्रि में विभीषण का रूप धरकर रामादल में प्रवेश करके श्रीराम व लक्ष्मण का हरण करके कामाख्या देवी पातालपुरी देवी के सन्मुख बलि चढ़ाने के लिए ले आता है। रामादल में श्रीराम व लक्ष्मण को न पाकर सभी व्याकुल हो जाते हैं। विभीषण ने बताया कि उनका रूप केवल अहिरावण ही बना सकता है। हनुमान जी पाताल लोक के लिए प्रस्थान करते हैं, जहां मकरध्वज से सामना होता। जैसे ही बलि चढ़ाने को अहिरावण तलवार उठाता है, हनुमान जी प्रकट होकर उसकी तलवार छीन लेते हैं तथा उसका वध करके श्रीराम व लक्ष्मण को कंधे पर बैठाकर रामादल पहुंच जाते हैं। रावण की पत्नी धन्य मालिनी का पुत्र नारांतक विह्ववलपुर का राजा था। रावण ने संदेश देकर उसे सेना सहित बुलवाया। नारांतक तथा रामा दल के वीरों में घनघोर युद्ध हुआ। सुग्रीव के पुत्र दधिबल से युद्ध में नारांतक मारा जाता है। शुक्रवार की लीला में दर्शकों की भीड़ जुटी।
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लीला मंचन में मेघनाद का वध होने पर रावण व्यथित हो जाता है। वह मंत्र आकर्षण जप से पाताल से आकर्षित करके अहिरावण को बुलाता है। जो बहुत ही बलवान तथा मायावी था। अहिरावण रात्रि में विभीषण का रूप धरकर रामादल में प्रवेश करके श्रीराम व लक्ष्मण का हरण करके कामाख्या देवी पातालपुरी देवी के सन्मुख बलि चढ़ाने के लिए ले आता है। रामादल में श्रीराम व लक्ष्मण को न पाकर सभी व्याकुल हो जाते हैं। विभीषण ने बताया कि उनका रूप केवल अहिरावण ही बना सकता है। हनुमान जी पाताल लोक के लिए प्रस्थान करते हैं, जहां मकरध्वज से सामना होता। जैसे ही बलि चढ़ाने को अहिरावण तलवार उठाता है, हनुमान जी प्रकट होकर उसकी तलवार छीन लेते हैं तथा उसका वध करके श्रीराम व लक्ष्मण को कंधे पर बैठाकर रामादल पहुंच जाते हैं। रावण की पत्नी धन्य मालिनी का पुत्र नारांतक विह्ववलपुर का राजा था। रावण ने संदेश देकर उसे सेना सहित बुलवाया। नारांतक तथा रामा दल के वीरों में घनघोर युद्ध हुआ। सुग्रीव के पुत्र दधिबल से युद्ध में नारांतक मारा जाता है। शुक्रवार की लीला में दर्शकों की भीड़ जुटी।
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